योरोपीय संघ से महत्वाकाँक्षी जलवायु कार्रवाई की अगुवाई का आहवान

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि 27 सदस्य देशों वाला योरोपीय संघ पथप्रदर्शक क़ानूनों व नीतियों के सहारे जलवायु कार्रवाई में अग्रणी भूमिका निभा रहा है. यूएन प्रमुख के मुताबिक योरोपीय संघ ने यह दर्शाया है कि कार्बन उत्सर्जनों मे कटौती करते हुए भी आर्थिक प्रगति को सम्भव बनाया जा सकता है.

महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विदेश मामलों पर योरोपीय परिषद को सम्बोधित करते हुए योरोपीय देशों द्वारा जलवायु कार्रवाई की सराहना की है. साथ ही उन्होंने आगाह किया है कि यह कार्य अभी समाप्त नहीं हुआ है और समय हाथ से निकला जा रहा है.

Today @ecfr receives #UNSG @antonioguterres to deliver a keynote on #Europe’s role in #ClimateAction ahead of #G20 & #EUCO. 💻 Follow the livestream here: https://t.co/6zREQoDTZi⏰ 16-17 p.m.— UNESCO EU (@UNESCOEU) November 19, 2020

यूएन के शीर्ष अधिकारी ने योरोपीय परिषद को बताया कि वर्ष 2021 के शुरुआती महीनों में वैश्विक स्तर पर 65 फ़ीसदी कार्बन डायऑक्साइड उत्सर्जन और विश्व अर्थव्यवस्था का 70 फ़ीसदी हिस्से वाले देश, कार्बन तटस्थता हासिल करने के लिये महत्वाकाँक्षी संकल्प ले चुके होंगे. 
“योरोपीय संघ, जापान और कोरिया गणराज्य सहित 110 से ज़्यादा अन्य देशों ने वर्ष 2050 तक कार्बन तटस्थता का संकल्प लिया है.”
“चीन ने कहा है कि वो यह लक्ष्य वर्ष 2060 से पहले हासिल करेगा.”
यूएन प्रमुख ने ज़ोर देकर कहा है कि हर देश, शहर, वित्तीय संस्थान और कम्पनी को वर्ष 2050 तक नैट कार्बन उत्सर्जन शून्य करने के लिये योजनाएँ अपनाने की दिशा में जाना होगा. 
और उन्होंने इसके लिये नवम्बर 2021 तक तैयारी पूरी करने का आहवान किया है जब संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक जलवायु सम्मेलन स्कॉटलैण्ड में आयोजित किया जाना है.  
एंतोनियो गुटेरेश ने इस सम्बन्ध में वर्ष 2015 पेरिस समझौते के तहत राष्ट्रीय जलवायु कार्रवाई योजनाओं की अहमियत पर बल दिया है. 
उन्होंने कहा कि धनी देशों के समूह जी-20, जोकि 80 फ़ीसदी जलवायु प्रदूषण के लिये ज़िम्मेदार है, उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाना होगा. 
यूएन प्रमुख ने माना कि इस दिशा में योरोपीय संघ अग्रणी भूमिका निभा रहा है. “मैं आपसे आग्रह करता हूँ कि ठोस और महत्वाकाँक्षी अल्पअवधि संकल्पों पर बढ़त लेना जारी रखें.”
दिसम्बर 2020 में पेरिस समझौते की पाँचवी वर्षगाँठ पर संयुक्त राष्ट्र, ब्रिटेन और फ़्राँस के साथ मिलकर साझा रूप से जलवायु महत्वाकाँक्षा शिखर बैठक का आयोजन कर रहा है. 
उन्होंने कहा कि यह योरोपीय संघ के लिये ज़्यादा महत्वाकाँक्षी जलवायु योजना पेश करने का एक स्पष्ट अवसर है. 
महासचिव के मुताबिक जी-20 देशों द्वारा महत्वाकाँक्षाओं को बढ़ाने का अर्थ आर्थिक योजनाओं व कोविड-10 पुनर्बहाली उफायों को टिकाऊ विकास लक्ष्यों के अनुरूप बनाना भी है. 
“यह ज़रूरी है कि योरोपीय संघ द्वारा स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में अपनी रफ़्तार तेज़ की जाए.”
मज़बूत उदाहरण
महासचिव गुटेरेश ने कहा कि योरोपीय संघ दुनिया के निर्बलतम देशों के साथ एकजुटता क़ायम कर रहा है और उसके द्वारा विषमता का मुक़ाबला करने और संक्रमणकाल से गुज़र रहे देशों की रक्षा के लिये प्रस्ताव एक मज़बूत उदाहरण पेश कर सकते हैं.
“योरोपीय संघ की यह सुनिश्चित करने में एक अहम भूमिका है कि कोविड-19 से टिकाऊ पुनर्बहाली के लिये ज़रूरतमन्द विकासशील देशों को समर्थन मुहैया कराया जाए और उनकी ख़ुद की जलवायु महत्वाकाँक्षा बढ़ाई जाए.” 
उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्बन उत्सर्जन में कटौती, अनुकूलन और सहनक्षमता बढ़ाकर इसे हासिल किया जा सकता है.
इस सिलसिले में उन्होंने योरोपीय संघ और अन्य दानदाताओं देशों से विकासशील देशों को हर वर्ष 100 अरब डॉलर की सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया है.
महासचिव गुटेरेश के मुताबिक 12 दिसम्बर को जलवायु महत्वाकाँक्षी शिखर वार्ता और अगले वर्ष कॉप-26 से पहले दुनिया जलवायु नेतृत्व के लिये योरोपीय संघ की ओर देख रही होगी. 
उन्होंने योरोपीय संघ से इन सभी अवसरों का लाभ उठाने और धरती व हर स्थान पर लोगों की मदद करने के लिये यह ज़िम्मेदारी पूरी करने का आग्रह किया है. , संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा है कि 27 सदस्य देशों वाला योरोपीय संघ पथप्रदर्शक क़ानूनों व नीतियों के सहारे जलवायु कार्रवाई में अग्रणी भूमिका निभा रहा है. यूएन प्रमुख के मुताबिक योरोपीय संघ ने यह दर्शाया है कि कार्बन उत्सर्जनों मे कटौती करते हुए भी आर्थिक प्रगति को सम्भव बनाया जा सकता है.

महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने विदेश मामलों पर योरोपीय परिषद को सम्बोधित करते हुए योरोपीय देशों द्वारा जलवायु कार्रवाई की सराहना की है. साथ ही उन्होंने आगाह किया है कि यह कार्य अभी समाप्त नहीं हुआ है और समय हाथ से निकला जा रहा है.

यूएन के शीर्ष अधिकारी ने योरोपीय परिषद को बताया कि वर्ष 2021 के शुरुआती महीनों में वैश्विक स्तर पर 65 फ़ीसदी कार्बन डायऑक्साइड उत्सर्जन और विश्व अर्थव्यवस्था का 70 फ़ीसदी हिस्से वाले देश, कार्बन तटस्थता हासिल करने के लिये महत्वाकाँक्षी संकल्प ले चुके होंगे.

“योरोपीय संघ, जापान और कोरिया गणराज्य सहित 110 से ज़्यादा अन्य देशों ने वर्ष 2050 तक कार्बन तटस्थता का संकल्प लिया है.”

“चीन ने कहा है कि वो यह लक्ष्य वर्ष 2060 से पहले हासिल करेगा.”

यूएन प्रमुख ने ज़ोर देकर कहा है कि हर देश, शहर, वित्तीय संस्थान और कम्पनी को वर्ष 2050 तक नैट कार्बन उत्सर्जन शून्य करने के लिये योजनाएँ अपनाने की दिशा में जाना होगा.

और उन्होंने इसके लिये नवम्बर 2021 तक तैयारी पूरी करने का आहवान किया है जब संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक जलवायु सम्मेलन स्कॉटलैण्ड में आयोजित किया जाना है.

एंतोनियो गुटेरेश ने इस सम्बन्ध में वर्ष 2015 पेरिस समझौते के तहत राष्ट्रीय जलवायु कार्रवाई योजनाओं की अहमियत पर बल दिया है.

उन्होंने कहा कि धनी देशों के समूह जी-20, जोकि 80 फ़ीसदी जलवायु प्रदूषण के लिये ज़िम्मेदार है, उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाना होगा.

यूएन प्रमुख ने माना कि इस दिशा में योरोपीय संघ अग्रणी भूमिका निभा रहा है. “मैं आपसे आग्रह करता हूँ कि ठोस और महत्वाकाँक्षी अल्पअवधि संकल्पों पर बढ़त लेना जारी रखें.”

दिसम्बर 2020 में पेरिस समझौते की पाँचवी वर्षगाँठ पर संयुक्त राष्ट्र, ब्रिटेन और फ़्राँस के साथ मिलकर साझा रूप से जलवायु महत्वाकाँक्षा शिखर बैठक का आयोजन कर रहा है.

उन्होंने कहा कि यह योरोपीय संघ के लिये ज़्यादा महत्वाकाँक्षी जलवायु योजना पेश करने का एक स्पष्ट अवसर है.

महासचिव के मुताबिक जी-20 देशों द्वारा महत्वाकाँक्षाओं को बढ़ाने का अर्थ आर्थिक योजनाओं व कोविड-10 पुनर्बहाली उफायों को टिकाऊ विकास लक्ष्यों के अनुरूप बनाना भी है.

“यह ज़रूरी है कि योरोपीय संघ द्वारा स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में अपनी रफ़्तार तेज़ की जाए.”

मज़बूत उदाहरण

महासचिव गुटेरेश ने कहा कि योरोपीय संघ दुनिया के निर्बलतम देशों के साथ एकजुटता क़ायम कर रहा है और उसके द्वारा विषमता का मुक़ाबला करने और संक्रमणकाल से गुज़र रहे देशों की रक्षा के लिये प्रस्ताव एक मज़बूत उदाहरण पेश कर सकते हैं.

“योरोपीय संघ की यह सुनिश्चित करने में एक अहम भूमिका है कि कोविड-19 से टिकाऊ पुनर्बहाली के लिये ज़रूरतमन्द विकासशील देशों को समर्थन मुहैया कराया जाए और उनकी ख़ुद की जलवायु महत्वाकाँक्षा बढ़ाई जाए.”

उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्बन उत्सर्जन में कटौती, अनुकूलन और सहनक्षमता बढ़ाकर इसे हासिल किया जा सकता है.

इस सिलसिले में उन्होंने योरोपीय संघ और अन्य दानदाताओं देशों से विकासशील देशों को हर वर्ष 100 अरब डॉलर की सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया है.

महासचिव गुटेरेश के मुताबिक 12 दिसम्बर को जलवायु महत्वाकाँक्षी शिखर वार्ता और अगले वर्ष कॉप-26 से पहले दुनिया जलवायु नेतृत्व के लिये योरोपीय संघ की ओर देख रही होगी.

उन्होंने योरोपीय संघ से इन सभी अवसरों का लाभ उठाने और धरती व हर स्थान पर लोगों की मदद करने के लिये यह ज़िम्मेदारी पूरी करने का आग्रह किया है.

,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *