यूएन दिवस: कोविड-19 के ख़िलाफ़ वैश्विक युद्धविराम के लिये कमर कसने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शनिवार, 24 अक्टूबर, को यूएन दिवस के अवसर पर कहा है कि संगठन की स्थापना की 75वीं वर्षगाँठ एक वैश्विक महामारी के दौर में आई है और ऐसे में संगठन का संस्थापना मिशन, पहले से कहीं ज़्यादा स्पष्ट है. उन्होंने 75वीं वर्षगाँठ के मौक़े पर दुनिया भर में हर जगह, सभी लोगों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा है कि इसी के बल पर इनसानियत के सामने दरपेश विशाल चुनौतियों का मुक़ाबला किया जा सकता है.

महासचिव ने यूएन दिवस पर दिये सन्देश में संगठन के संस्थापना मूल्यों व सिद्धान्तों की तरफ़ ध्यान आकर्षित किया. जिनमें मानव गरिमा को बढ़ावा देना, मानवाधिकारों की हिफ़ाज़त करना, अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का सम्मान करना, और मानवता को युद्ध से बचाना शामिल हैं.

As we mark the @UN’s 75th anniversary, our founding mission is more critical than ever.Let us come together and realize our shared vision of a better world – with peace and dignity for all.#UNDay #UN75 pic.twitter.com/r5ux0gaYbK— António Guterres (@antonioguterres) October 23, 2020

यूएन प्रमुख ने विश्व शान्ति की ज़रूरत पर ज़ोर देते हए कहा कि जब महामारी शुरू हुई थी तो उन्होंने एक वैश्विक युद्धविराम का आहवान किया था. आज हमारी दुनिया में, हमारा एक साझा दुश्मन है: कोविड-19.
“वैश्विक युद्धविराम हासिल करने के लिये शान्ति की ख़ातिर प्रयास बढ़ाने का अभी बिल्कुल सही समय है. समय बीता जा रहा है.”
उन्होंने कहा कि हमें अपने ग्रह के साथ भी शान्ति का रिश्ता क़ायम करना होगा. जलवायु संकट ने जीवन को ही ख़तरे में डाल दिया है.
“हमें वर्ष 2050 तक ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कार्बन निष्पक्षता की स्थिति हासिल करने के लिये पूरी दुनिया को सक्रिय करना होगा.बहुत से देशों और कम्पनियों ने ये लक्ष्य हासिल करने के लिये पहले ही प्रतिबद्धता ज़ाहिर कर दी है.”
दुनिया भर में, हमें ग़रीबी, विषमता, भुखमरी और नफ़रत से होने वाली मानवीय तकलीफ़ें कम करने के लिये और ज़्यादा प्रयास करने होंगे – और नस्ल, धर्म, लिंग व अन्य किसी भी आधार पर होने वाले भेदभाव के ख़िलाफ़ जंग लड़नी होगी.
महामारी के दौरान महिलाओं और लड़कियों के ख़िलाफ़ हिंसा में भयावह बढ़ोत्तरी देखी गई है जिस पर चिन्ता ज़ाहिर करते हुए महासचिव नेअब तक हुई प्रगति को आगे बढ़ाने की बात कही है. 
उन्होंने स्पष्ट किया कि कोविड-19 की एक सुरक्षित, किफ़ायती और सभी को उपलब्ध होने वाली वैक्सीन के लिये क़ाबिले तारीफ़ वैश्विक सहयोग बन रहा है.
एंतोनियो गुटेरेश के मुताबिक टिकाऊ विकास लक्ष्य हमें पुनर्बहाली का प्रेरणादायक ब्लूप्रिण्ट मुहैया कराते हैं.
“हमारे सामने विशाल चुनौतियाँ हैं. हम, वैश्विक एकजुटता व सहयोग के बल पर, इन चुनौतियों पर पार पा सकते हैं. संयुक्त राष्ट्र इसी के लिये मौजूद है.”
यूएन प्रमुख ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र, ना केवल आपके साथ है… संयुक्त राष्ट्र आपका ही है और, दरअसल आप ही संयुक्त राष्ट्र हैं: यानि “हम सब”. उन्होंने सभी का आहवान करते हुए कहा कि, आइये, एक साथ, हम सब संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल्यों को जीवन्त रखें.
“आइये, दशकों के दौरान हासिल की गई प्रगति को आगे बढ़ाएँ. आइये, सभी के लिये एक बेहतर दुनिया का साझा सपना साकार करें.”, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने शनिवार, 24 अक्टूबर, को यूएन दिवस के अवसर पर कहा है कि संगठन की स्थापना की 75वीं वर्षगाँठ एक वैश्विक महामारी के दौर में आई है और ऐसे में संगठन का संस्थापना मिशन, पहले से कहीं ज़्यादा स्पष्ट है. उन्होंने 75वीं वर्षगाँठ के मौक़े पर दुनिया भर में हर जगह, सभी लोगों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा है कि इसी के बल पर इनसानियत के सामने दरपेश विशाल चुनौतियों का मुक़ाबला किया जा सकता है.

महासचिव ने यूएन दिवस पर दिये सन्देश में संगठन के संस्थापना मूल्यों व सिद्धान्तों की तरफ़ ध्यान आकर्षित किया. जिनमें मानव गरिमा को बढ़ावा देना, मानवाधिकारों की हिफ़ाज़त करना, अन्तरराष्ट्रीय क़ानून का सम्मान करना, और मानवता को युद्ध से बचाना शामिल हैं.

यूएन प्रमुख ने विश्व शान्ति की ज़रूरत पर ज़ोर देते हए कहा कि जब महामारी शुरू हुई थी तो उन्होंने एक वैश्विक युद्धविराम का आहवान किया था. आज हमारी दुनिया में, हमारा एक साझा दुश्मन है: कोविड-19.

“वैश्विक युद्धविराम हासिल करने के लिये शान्ति की ख़ातिर प्रयास बढ़ाने का अभी बिल्कुल सही समय है. समय बीता जा रहा है.”

उन्होंने कहा कि हमें अपने ग्रह के साथ भी शान्ति का रिश्ता क़ायम करना होगा. जलवायु संकट ने जीवन को ही ख़तरे में डाल दिया है.

“हमें वर्ष 2050 तक ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कार्बन निष्पक्षता की स्थिति हासिल करने के लिये पूरी दुनिया को सक्रिय करना होगा.बहुत से देशों और कम्पनियों ने ये लक्ष्य हासिल करने के लिये पहले ही प्रतिबद्धता ज़ाहिर कर दी है.”

दुनिया भर में, हमें ग़रीबी, विषमता, भुखमरी और नफ़रत से होने वाली मानवीय तकलीफ़ें कम करने के लिये और ज़्यादा प्रयास करने होंगे – और नस्ल, धर्म, लिंग व अन्य किसी भी आधार पर होने वाले भेदभाव के ख़िलाफ़ जंग लड़नी होगी.

महामारी के दौरान महिलाओं और लड़कियों के ख़िलाफ़ हिंसा में भयावह बढ़ोत्तरी देखी गई है जिस पर चिन्ता ज़ाहिर करते हुए महासचिव नेअब तक हुई प्रगति को आगे बढ़ाने की बात कही है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि कोविड-19 की एक सुरक्षित, किफ़ायती और सभी को उपलब्ध होने वाली वैक्सीन के लिये क़ाबिले तारीफ़ वैश्विक सहयोग बन रहा है.

एंतोनियो गुटेरेश के मुताबिक टिकाऊ विकास लक्ष्य हमें पुनर्बहाली का प्रेरणादायक ब्लूप्रिण्ट मुहैया कराते हैं.

“हमारे सामने विशाल चुनौतियाँ हैं. हम, वैश्विक एकजुटता व सहयोग के बल पर, इन चुनौतियों पर पार पा सकते हैं. संयुक्त राष्ट्र इसी के लिये मौजूद है.”

यूएन प्रमुख ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र, ना केवल आपके साथ है… संयुक्त राष्ट्र आपका ही है और, दरअसल आप ही संयुक्त राष्ट्र हैं: यानि “हम सब”. उन्होंने सभी का आहवान करते हुए कहा कि, आइये, एक साथ, हम सब संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल्यों को जीवन्त रखें.

“आइये, दशकों के दौरान हासिल की गई प्रगति को आगे बढ़ाएँ. आइये, सभी के लिये एक बेहतर दुनिया का साझा सपना साकार करें.”

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