यूएन के पुरोधा राजनयिक सर ब्रायन अर्कहार्ट का 101 वर्ष की आयु में निधन

संयुक्त राष्ट्र के एक पूर्व वरिष्ठ राजनयिक सर ब्रायन अर्कहार्ट का 2 जनवरी को 101 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने उनके निधन पर शोक प्रकट किया है और उनके परिवार व दुनिया भर में मौजूद, उन तमाम लोगों के प्रति सम्वेदना व्यक्त की है जो उनके लिये प्रेम व आदर का भाव रखते थे.

ब्रितानी मूल के राजनयिक सर ब्रायन अर्कहार्ट ने 41 वर्षों तक, विभिन्न पदों पर संयुक्त राष्ट्र की सेवा की. वो यूएन के 5 महासचिवों के शीर्ष सलाहकार भी रहे. 

Secretary-General @antonioguterres is deeply saddened at the passing of Sir Brian Urquhart, the legendary @UN official. As one of the Organization’s earliest employees, he set the standard for the international civil service. https://t.co/P2grly5aLS pic.twitter.com/oNleAj8clk— UN Spokesperson (@UN_Spokesperson) January 3, 2021

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सर ब्रायन को “एक ऐसा सम्मानित और प्रतिबद्ध अधिकारी बताया जिन्होंने एक लम्बे समय तक इस विश्व संगठन के लिये काम किया. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र पर एक ऐसी गहरी छाप छोड़ी है, जिसकी तुलना किसी के भी साथ नहीं की जा सकती.”
महासचिव ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र के कुछ प्रथम कर्मचारियों में शामिल, सर ब्रायन अर्कहार्ट ने अन्तरराष्ट्रीय सिविल सेवा के लिये मानक तय किये: निस्वार्थ समर्पण और निष्पक्षता.”
“महासचिव हैमर्सहोल्ड के एक सहायक के रूप में, उन्होंने सशस्त्र संघर्षों और अन्य वैश्विक चुनौतियों का जवाब देने के लिये चलाए गए, यूएन अभियानों के कार्यक्षेत्र व पटल को आकार देने में मदद की.”
उन्होंने कहा, “मशहूर यूएन राजनयिक और नोबेल शान्ति पुरस्कार विजेता राल्फ़ बन्चे के एक सहकर्मी के रूप में, उन्होंने अन्तरराष्ट्रीय शान्तिरक्षा अभियानों की स्थापना और आगे चलकर उन्हें व्यापक रूप में बढ़ावा देने में भी मदद की.”
एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, “सर ब्रायन अर्कहार्ट, दशकों तक, काँगो से लेकर मध्य पूर्व तक, संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिवों के साथ काम करते हुए, सदैव ही प्रमुख अन्तरराष्ट्रीय घटनाओं के केन्द्र  रहे.”
“सर ब्रायन, संयुक्त राष्ट्र के साथ अपनी सेवाएँ समाप्त करने के बाद भी अन्तरराष्ट्रीय गतिविधियों में, गहराई के साथ सक्रिय रहे और उन्होंने अनेक लेख लिखें हें जिनमें हैमर्सहोल्ड और बन्चे की आधिकारिक जीवनियाँ भी शामिल हैं. उन्हें यूएन कर्मचारियों के लिये दिग्दर्शक और अपना करियर बनाने के लिये अनगिनत युवा प्रत्याशियों का आदर्श भी समझा जाता है.”
गहरी छाप व आशावादी
सर ब्रायन अर्कहार्ट 1986 में संयुक्त राष्ट्र से रिटायर हुए थे.
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के 5 महासचिवों के शीर्ष सलाहकार के रूप में काम किया, 13 शान्तिरक्षा अभियानों की अगुवाई की, 23 देशों से 10 हज़ार सैनिकों की भर्ती की और शान्तिरक्षा को, संयुक्त राष्ट्र का प्रमुख कार्यों में स्थापित किया.
सर ब्रायन अर्कहार्ट ने, 1945 में, संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के बाद, शुरुआती दिनों के बारे में लिखे गए अपने संस्मरण – A Life in Peace and War – में लिखा है, “हम सभी आशावादी थे… जिन्हें एक शान्तिपूर्ण और न्यायसंगत विश्व को आकार देने की सम्भावना में भरोसा था.”
सर ब्रायन अर्कहार्ट ने उसी तरह का आशावाद, संयुक्त राष्ट्र और इतिहास को आकार देने में अपनी भूमिका निभाते हुए, अपने पूरे जीवन भर बनाए रखा.
यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, “दुनिया भर के लोगों के एक पुरोधा सेवक के रूप में, उनकी असाधारण प्रतिभा और अतुलनीय योगदान के लिये, हम सर ब्रायन अर्कहार्ट के आभारी हैं.”, संयुक्त राष्ट्र के एक पूर्व वरिष्ठ राजनयिक सर ब्रायन अर्कहार्ट का 2 जनवरी को 101 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने उनके निधन पर शोक प्रकट किया है और उनके परिवार व दुनिया भर में मौजूद, उन तमाम लोगों के प्रति सम्वेदना व्यक्त की है जो उनके लिये प्रेम व आदर का भाव रखते थे.

