वेनेज़ुएला: बच्चों के लिये पोषक आहार की आपूर्ति पर समझौता

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने वेनेज़ुएला की सरकार के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं, जिसके तहत सबसे निर्बल समुदायों के बच्चों के लिये, स्कूलों में पौष्टिक आहार सुनिश्चित किया जा सकेगा. मंगलवार को इस आशय की घोषणा की गई है. हाल के समय में वेनेज़ुएला को गम्भीर आर्थिक संकट से जूझना पड़ा है और देश में बाल कुपोषण के मामले बढ़े हैं.

यूएन एजेंसी का लक्ष्य इस वर्ष के अन्त तक एक लाख, 85 हज़ार बच्चों तक, और 2022-2023 स्कूली वर्ष के अन्त तक, 15 लाख छात्रों तक सहायता के साथ पहुँचना है.
एजेंसी के अनुमान के अनुसार, भोजन सहायता कार्यक्रम के लिये 19 करोड़ डॉलर के वार्षिक बजट की आवश्यकता होगी.

#NewsAlert: WFP to provide school meals in #Venezuela.WFP will provide nutritious school meals to children, particularly in pre-primary and special education schools, as well as invest in the rehabilitation of school canteens and training school staff on food safety practices.— World Food Programme (@WFP) April 19, 2021

मानवीय राहत सहायता संगठन की वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मडुरो से, लम्बे समय से, माँग रही है कि विश्व खाद्य कार्यक्रम को देश में खाद्य सहायता वितरित करने की अनुमति दी जानी चाहिये.
इससे पहले, यूएन एजेंसी की देश में मौजूदगी रही है, जब वर्ष 1970 के दशक के शुरुआती वर्षों में एक विकास परियोजना का संचालन किया जा रहा था.
इसके बाद भी, विश्व खाद्य कार्यक्रम देश में आपात राहत के तहत भोजन वितरण कार्यक्रम में शामिल रहा है.
यूएन एजेंसी के कार्यकारी निदेशक डेविड बीज़ली और राष्ट्रपति मडुरो के बीच सोमवार को इस विषय में बैठक के बाद यह घोषणा की गई है.
खाद्य कार्यक्रम के प्रमुख ने वेनेज़ुएला के विरोधी पक्ष के नेता ख़्वान ग्वाइदो से भी मुलाक़ात की है.
जिनीवा में यूएन एजेंसी के प्रवक्ता टॉमसन फिरी ने बताया, “हमारे स्कूली आहार कार्यक्रम स्वतन्त्र हैं, वे हमेशा रहे हैं, और किसी भी अन्य हस्तक्षेप से अलग हैं. ना सिर्फ़ वेनेज़ुएला में, बल्कि अन्य स्थानों पर भी, जहाँ हमने काम किया है.”
उन्होंने बताया कि पोषक आहार अभियान के तहत पूर्व-प्राथमिक और विशेष शिक्षा प्रदान करने वाले स्कूलों पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा.
साथ ही, स्कूलों में कैण्टीन को पुनर्बहाल करने के लिये निवेश होगा और भोजन सुरक्षा से जुड़ी अहम बातों के लिये कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिनके ज़रिये व्यापक समुदाय तक पहुँचने का प्रयास होगा.
बदतर हालात
विश्व खाद्य कार्यक्रम के अनुसार वेनेज़ुएला में 14 वर्ष से कम आयु के लगभग 80 लाख बच्चे हैं.
तेल सम्पदा-सम्पन्न यह देश हाल के समय में गम्भीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है, महंगाई व भोजन की क़ीमतें उछाल पर हैं, और बाल कुपोषण के मामले बढ़ रहे हैं.
बताया गया है कि वेनेज़ुएला में हर तीन में से एक नागरिक – यानि आबादी का लगभग 32 प्रतिशत हिस्सा – मौजूदा समय में खाद्य असुरक्षा से पीड़ित है और उन्हें सहायता की आवश्यकता है.
इनमें वे 23 लाख लोग भी हैं जो गम्भीर खाद्य असुरक्षा के हालात में जी रहे हैं.
विश्व खाद्य कार्यक्रम और खाद्य एवँ कृषि संगठन ने अक्टूबर 2020 में एक साझा विश्लेषण किया था.
इस अध्ययन में वेनेज़ुएला को उन 20 देशों में शामिल किया गया था, जहाँ अगले तीन से छह महीनों में खाद्य असुरक्षा के गम्भीर हालात पैदा होने की आशंका व्यक्त की गई थी और जहाँ तत्काल ध्यान दिये जाने की ज़रूरत बताई गई थी., विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने वेनेज़ुएला की सरकार के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं, जिसके तहत सबसे निर्बल समुदायों के बच्चों के लिये, स्कूलों में पौष्टिक आहार सुनिश्चित किया जा सकेगा. मंगलवार को इस आशय की घोषणा की गई है. हाल के समय में वेनेज़ुएला को गम्भीर आर्थिक संकट से जूझना पड़ा है और देश में बाल कुपोषण के मामले बढ़े हैं.

