यूएन महासचिव: दूसरे कार्यकाल के लिये एंतोनियो गुटेरेश की फिर से नियुक्ति

संयुक्त राष्ट्र के मौजूदा प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश को यूएन महासचिव के तौर पर दूसरे पाँच-वर्षीय कार्यकाल के लिये फिर से नियुक्त किया गया है.

एंतोनियो गुटेरेश ने दूसरे कार्यकाल के लिये उनकी उम्मीदवारी में भरोसे के लिये आभार व्यक्त किया है और कोविड-19 महामारी से उबरने में दुनिया की मदद करने को अपनी प्राथमिकता बताया है.
उन्होंने जनवरी 2017 में संयुक्त राष्ट्र की कमान सम्भाली थी.
एंतोनियो गुटेरेश ने जनरल असेम्बली सभागार में महासचिव पद की शपथ ग्रहण करते हुए कहा कि उन्हें, इतिहास के इस बेहद अहम लम्हे में सौंपी गई इस विशाल ज़िम्मेदारी का एहसास है.

I am deeply honoured and grateful for the trust placed in me to serve as the Secretary-General of the United Nations for a second term.Serving the @UN is an immense privilege and a most noble duty.— António Guterres (@antonioguterres) June 18, 2021

उन्होंने कहा कि हम वास्तव में दोराहे पर खड़े हैं और महत्वपूर्ण फ़ैसले हमारे सामने हैं. परिपाटियाँ बदल रही हैं. अतीत की रूढ़ीवादिताओं को पलटा जा रहा है.
“हम विकल्पों को अभी चुन कर अपना इतिहास स्वयं लिख रहे हैं. यह किसी भी दिशा में जा सकता है: विफलता और अनवरत संकट या महत्वपूर्ण सफलता और सर्वजन के लिये एक हरित, सुरक्षित व बेहतर भविष्य. उम्मीद के कारण मौजूद हैं.”
संयुक्त राष्ट्र के शीर्षतम पद के लिये, यूएन के 193 सदस्य देशों से एंतोनियो गुटेरेश एकमात्र उम्मीदवार थे. उनके पहले पाँच-वर्षीय कार्यकाल की शुरुआत जनवरी 2017 में हुई थी.
पुर्तगाल ने उन्हें नामित किया और जनरल असेम्बली ने शुक्रवार को सर्वसम्मति से उनकी नियुक्ति के प्रस्ताव को पारित किया.
इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने महासचिव के तौर पर जनवरी 2022 से दिसम्बर 2026 के लिये उनके दूसरे कार्यकाल का अनुमोदन किया था.
एंतोनियो गुटेरेश ने यूएन की छह आधिकारिक भाषाओं में से तीन – अंग्रेज़ी, फ़्रेंच और स्पेनिश – भाषाओं में अपनी बात रखते हुए कोविड-19 महामारी के दौरान ज़िन्दगियों व आजीविकाओं के समक्ष खड़े हुए संकट को बयाँ किया.
उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस संकट ने विषमताओं को उजागर कर दिया है, और यह ऐसे समय में हो रहा है जब देशों को जलवायु परिवर्तन व जैवविविधता ख़त्म होने जैसे संकटों से भी जूझना पड़ रहा है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि महामारी से उबरने और सामाजिक-आर्थिक पुनर्बहाली को, न्यायसंगत ढँग से सुनिश्चित किया जाना होगा.
रूपान्तरकारी बदलावों की पुकार
महासचिव के मुताबिक भविष्य का रास्ता विशाल चुनौतियों से घिरा है, मगर इसके बावजूद उन्हें विश्वास है कि ज़िम्मेदारियों को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सकता है.
उन्होंने इसकी एक वजह दुनिया भर में संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों की अविश्वसनीय प्रतिबद्धता है.
हालांकि उन्होंने बेहतर डेटा और विश्लेषण की मदद से निरन्तर बेहतरी की आवश्यकता को रेखांकित किया है और स्पष्ट किया कि ग़ैरज़रूरी अफ़सरशाही में कटौती की जानी होगी.  
यूएन प्रमुख ने बताया कि दुनिया में अनेक बदलाव आए हैं, मगर यूएन के वादों की निरन्तरता बरक़रार है जिन्हें जीवित रखने के लिये देशों को साथ मिलकर काम करने के नए रास्ते ढँढने होंगे.
उन्होंने रूपान्तरकारी बदलावों के लिये मौजूदा समय का लाभ उठाने का आहवान किया और ज़ोर देकर कहा कि नागरिक समाज, निजी सैक्टर व युवजन सहित अन्य आवाज़ों को भी शामिल किया जाना होगा.
न्यायोचित टीकाकरण: अभी
एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि कायापलट कर देने वाले ऐसे बदलावों के लिये एकजुटता व समानता की दरकार होगी.
“बराबरी की शुरुआत अभी किये जाने की ज़रूरत है: वैक्सीनों को सर्वजन के लिये, सर्वत्र उपलब्ध बनाने की आवश्यकता है, और हमें विकसित व विकासशील जगत में, टिकाऊ व समावेशी पुनर्बहाली के लिये परिस्थितियों का पुनर्निर्माण करना होगा.”
“अभी एक लम्बा सफ़र तय किया जाना बाक़ी है.”
उन्होंने सचेत किया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिये, भरोसे में कमी को दूर किया जाना होगा और मौजूदा भू-राजनैतिक विभाजनों व शिथिल कर देने वाले सत्ता समीकरणों पर क़ाबू पाना होगा.
एंतोनि गुटेरेश ने अपने दूसरे कार्यकाल का उपयोग, देशों के बीच पारस्परिक विश्वास को प्रोत्साहन देने और भरोसे के निर्माण के लिये करने का संकल्प लिया है.
उन्होंने आकाँक्षा ज़ाहिर करते हुए कहा कि वे उम्मीद को है कि हालात को बदलना सम्भव है और असम्भव को सम्भव में तब्दील किया जा सकता है. , संयुक्त राष्ट्र के मौजूदा प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश को यूएन महासचिव के तौर पर दूसरे पाँच-वर्षीय कार्यकाल के लिये फिर से नियुक्त किया गया है.