ब्रितानी मूल के राजनयिक सर ब्रायन अर्कहार्ट ने 41 वर्षों तक, विभिन्न पदों पर संयुक्त राष्ट्र की सेवा की. वो यूएन के 5 महासचिवों के शीर्ष सलाहकार भी रहे. 

यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सर ब्रायन को “एक ऐसा सम्मानित और प्रतिबद्ध अधिकारी बताया जिन्होंने एक लम्बे समय तक इस विश्व संगठन के लिये काम किया. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र पर एक ऐसी गहरी छाप छोड़ी है, जिसकी तुलना किसी के भी साथ नहीं की जा सकती.”

महासचिव ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र के कुछ प्रथम कर्मचारियों में शामिल, सर ब्रायन अर्कहार्ट ने अन्तरराष्ट्रीय सिविल सेवा के लिये मानक तय किये: निस्वार्थ समर्पण और निष्पक्षता.”

“महासचिव हैमर्सहोल्ड के एक सहायक के रूप में, उन्होंने सशस्त्र संघर्षों और अन्य वैश्विक चुनौतियों का जवाब देने के लिये चलाए गए, यूएन अभियानों के कार्यक्षेत्र व पटल को आकार देने में मदद की.”

उन्होंने कहा, “मशहूर यूएन राजनयिक और नोबेल शान्ति पुरस्कार विजेता राल्फ़ बन्चे के एक सहकर्मी के रूप में, उन्होंने अन्तरराष्ट्रीय शान्तिरक्षा अभियानों की स्थापना और आगे चलकर उन्हें व्यापक रूप में बढ़ावा देने में भी मदद की.”

एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, “सर ब्रायन अर्कहार्ट, दशकों तक, काँगो से लेकर मध्य पूर्व तक, संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिवों के साथ काम करते हुए, सदैव ही प्रमुख अन्तरराष्ट्रीय घटनाओं के केन्द्र  रहे.”

“सर ब्रायन, संयुक्त राष्ट्र के साथ अपनी सेवाएँ समाप्त करने के बाद भी अन्तरराष्ट्रीय गतिविधियों में, गहराई के साथ सक्रिय रहे और उन्होंने अनेक लेख लिखें हें जिनमें हैमर्सहोल्ड और बन्चे की आधिकारिक जीवनियाँ भी शामिल हैं. उन्हें यूएन कर्मचारियों के लिये दिग्दर्शक और अपना करियर बनाने के लिये अनगिनत युवा प्रत्याशियों का आदर्श भी समझा जाता है.”

गहरी छाप व आशावादी

सर ब्रायन अर्कहार्ट 1986 में संयुक्त राष्ट्र से रिटायर हुए थे.

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के 5 महासचिवों के शीर्ष सलाहकार के रूप में काम किया, 13 शान्तिरक्षा अभियानों की अगुवाई की, 23 देशों से 10 हज़ार सैनिकों की भर्ती की और शान्तिरक्षा को, संयुक्त राष्ट्र का प्रमुख कार्यों में स्थापित किया.

सर ब्रायन अर्कहार्ट ने, 1945 में, संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के बाद, शुरुआती दिनों के बारे में लिखे गए अपने संस्मरण – A Life in Peace and War – में लिखा है, “हम सभी आशावादी थे… जिन्हें एक शान्तिपूर्ण और न्यायसंगत विश्व को आकार देने की सम्भावना में भरोसा था.”

सर ब्रायन अर्कहार्ट ने उसी तरह का आशावाद, संयुक्त राष्ट्र और इतिहास को आकार देने में अपनी भूमिका निभाते हुए, अपने पूरे जीवन भर बनाए रखा.

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, “दुनिया भर के लोगों के एक पुरोधा सेवक के रूप में, उनकी असाधारण प्रतिभा और अतुलनीय योगदान के लिये, हम सर ब्रायन अर्कहार्ट के आभारी हैं.”

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