माली: यूएन शान्तिरक्षकों पर घातक हमले की कठोरतम शब्दों में निन्दा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने माली में संयुक्त राष्ट्र मिशन के लिये अपनी सेवाएँ दे रहे शान्तिरक्षकों पर, शुक्रवार को हुए एक घातक हमले की कठोरतम शब्दों में निन्दा की है. 

उस हमले में चाड के चार शान्तिरक्षकों की मौत हो गई और 19 अन्य घायल हो गए.
ये हमला सशस्त्र तत्वों ने यूएन शान्तिरक्षा मिशन एगुएलहॉक नामक शिविर के परिसर पर किया जोकि देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र किदाल में स्थित है.
यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश के प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने एक वक्तव्य जारी करके कहा, “महासचिव ने याद दिलाते हुए कहा कि शान्तिरक्षकों को निशाना बनाने वाले हमले, अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के अन्तर्गत युद्धापराध की श्रेणी में परिभाषित किये जा सकते हैं, और ऐसे हमलों के लिये ज़िम्मेदार तत्वों के ख़िलाफ़ प्रतिबन्ध लगाए जा सकते हैं.”
“महासचिव ने माली सरकार से आग्रह किया कि इस घातक हमले के लिये ज़िम्मेदार तत्वों की पहचान करने और उन्हें तेज़ी से न्याय के कटघरे में लाने में, कोई क़सर बाक़ी ना छोड़ी जाए.”
भारी हथियारों का इस्तेमाल
ये हमला शुक्रवार को, स्थानीय समय के अनुसार प्रातः लगभग सवा छह बजे हुआ.
घायलों को इलाज के लिये उपयुक्त स्थानों पर पहुँचाने के लिये हैलीकॉप्टरों का सहारा लिया गया.
माली में यूएन शान्तिरक्षा मिशन ने फ्रेंच भाषा में जारी एक वक्तव्य में कहा कि शान्तिरक्षकों ने उनके परिसर पर हुए इस हमले का बहादुरी से मुक़ाबला किया, जिसमें अनेक हमलावर भी मारे गए.
इस हमले में आतंकवादियों ने अनेक भारी हथियारों का प्रयोग किया.
यूएन शान्तिरक्षा मिशन ने इस हमले की कठोर शब्दों में निन्दा की है और इसे, शान्ति के दुश्मनों द्वारा, शान्ति प्रक्रिया व समझौते को लागू किये जाने के ख़िलाफ़, एक और प्रयास क़रार दिया. 
संयुक्त राष्ट्र के शान्तिरक्षा मामलों के मुखिया ज्याँ पियर लैक्रोआ ने फ्रेंच भषा में लिखे एक ट्वीट के ज़रिये इस हमले की निन्दा इन शब्दों में की, कि इस अपराध का दण्ड अवश्य सुनिश्चित होना चाहिये.
माली में यूएन शान्तिरक्षा मिशन और ज्याँ पियर लैक्रोआ दोनों ने ही चाड सरकार और हताहत शान्तिरक्षकों के परिवारों को शोक सन्देश व सम्वेदनाएँ भेजी हैं. साथ ही, घायल शान्तिरक्षकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की है.
माली में यूएन शान्तरक्षा मिशन – MINUSMA ने, देश में, एक सैनिक विद्रोह और उत्तरी क्षेत्र पर इस्लामी विद्रोहियों का क़ब्ज़ा होने के बाद, अपना काम 2013 में शुरू किया था. 
ये शान्तिरक्षा मिशन 2015 में, माली सरकार और दो सशस्त्र गुटों के बीच हुए शान्ति समझौते को लागू करने में मदद कर रहा है.
माली में यूएन शान्तिरक्षा मिशन को, बेहद ख़तरनाक यूएन अभियानों गिना जाता है., संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने माली में संयुक्त राष्ट्र मिशन के लिये अपनी सेवाएँ दे रहे शान्तिरक्षकों पर, शुक्रवार को हुए एक घातक हमले की कठोरतम शब्दों में निन्दा की है. 

उस हमले में चाड के चार शान्तिरक्षकों की मौत हो गई और 19 अन्य घायल हो गए.

ये हमला सशस्त्र तत्वों ने यूएन शान्तिरक्षा मिशन एगुएलहॉक नामक शिविर के परिसर पर किया जोकि देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र किदाल में स्थित है.

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश के प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने एक वक्तव्य जारी करके कहा, “महासचिव ने याद दिलाते हुए कहा कि शान्तिरक्षकों को निशाना बनाने वाले हमले, अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के अन्तर्गत युद्धापराध की श्रेणी में परिभाषित किये जा सकते हैं, और ऐसे हमलों के लिये ज़िम्मेदार तत्वों के ख़िलाफ़ प्रतिबन्ध लगाए जा सकते हैं.”

“महासचिव ने माली सरकार से आग्रह किया कि इस घातक हमले के लिये ज़िम्मेदार तत्वों की पहचान करने और उन्हें तेज़ी से न्याय के कटघरे में लाने में, कोई क़सर बाक़ी ना छोड़ी जाए.”

भारी हथियारों का इस्तेमाल

ये हमला शुक्रवार को, स्थानीय समय के अनुसार प्रातः लगभग सवा छह बजे हुआ.

घायलों को इलाज के लिये उपयुक्त स्थानों पर पहुँचाने के लिये हैलीकॉप्टरों का सहारा लिया गया.

माली में यूएन शान्तिरक्षा मिशन ने फ्रेंच भाषा में जारी एक वक्तव्य में कहा कि शान्तिरक्षकों ने उनके परिसर पर हुए इस हमले का बहादुरी से मुक़ाबला किया, जिसमें अनेक हमलावर भी मारे गए.

इस हमले में आतंकवादियों ने अनेक भारी हथियारों का प्रयोग किया.

यूएन शान्तिरक्षा मिशन ने इस हमले की कठोर शब्दों में निन्दा की है और इसे, शान्ति के दुश्मनों द्वारा, शान्ति प्रक्रिया व समझौते को लागू किये जाने के ख़िलाफ़, एक और प्रयास क़रार दिया. 

संयुक्त राष्ट्र के शान्तिरक्षा मामलों के मुखिया ज्याँ पियर लैक्रोआ ने फ्रेंच भषा में लिखे एक ट्वीट के ज़रिये इस हमले की निन्दा इन शब्दों में की, कि इस अपराध का दण्ड अवश्य सुनिश्चित होना चाहिये.

माली में यूएन शान्तिरक्षा मिशन और ज्याँ पियर लैक्रोआ दोनों ने ही चाड सरकार और हताहत शान्तिरक्षकों के परिवारों को शोक सन्देश व सम्वेदनाएँ भेजी हैं. साथ ही, घायल शान्तिरक्षकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की है.

माली में यूएन शान्तरक्षा मिशन – MINUSMA ने, देश में, एक सैनिक विद्रोह और उत्तरी क्षेत्र पर इस्लामी विद्रोहियों का क़ब्ज़ा होने के बाद, अपना काम 2013 में शुरू किया था. 

ये शान्तिरक्षा मिशन 2015 में, माली सरकार और दो सशस्त्र गुटों के बीच हुए शान्ति समझौते को लागू करने में मदद कर रहा है.

माली में यूएन शान्तिरक्षा मिशन को, बेहद ख़तरनाक यूएन अभियानों गिना जाता है.

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