लीबिया: राजनैतिक समाधान की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत

संयुक्त राष्ट्र और उसके साझीदारों ने, लीबिया में चल रहे संकट का एक समावेशी और व्यापक राजनैतिक समाधान तलाश करने की दिशा में हुई महत्वपूर्ण प्रगति का स्वागत किया है.

लीबिया पर चार पक्षों – यूएन, अरब लीग, अफ्रीकी संघ और योरोपीय संघ के प्रतिनिधियों ने, देश की ताज़ा स्थिति का जायज़ा लेने के लिये, मंगलवार को वर्चुअल बैठक की.

After years of senseless violence and suffering, there is a window of opportunity in Libya.We stand with the people of Libya and pledge to work with them to help build a better future.— António Guterres (@antonioguterres) April 20, 2021

अहम मौक़ा
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बैठक के बाद ट्विटर सन्देश में कहा, “लीबिया में, कई वर्षों से जारी तर्कहीन व निर्मम हिंसा और तकलीफ़ों के बाद, अब एक बेहतरीन मौक़ा सामने है. हम लीबिया के लोगों के साथ एकजुट हैं और एक बेहतर भविष्य का निर्माण करने में उनकी मदद करने के लिये संकल्पबद्ध हैं.”
संयुक्त राष्ट्र, लीबिया में शान्ति प्रयासों को समर्थन देता रहा है.
याद रहे कि वर्ष 2011 में तत्कालीन राष्ट्रपति मुअम्मार गद्दाफ़ी को सत्ता से हटाए जाने के बाद से ही, देश में अशान्ति व संघर्ष जारी रहा है.
लीबिया, इस अस्थिरता के परिणामस्वरूप, अन्तरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय समझौते की सरकार और विद्रोही लीबियाई नेशनल आर्मी (एलएनए) के बीच विभाजित हो गया है.
संयुक्त राष्ट्र के मध्यस्थता प्रयासों की बदौलत, देश में, अक्टूबर 2020 में, एक ऐतिहासिक युद्धविराम समझौता हुआ जिस पर दोनों पक्षों के सैन्य प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किये.
इसे 5+5 संयुक्त सैन्य आयोग (जेएमसी) नाम दिया गया है जिसके ज़रिये राजनैतिक सम्वाद का रास्ता प्रखर हुआ है और दिसम्बर 2021 में चुनाव कराए जाने का एक रोडमैप भी बना है.
एक नई अन्तरिम सरकार ने मार्च 2021 में कार्यभार संभाला है.
परिवर्तन दौर को समर्थन
लीबिया पर चार पक्षों के समुदाय की ये बैठक, यूएन सुरक्षा परिषद द्वारा एक प्रस्ताव पारित किये जाने के बाद हुई जिसमें, यूएन महासचिव द्वारा युद्धविराम के क्रियान्वयन की निगरानी करने की प्रणाली को समर्थन देने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है.
सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव में, लीबिया में यूएन मिशन की टीमों से, जेएमसी पर्यवेक्षकों के साथ मिलकर काम करने का आहवान किया गया है.
चार पक्षों के समुदाय ने बैठक के बाद एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी की जिसमें लीबियाई राजनैतिक सम्वाद फ़ोरम के महत्वपूर्ण परिणामों की सराहना की गई.
साथ ही एक व्यापक समाधान की दिशा में तैयारी चरण के लिये एक रोडमैप अपनाए जाने, और एक नई अन्तरिम सरकार को सुचारू सत्ता स्थानान्तरण की भी सराहना की गई है.
चुनाव पारदर्शी हों
लीबिया पर चार साझीदारों ने, देश में नए नेतृत्व द्वारा 24 दिसम्बर को चुनाव कराए जाने की घोषणा का स्वागत किया है.
साथ ही इस मुद्दे पर भी चर्चा की गई है कि चुनाव प्रक्रिया को किस तरह समर्थन दिया जा सकता है जिसमें पर्यवेक्षकों के मिशनों की सम्भावित तैनाती भी शामिल हो.
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, “चारों पक्षों ने ये चुनाव रचनात्मक राजनैतिक व सुरक्षा वातावरण में कराए जाने की महत्ता पर ज़ोर दिया है ताकि ये चुनाव एक समावेशी, पारदर्शी और भरोसेमन्द माहौल में सम्पन्न हों और लीबिया के तमाम लोग इन चुनावों के परिणामों व विश्वसनीयता का सम्मान कर सकें.”
तमाम विदेशी ताक़तें हटें
प्रेस विज्ञप्ति में, युद्धविराम समझौते को पूरी तरह से लागू करने के प्रयास बढ़ाए जाने का आहवान किया गया है.
साथ ही, युद्धविराम की एक विश्वसनीय, सुचारू और प्रभावशाली निगरानी प्रणाली की योजनाएँ बनाने में, जेएमसी की महत्ता को भी रेखांकित किया गया है.
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, “चार पक्षों के समूह ने, लीबिया में, संयुक्त राष्ट्र द्वारा लगाए गए हथियार प्रतिबन्ध का लगातार उल्लंघन किये जाने की भी निन्दा की है और ज़ोर दिया है कि लीबिया में, तमाम बाहरी सैनिक हस्तक्षेप अस्वीकार्य हैं.”
“चार पक्षों के समूह ने शस्त्र प्रतिबन्ध का पूर्ण पालन करने का आहवान किया गया है, और यूएन सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का पालनस्वरूप लीबियाई भूमि से, तमाम विदेशी ताक़तों, सेनाओं व लड़ाकों को तुरन्त हटाए जाने की भी पुकार लगी गई है. ये वापसी इस तरह से हो कि लीबिया की सम्प्रभुता बहाल हो सके और देश की राष्ट्रीय एकता, स्वतन्त्रता और क्षेत्रीय अखण्डता की भी हिफ़ाज़त की जा सके.”, संयुक्त राष्ट्र और उसके साझीदारों ने, लीबिया में चल रहे संकट का एक समावेशी और व्यापक राजनैतिक समाधान तलाश करने की दिशा में हुई महत्वपूर्ण प्रगति का स्वागत किया है.

लीबिया पर चार पक्षों – यूएन, अरब लीग, अफ्रीकी संघ और योरोपीय संघ के प्रतिनिधियों ने, देश की ताज़ा स्थिति का जायज़ा लेने के लिये, मंगलवार को वर्चुअल बैठक की.

अहम मौक़ा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बैठक के बाद ट्विटर सन्देश में कहा, “लीबिया में, कई वर्षों से जारी तर्कहीन व निर्मम हिंसा और तकलीफ़ों के बाद, अब एक बेहतरीन मौक़ा सामने है. हम लीबिया के लोगों के साथ एकजुट हैं और एक बेहतर भविष्य का निर्माण करने में उनकी मदद करने के लिये संकल्पबद्ध हैं.”

संयुक्त राष्ट्र, लीबिया में शान्ति प्रयासों को समर्थन देता रहा है.

याद रहे कि वर्ष 2011 में तत्कालीन राष्ट्रपति मुअम्मार गद्दाफ़ी को सत्ता से हटाए जाने के बाद से ही, देश में अशान्ति व संघर्ष जारी रहा है.

लीबिया, इस अस्थिरता के परिणामस्वरूप, अन्तरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय समझौते की सरकार और विद्रोही लीबियाई नेशनल आर्मी (एलएनए) के बीच विभाजित हो गया है.

संयुक्त राष्ट्र के मध्यस्थता प्रयासों की बदौलत, देश में, अक्टूबर 2020 में, एक ऐतिहासिक युद्धविराम समझौता हुआ जिस पर दोनों पक्षों के सैन्य प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किये.

इसे 5+5 संयुक्त सैन्य आयोग (जेएमसी) नाम दिया गया है जिसके ज़रिये राजनैतिक सम्वाद का रास्ता प्रखर हुआ है और दिसम्बर 2021 में चुनाव कराए जाने का एक रोडमैप भी बना है.

एक नई अन्तरिम सरकार ने मार्च 2021 में कार्यभार संभाला है.

परिवर्तन दौर को समर्थन

लीबिया पर चार पक्षों के समुदाय की ये बैठक, यूएन सुरक्षा परिषद द्वारा एक प्रस्ताव पारित किये जाने के बाद हुई जिसमें, यूएन महासचिव द्वारा युद्धविराम के क्रियान्वयन की निगरानी करने की प्रणाली को समर्थन देने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है.

सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव में, लीबिया में यूएन मिशन की टीमों से, जेएमसी पर्यवेक्षकों के साथ मिलकर काम करने का आहवान किया गया है.

चार पक्षों के समुदाय ने बैठक के बाद एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी की जिसमें लीबियाई राजनैतिक सम्वाद फ़ोरम के महत्वपूर्ण परिणामों की सराहना की गई.

साथ ही एक व्यापक समाधान की दिशा में तैयारी चरण के लिये एक रोडमैप अपनाए जाने, और एक नई अन्तरिम सरकार को सुचारू सत्ता स्थानान्तरण की भी सराहना की गई है.

चुनाव पारदर्शी हों

लीबिया पर चार साझीदारों ने, देश में नए नेतृत्व द्वारा 24 दिसम्बर को चुनाव कराए जाने की घोषणा का स्वागत किया है.

साथ ही इस मुद्दे पर भी चर्चा की गई है कि चुनाव प्रक्रिया को किस तरह समर्थन दिया जा सकता है जिसमें पर्यवेक्षकों के मिशनों की सम्भावित तैनाती भी शामिल हो.

प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, “चारों पक्षों ने ये चुनाव रचनात्मक राजनैतिक व सुरक्षा वातावरण में कराए जाने की महत्ता पर ज़ोर दिया है ताकि ये चुनाव एक समावेशी, पारदर्शी और भरोसेमन्द माहौल में सम्पन्न हों और लीबिया के तमाम लोग इन चुनावों के परिणामों व विश्वसनीयता का सम्मान कर सकें.”

तमाम विदेशी ताक़तें हटें

प्रेस विज्ञप्ति में, युद्धविराम समझौते को पूरी तरह से लागू करने के प्रयास बढ़ाए जाने का आहवान किया गया है.

साथ ही, युद्धविराम की एक विश्वसनीय, सुचारू और प्रभावशाली निगरानी प्रणाली की योजनाएँ बनाने में, जेएमसी की महत्ता को भी रेखांकित किया गया है.

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, “चार पक्षों के समूह ने, लीबिया में, संयुक्त राष्ट्र द्वारा लगाए गए हथियार प्रतिबन्ध का लगातार उल्लंघन किये जाने की भी निन्दा की है और ज़ोर दिया है कि लीबिया में, तमाम बाहरी सैनिक हस्तक्षेप अस्वीकार्य हैं.”

“चार पक्षों के समूह ने शस्त्र प्रतिबन्ध का पूर्ण पालन करने का आहवान किया गया है, और यूएन सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का पालनस्वरूप लीबियाई भूमि से, तमाम विदेशी ताक़तों, सेनाओं व लड़ाकों को तुरन्त हटाए जाने की भी पुकार लगी गई है. ये वापसी इस तरह से हो कि लीबिया की सम्प्रभुता बहाल हो सके और देश की राष्ट्रीय एकता, स्वतन्त्रता और क्षेत्रीय अखण्डता की भी हिफ़ाज़त की जा सके.”

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