यूएन एजेंसी का लक्ष्य इस वर्ष के अन्त तक एक लाख, 85 हज़ार बच्चों तक, और 2022-2023 स्कूली वर्ष के अन्त तक, 15 लाख छात्रों तक सहायता के साथ पहुँचना है.

एजेंसी के अनुमान के अनुसार, भोजन सहायता कार्यक्रम के लिये 19 करोड़ डॉलर के वार्षिक बजट की आवश्यकता होगी.

मानवीय राहत सहायता संगठन की वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मडुरो से, लम्बे समय से, माँग रही है कि विश्व खाद्य कार्यक्रम को देश में खाद्य सहायता वितरित करने की अनुमति दी जानी चाहिये.

इससे पहले, यूएन एजेंसी की देश में मौजूदगी रही है, जब वर्ष 1970 के दशक के शुरुआती वर्षों में एक विकास परियोजना का संचालन किया जा रहा था.

इसके बाद भी, विश्व खाद्य कार्यक्रम देश में आपात राहत के तहत भोजन वितरण कार्यक्रम में शामिल रहा है.

यूएन एजेंसी के कार्यकारी निदेशक डेविड बीज़ली और राष्ट्रपति मडुरो के बीच सोमवार को इस विषय में बैठक के बाद यह घोषणा की गई है.

खाद्य कार्यक्रम के प्रमुख ने वेनेज़ुएला के विरोधी पक्ष के नेता ख़्वान ग्वाइदो से भी मुलाक़ात की है.

जिनीवा में यूएन एजेंसी के प्रवक्ता टॉमसन फिरी ने बताया, “हमारे स्कूली आहार कार्यक्रम स्वतन्त्र हैं, वे हमेशा रहे हैं, और किसी भी अन्य हस्तक्षेप से अलग हैं. ना सिर्फ़ वेनेज़ुएला में, बल्कि अन्य स्थानों पर भी, जहाँ हमने काम किया है.”

उन्होंने बताया कि पोषक आहार अभियान के तहत पूर्व-प्राथमिक और विशेष शिक्षा प्रदान करने वाले स्कूलों पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा.

साथ ही, स्कूलों में कैण्टीन को पुनर्बहाल करने के लिये निवेश होगा और भोजन सुरक्षा से जुड़ी अहम बातों के लिये कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिनके ज़रिये व्यापक समुदाय तक पहुँचने का प्रयास होगा.

बदतर हालात

विश्व खाद्य कार्यक्रम के अनुसार वेनेज़ुएला में 14 वर्ष से कम आयु के लगभग 80 लाख बच्चे हैं.

तेल सम्पदा-सम्पन्न यह देश हाल के समय में गम्भीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है, महंगाई व भोजन की क़ीमतें उछाल पर हैं, और बाल कुपोषण के मामले बढ़ रहे हैं.

बताया गया है कि वेनेज़ुएला में हर तीन में से एक नागरिक – यानि आबादी का लगभग 32 प्रतिशत हिस्सा – मौजूदा समय में खाद्य असुरक्षा से पीड़ित है और उन्हें सहायता की आवश्यकता है.

इनमें वे 23 लाख लोग भी हैं जो गम्भीर खाद्य असुरक्षा के हालात में जी रहे हैं.

विश्व खाद्य कार्यक्रम और खाद्य एवँ कृषि संगठन ने अक्टूबर 2020 में एक साझा विश्लेषण किया था.

इस अध्ययन में वेनेज़ुएला को उन 20 देशों में शामिल किया गया था, जहाँ अगले तीन से छह महीनों में खाद्य असुरक्षा के गम्भीर हालात पैदा होने की आशंका व्यक्त की गई थी और जहाँ तत्काल ध्यान दिये जाने की ज़रूरत बताई गई थी.

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