लीबिया: युद्धविराम समझौते का स्वागत, शान्ति व स्थिरता की दिशा में ‘बुनियादी क़दम’

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने लीबिया में युद्धरत पक्षों के बीच यूएन द्वारा मध्यस्थता प्रयासों के फलस्वरूप शुक्रवार को जिनीवा में हुए युद्धविराम समझौते का स्वागत किया है. लीबिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNSMIL) की प्रमुख स्टेफ़नी विलियम्स ने इसे एक ऐसा साहसिक क़दम क़रार दिया है जिससे लीबियाई जनता के लिये एक बेहतर, सुरक्षित और ज़्यादा शान्तिपूर्ण भविष्य सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है.

यूएन प्रमुख ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह सहमति लीबिया में शान्ति व स्थिरता की दिशा में लिया गया क़दम है.

I welcome the signing of a ceasefire agreement by the Libyan parties in Geneva under the auspices of the @UN.This is a fundamental step toward peace & stability.Too many people have suffered for too long. Too many men, women & children have died as a result of the conflict.— António Guterres (@antonioguterres) October 23, 2020

“बड़ी संख्या में लोग लम्बे समय से पीड़ा भोग रहे हैं. इस हिंसक संघर्ष के कारण बड़ी संख्या में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की मौत हुई है.”
उन्होंने कहा कि सभी पक्षों ने आपसी मतभेदों को दरकिनार करके राष्ट्रहित को प्राथमकिता दी जिसके लिये वह उन्हें बधाई देते हैं. 
यूएन प्रमुख ने सभी पक्षकारों से युद्धविराम समझौते के प्रावधानों का सम्मान किये जाने की पुकार लगाई है ताकि उन्हें अविलम्ब लागू किया जा सके.
“मैं अन्तरराष्ट्रीय समुदाय का आहवान करता हूँ कि लीबिया को युद्धविराम लागू करने और हिंसक संघर्ष का अन्त करने में समर्थन दिया जाए.” 
उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में हथियारों पर सुरक्षा परिषद द्वारा लगाए गए प्रतिबन्ध को पूर्ण रूप से बिना शर्त सुनिश्चित किया जाना होगा. 
महासचिव ने लीबियाई पक्षों से मौजूदा प्रयासों की गति को बरक़रार रखने और और हिंसक संघर्ष के राजनैतिक समाधान की तलाश करने, आर्थिक मुद्दों को निपटाने, और मानवीय राहत ज़रूरतों को पूरा करने में भी ऐसा ही संकल्प प्रदर्शित करने का आग्रह किया है. 
यूएन प्रमुख ने कोविड-19 महामारी के दौरान वैश्विक युद्धविराम की अपनी अपील को फिर दोहराते हुए कहा कि यमन, अफ़ग़ानिस्तान, आर्मीनिया और अज़रबैजान सहित हर जगह टकरावों को रोकने के लिये संगठित प्रयास किये जाने होंगे. 
उनके मुताबिक इस समय सभी प्रयासों को कोरोनावायरस संकट से निपटने पर केन्द्रित किया जाना होगा.
पीड़ा पर मरहम 
यूएन मिशन प्रमुख और संयुक्त राष्ट्र महासचिव की कार्यकारी विशेष प्रतिनिधि स्टफ़ेनी विलियम्स ने जिनीवा में एक पत्रकार वार्ता में इस सहमति की घोषणा करते हुए बताया, “मैं आप सभी का अभिनन्दन करना चाहूँगी क्योंकि आपने जो हासिल किया है उसके लिये बड़े साहस की ज़रूरत होती है.”
“आप लीबिया की भलाई, अपने लोगों की भलाई के लिये एकत्र हुए हैं, ताकि उनकी पीड़ाओं का अन्त करने के लिये ठोस क़दम उठा सकें.”
पूर्व तानाशाह मुआम्मर ग़द्दाफ़ी को वर्ष 2011 में सत्ता से बेदख़ल किये जाने के बाद से ही देश, विभाजन और हिंसक संघर्ष की आँच में झुलस रहा है. 
पिछले अनेक महीनों से विरोधी गुट स्वयंभू लीबियन नेशनल आर्मी के कमाण्डर ख़लीफ़ा हफ़्तार के वफ़ादार सुरक्षा बलों ने राजधानी त्रिपोली में संयुक्त राष्ट्र की मान्यता प्राप्त सरकार की घेराबन्दी की हुई है. 
संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में संयुक्त सैन्य आयोग द्वारा हुई मध्यस्थता में दोनों पक्षों के प्रतिनिधि शामिल हुए जिसके बाद शुक्रवार को सहमति की घोषणा हुई है.

UN Photo / Violaine Martinसंयुक्त राष्ट्र महासचिव की कार्यकारी विशेष प्रतिनिधि स्टेफ़नी विलियम्स जिनीवा में मध्यस्थता प्रयासों के दौरान बैठक में शिरकत करते हुए.