एंतोनियो गुटेरेश ने दूसरे कार्यकाल के लिये उनकी उम्मीदवारी में भरोसे के लिये आभार व्यक्त किया है और कोविड-19 महामारी से उबरने में दुनिया की मदद करने को अपनी प्राथमिकता बताया है.

उन्होंने जनवरी 2017 में संयुक्त राष्ट्र की कमान सम्भाली थी.

एंतोनियो गुटेरेश ने जनरल असेम्बली सभागार में महासचिव पद की शपथ ग्रहण करते हुए कहा कि उन्हें, इतिहास के इस बेहद अहम लम्हे में सौंपी गई इस विशाल ज़िम्मेदारी का एहसास है.

I am deeply honoured and grateful for the trust placed in me to serve as the Secretary-General of the United Nations for a second term.

Serving the @UN is an immense privilege and a most noble duty.

— António Guterres (@antonioguterres) June 18, 2021

उन्होंने कहा कि हम वास्तव में दोराहे पर खड़े हैं और महत्वपूर्ण फ़ैसले हमारे सामने हैं. परिपाटियाँ बदल रही हैं. अतीत की रूढ़ीवादिताओं को पलटा जा रहा है.

“हम विकल्पों को अभी चुन कर अपना इतिहास स्वयं लिख रहे हैं. यह किसी भी दिशा में जा सकता है: विफलता और अनवरत संकट या महत्वपूर्ण सफलता और सर्वजन के लिये एक हरित, सुरक्षित व बेहतर भविष्य. उम्मीद के कारण मौजूद हैं.”

संयुक्त राष्ट्र के शीर्षतम पद के लिये, यूएन के 193 सदस्य देशों से एंतोनियो गुटेरेश एकमात्र उम्मीदवार थे. उनके पहले पाँच-वर्षीय कार्यकाल की शुरुआत जनवरी 2017 में हुई थी.