यूएन मिशन प्रमुख ने कहा है कि इससे देश के लिये एक बेहतर, शान्तिपूर्ण और सुरक्षित भविष्य हासिल करने में मदद मिलने की आशा है. 
“मैं आपके ज़िम्मेदारी के ऐहसास और लीबिया की एकता की रक्षा करने और उसकी सम्प्रभुता को फिर से पुष्ट करने के लिये आपके संकल्प का अभिनन्दन करती हूँ.” 
स्थायी युद्धविराम की आशा
स्टेफ़नी विलियम्स ने कहा कि दोनों पक्ष सबसे पहले लीबियाई नागरिकों के रूप में एक साथ आए हैं. 
“कभी-कभी यह सड़क लम्बी और कठिन थी लेकिन आपकी देशभक्ति हर समय आपकी मार्गदर्शक रही है, और आपको एक सफल व स्थायी युद्धविराम पर सहमति बनाने में सफलता मिली है.
“मुझे उम्मीद है कि इस समझौते से लीबियाई जनता की पीड़ाओं का अन्त करने में मदद मिलेगी, और देश के बाहर व भीतर विस्थापितों के लिये अपने घर लौट पाना और शान्ति व सुरक्षा के साथ रहना सम्भव होगा.”
यूएन मिशन प्रमुख के मुताबिक यह समझौता लीबिया और वहाँ की जनता के लिये एक अहम पड़ा पेश करता है. 
उन्होंने उम्मीद जताई है कि लीबिया की भावी पीढ़ियाँ इस समझौते पर ख़ुशी ज़ाहिर करेंगी क्योंकि यह लीबिया संकट के व्यापक समाधान की दिशा में एक निर्णायक और निडर क़दम को प्रदर्शित करता है.
यूएन की विशेष प्रतिनिधि विलियम्स ने कहा है कि आने वाले दिनों में बड़ी ज़िम्मेदारियाँ निभानी हैं, जब इस समझौते में लिये गए संकल्प लागू करने होंगे. 
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सम्बन्ध में केन्द्रित वार्ताएँ जारी रखना अहम होगा और वो सभी कठिनाइयाँ जल्द से जल्द दूर करनी होंगी जो हिंसा से पीड़ित लीबियाई जनता झेलती आ रही है. 
उन्होंने भरोसा जताया कि इन प्रयासों में संयुक्त राष्ट्र सभी पक्षों और लीबिया की जनता के साथ एकजुट है और अन्तरराष्ट्रीय समुदाय के पूर्ण व अटल समर्थन को सुनिश्चित करने के प्रयास किये जाएँगे. , संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने लीबिया में युद्धरत पक्षों के बीच यूएन द्वारा मध्यस्थता प्रयासों के फलस्वरूप शुक्रवार को जिनीवा में हुए युद्धविराम समझौते का स्वागत किया है. लीबिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNSMIL) की प्रमुख स्टेफ़नी विलियम्स ने इसे एक ऐसा साहसिक क़दम क़रार दिया है जिससे लीबियाई जनता के लिये एक बेहतर, सुरक्षित और ज़्यादा शान्तिपूर्ण भविष्य सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है.

यूएन प्रमुख ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह सहमति लीबिया में शान्ति व स्थिरता की दिशा में लिया गया क़दम है.

“बड़ी संख्या में लोग लम्बे समय से पीड़ा भोग रहे हैं. इस हिंसक संघर्ष के कारण बड़ी संख्या में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की मौत हुई है.”

उन्होंने कहा कि सभी पक्षों ने आपसी मतभेदों को दरकिनार करके राष्ट्रहित को प्राथमकिता दी जिसके लिये वह उन्हें बधाई देते हैं.

यूएन प्रमुख ने सभी पक्षकारों से युद्धविराम समझौते के प्रावधानों का सम्मान किये जाने की पुकार लगाई है ताकि उन्हें अविलम्ब लागू किया जा सके.

“मैं अन्तरराष्ट्रीय समुदाय का आहवान करता हूँ कि लीबिया को युद्धविराम लागू करने और हिंसक संघर्ष का अन्त करने में समर्थन दिया जाए.”

उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में हथियारों पर सुरक्षा परिषद द्वारा लगाए गए प्रतिबन्ध को पूर्ण रूप से बिना शर्त सुनिश्चित किया जाना होगा.

महासचिव ने लीबियाई पक्षों से मौजूदा प्रयासों की गति को बरक़रार रखने और और हिंसक संघर्ष के राजनैतिक समाधान की तलाश करने, आर्थिक मुद्दों को निपटाने, और मानवीय राहत ज़रूरतों को पूरा करने में भी ऐसा ही संकल्प प्रदर्शित करने का आग्रह किया है.

यूएन प्रमुख ने कोविड-19 महामारी के दौरान वैश्विक युद्धविराम की अपनी अपील को फिर दोहराते हुए कहा कि यमन, अफ़ग़ानिस्तान, आर्मीनिया और अज़रबैजान सहित हर जगह टकरावों को रोकने के लिये संगठित प्रयास किये जाने होंगे.

उनके मुताबिक इस समय सभी प्रयासों को कोरोनावायरस संकट से निपटने पर केन्द्रित किया जाना होगा.

पीड़ा पर मरहम

यूएन मिशन प्रमुख और संयुक्त राष्ट्र महासचिव की कार्यकारी विशेष प्रतिनिधि स्टफ़ेनी विलियम्स ने जिनीवा में एक पत्रकार वार्ता में इस सहमति की घोषणा करते हुए बताया, “मैं आप सभी का अभिनन्दन करना चाहूँगी क्योंकि आपने जो हासिल किया है उसके लिये बड़े साहस की ज़रूरत होती है.”

“आप लीबिया की भलाई, अपने लोगों की भलाई के लिये एकत्र हुए हैं, ताकि उनकी पीड़ाओं का अन्त करने के लिये ठोस क़दम उठा सकें.”

पूर्व तानाशाह मुआम्मर ग़द्दाफ़ी को वर्ष 2011 में सत्ता से बेदख़ल किये जाने के बाद से ही देश, विभाजन और हिंसक संघर्ष की आँच में झुलस रहा है.

पिछले अनेक महीनों से विरोधी गुट स्वयंभू लीबियन नेशनल आर्मी के कमाण्डर ख़लीफ़ा हफ़्तार के वफ़ादार सुरक्षा बलों ने राजधानी त्रिपोली में संयुक्त राष्ट्र की मान्यता प्राप्त सरकार की घेराबन्दी की हुई है.

संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में संयुक्त सैन्य आयोग द्वारा हुई मध्यस्थता में दोनों पक्षों के प्रतिनिधि शामिल हुए जिसके बाद शुक्रवार को सहमति की घोषणा हुई है.


UN Photo / Violaine Martin
संयुक्त राष्ट्र महासचिव की कार्यकारी विशेष प्रतिनिधि स्टेफ़नी विलियम्स जिनीवा में मध्यस्थता प्रयासों के दौरान बैठक में शिरकत करते हुए.

यूएन मिशन प्रमुख ने कहा है कि इससे देश के लिये एक बेहतर, शान्तिपूर्ण और सुरक्षित भविष्य हासिल करने में मदद मिलने की आशा है.

“मैं आपके ज़िम्मेदारी के ऐहसास और लीबिया की एकता की रक्षा करने और उसकी सम्प्रभुता को फिर से पुष्ट करने के लिये आपके संकल्प का अभिनन्दन करती हूँ.”

स्थायी युद्धविराम की आशा

स्टेफ़नी विलियम्स ने कहा कि दोनों पक्ष सबसे पहले लीबियाई नागरिकों के रूप में एक साथ आए हैं.

“कभी-कभी यह सड़क लम्बी और कठिन थी लेकिन आपकी देशभक्ति हर समय आपकी मार्गदर्शक रही है, और आपको एक सफल व स्थायी युद्धविराम पर सहमति बनाने में सफलता मिली है.

“मुझे उम्मीद है कि इस समझौते से लीबियाई जनता की पीड़ाओं का अन्त करने में मदद मिलेगी, और देश के बाहर व भीतर विस्थापितों के लिये अपने घर लौट पाना और शान्ति व सुरक्षा के साथ रहना सम्भव होगा.”

यूएन मिशन प्रमुख के मुताबिक यह समझौता लीबिया और वहाँ की जनता के लिये एक अहम पड़ा पेश करता है.

उन्होंने उम्मीद जताई है कि लीबिया की भावी पीढ़ियाँ इस समझौते पर ख़ुशी ज़ाहिर करेंगी क्योंकि यह लीबिया संकट के व्यापक समाधान की दिशा में एक निर्णायक और निडर क़दम को प्रदर्शित करता है.

यूएन की विशेष प्रतिनिधि विलियम्स ने कहा है कि आने वाले दिनों में बड़ी ज़िम्मेदारियाँ निभानी हैं, जब इस समझौते में लिये गए संकल्प लागू करने होंगे.

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सम्बन्ध में केन्द्रित वार्ताएँ जारी रखना अहम होगा और वो सभी कठिनाइयाँ जल्द से जल्द दूर करनी होंगी जो हिंसा से पीड़ित लीबियाई जनता झेलती आ रही है.

उन्होंने भरोसा जताया कि इन प्रयासों में संयुक्त राष्ट्र सभी पक्षों और लीबिया की जनता के साथ एकजुट है और अन्तरराष्ट्रीय समुदाय के पूर्ण व अटल समर्थन को सुनिश्चित करने के प्रयास किये जाएँगे.

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