पुर्तगाल ने उन्हें नामित किया और जनरल असेम्बली ने शुक्रवार को सर्वसम्मति से उनकी नियुक्ति के प्रस्ताव को पारित किया.

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने महासचिव के तौर पर जनवरी 2022 से दिसम्बर 2026 के लिये उनके दूसरे कार्यकाल का अनुमोदन किया था.

एंतोनियो गुटेरेश ने यूएन की छह आधिकारिक भाषाओं में से तीन – अंग्रेज़ी, फ़्रेंच और स्पेनिश – भाषाओं में अपनी बात रखते हुए कोविड-19 महामारी के दौरान ज़िन्दगियों व आजीविकाओं के समक्ष खड़े हुए संकट को बयाँ किया.

उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस संकट ने विषमताओं को उजागर कर दिया है, और यह ऐसे समय में हो रहा है जब देशों को जलवायु परिवर्तन व जैवविविधता ख़त्म होने जैसे संकटों से भी जूझना पड़ रहा है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि महामारी से उबरने और सामाजिक-आर्थिक पुनर्बहाली को, न्यायसंगत ढँग से सुनिश्चित किया जाना होगा.

रूपान्तरकारी बदलावों की पुकार

महासचिव के मुताबिक भविष्य का रास्ता विशाल चुनौतियों से घिरा है, मगर इसके बावजूद उन्हें विश्वास है कि ज़िम्मेदारियों को सफलतापूर्वक पूरा किया जा सकता है.

उन्होंने इसकी एक वजह दुनिया भर में संयुक्त राष्ट्र कर्मचारियों की अविश्वसनीय प्रतिबद्धता है.

हालांकि उन्होंने बेहतर डेटा और विश्लेषण की मदद से निरन्तर बेहतरी की आवश्यकता को रेखांकित किया है और स्पष्ट किया कि ग़ैरज़रूरी अफ़सरशाही में कटौती की जानी होगी.  

यूएन प्रमुख ने बताया कि दुनिया में अनेक बदलाव आए हैं, मगर यूएन के वादों की निरन्तरता बरक़रार है जिन्हें जीवित रखने के लिये देशों को साथ मिलकर काम करने के नए रास्ते ढँढने होंगे.

उन्होंने रूपान्तरकारी बदलावों के लिये मौजूदा समय का लाभ उठाने का आहवान किया और ज़ोर देकर कहा कि नागरिक समाज, निजी सैक्टर व युवजन सहित अन्य आवाज़ों को भी शामिल किया जाना होगा.

न्यायोचित टीकाकरण: अभी

एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि कायापलट कर देने वाले ऐसे बदलावों के लिये एकजुटता व समानता की दरकार होगी.

“बराबरी की शुरुआत अभी किये जाने की ज़रूरत है: वैक्सीनों को सर्वजन के लिये, सर्वत्र उपलब्ध बनाने की आवश्यकता है, और हमें विकसित व विकासशील जगत में, टिकाऊ व समावेशी पुनर्बहाली के लिये परिस्थितियों का पुनर्निर्माण करना होगा.”

“अभी एक लम्बा सफ़र तय किया जाना बाक़ी है.”

उन्होंने सचेत किया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिये, भरोसे में कमी को दूर किया जाना होगा और मौजूदा भू-राजनैतिक विभाजनों व शिथिल कर देने वाले सत्ता समीकरणों पर क़ाबू पाना होगा.

एंतोनि गुटेरेश ने अपने दूसरे कार्यकाल का उपयोग, देशों के बीच पारस्परिक विश्वास को प्रोत्साहन देने और भरोसे के निर्माण के लिये करने का संकल्प लिया है.

उन्होंने आकाँक्षा ज़ाहिर करते हुए कहा कि वे उम्मीद को है कि हालात को बदलना सम्भव है और असम्भव को सम्भव में तब्दील किया जा सकता है. 

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