शान्तिनिर्माण कोष के लिये नई अपील, बहुपक्षवाद और पारस्परिक सहयोग पर ज़ोर 

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बहुपक्षवाद और अन्तरराष्ट्रीय सहयोग को नए सिरे से बढ़ावा देने के लिये शान्तिनिर्माण कोष (Peacebuilding Fund) को मज़बूती प्रदान करने का आहवान किया है. इस विषय पर मंगलवार को हुए एक उच्चस्तरीय सम्मेलन में बताया गया है कि वर्ष 2020-2024 के दौरान शान्तिनिर्माण कोष के लिये डेढ़ अरब डॉलर की आवश्यकता होगी. 

यूएन महासचिव ने कोरोनावायरस संकट के कारण पहले से मौजूद चुनौतियों के गहराने और महामारी से निपटने के लिये वैश्विक युद्धविराम की पुकार की पृष्ठभूमि में ताज़ा अपील जारी की है. 

While the country continues to face many challenges, I saw during my visit efforts supported by PBF to help stabilize Bambari – through a strategic combination of cash-for-work, rehabilitation, socio-economic revitalization and support to local peace committees. @antonioguterres pic.twitter.com/8439M6gV0D— UN Peacebuilding (@UNPeacebuilding) January 26, 2021

उन्होंने इसे एक ऐसा समाधान क़रार दिया है जोकि संकट पर जवाबी कार्रवाई से परे जाता है और उनकी रोकथाम व शान्तिनिर्माण में दीर्घकालीन निवेश को बढ़ावा देता है. 
इससे टिकाऊ विकास लक्ष्यों पर आधारित 2030 एजेण्डा को हासिल करने में भी मदद मिलेगी. 
यूएन महासचिव ने कहा कि उथलपुथल के भीषण स्तर के मद्देनज़र तनावों को घटाने और हालात और ना बिगड़ने देने के लिये समन्वित प्रयासों की आवश्यकता होगी.  
उन्होंने महिलाओं व युवाओं के लिये समर्थन बढ़ाने की अहमियत को रेखांकित करते हुए उन्हें शान्ति और समावेशी विकास का ऐसा वाहक बताया है जिनकी भागीदारी के बग़ैर टिकाऊ शान्ति और समृद्धि सम्भव नहीं है. 
वर्ष 2020 में शान्तिनिर्माण कोष के ज़रिये बेहद कठिन हालात वाले क्षेत्रों के लिये 18 करोड़ डॉलर का इन्तज़ाम हुआ.
लेकिन अब संसाधनों में कमी आई है जिनकी फिर तात्कालिक ढँग से पूर्ति की जानी होगी ताकि ज़िन्दगियों की रक्षा हो और बहुपक्षीय समर्थन को मज़बूती मिले.
समुचित समर्थन
यूएन प्रमुख ने बताया कि शान्तिनिर्माण कोष के ज़रिये किस तरह मध्य अफ़्रीकी गणराज्य में बम्बारी में स्थायित्व लाने में मदद मिली है. 
इन प्रयासों के तहत काम के बदले धन, पुनर्वास, सामाजिक-आर्थिक स्फूर्तिकरण और स्थानीय शान्ति समितियों को समर्थन प्रदान किया गया.
नाज़ुक हालात की पृष्ठभूमि में शान्तिनिर्माण के लिये राष्ट्रीय व स्थानीय स्तर पर राजनैतिक साहस और नेतृत्व की आवश्यकता होती है. साथ ही अन्तरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से सही समय पर सही समर्थन भी ज़रूरी है.
“हमें शान्ति के लिये जोखिमों को लेना होगा…और अवसरों का फ़ायदा उठाने के लिये जगह चाहिये.”
महासचिव गुटेरेश ने कहा कि हमारा दायित्व है कि संस्थाओं में संयोजन के अभाव को दूर किया जाये और यूएन की पूर्ण क्षमताओं को आपस में जोड़ा जाए. 
“शान्तिनिर्माण कोष का लक्ष्य यही हासिल करना है.”
एंतोनियो गुटेरेश ने कोष की अहमियत को रेखांकित करते हुए बताया कि इसके ज़रिये जोखिमपूर्ण और अल्पनिवेश वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाती है; यूएन प्रणाली में साझा कार्रवाई को प्रोत्साहन मिलता है; राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर अतिरिक्त धनराशि का इन्तज़ाम होता है. 
साथ ही विभिन्न साझीदारों के साथ मिलकर काम किया जाता है. 
उन्होंने कहा कि सदस्य देशों और साझीदारों के योगदान की मदद से एक तेज़ छलाँग लगाई जा सकेगी और सतत शान्ति में सफलतापूर्वक निवेश किया जा सकेगा. , संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने बहुपक्षवाद और अन्तरराष्ट्रीय सहयोग को नए सिरे से बढ़ावा देने के लिये शान्तिनिर्माण कोष (Peacebuilding Fund) को मज़बूती प्रदान करने का आहवान किया है. इस विषय पर मंगलवार को हुए एक उच्चस्तरीय सम्मेलन में बताया गया है कि वर्ष 2020-2024 के दौरान शान्तिनिर्माण कोष के लिये डेढ़ अरब डॉलर की आवश्यकता होगी. 

यूएन महासचिव ने कोरोनावायरस संकट के कारण पहले से मौजूद चुनौतियों के गहराने और महामारी से निपटने के लिये वैश्विक युद्धविराम की पुकार की पृष्ठभूमि में ताज़ा अपील जारी की है. 

उन्होंने इसे एक ऐसा समाधान क़रार दिया है जोकि संकट पर जवाबी कार्रवाई से परे जाता है और उनकी रोकथाम व शान्तिनिर्माण में दीर्घकालीन निवेश को बढ़ावा देता है. 

इससे टिकाऊ विकास लक्ष्यों पर आधारित 2030 एजेण्डा को हासिल करने में भी मदद मिलेगी. 

यूएन महासचिव ने कहा कि उथलपुथल के भीषण स्तर के मद्देनज़र तनावों को घटाने और हालात और ना बिगड़ने देने के लिये समन्वित प्रयासों की आवश्यकता होगी.  

उन्होंने महिलाओं व युवाओं के लिये समर्थन बढ़ाने की अहमियत को रेखांकित करते हुए उन्हें शान्ति और समावेशी विकास का ऐसा वाहक बताया है जिनकी भागीदारी के बग़ैर टिकाऊ शान्ति और समृद्धि सम्भव नहीं है. 

वर्ष 2020 में शान्तिनिर्माण कोष के ज़रिये बेहद कठिन हालात वाले क्षेत्रों के लिये 18 करोड़ डॉलर का इन्तज़ाम हुआ.

लेकिन अब संसाधनों में कमी आई है जिनकी फिर तात्कालिक ढँग से पूर्ति की जानी होगी ताकि ज़िन्दगियों की रक्षा हो और बहुपक्षीय समर्थन को मज़बूती मिले.

समुचित समर्थन

यूएन प्रमुख ने बताया कि शान्तिनिर्माण कोष के ज़रिये किस तरह मध्य अफ़्रीकी गणराज्य में बम्बारी में स्थायित्व लाने में मदद मिली है. 

इन प्रयासों के तहत काम के बदले धन, पुनर्वास, सामाजिक-आर्थिक स्फूर्तिकरण और स्थानीय शान्ति समितियों को समर्थन प्रदान किया गया.

नाज़ुक हालात की पृष्ठभूमि में शान्तिनिर्माण के लिये राष्ट्रीय व स्थानीय स्तर पर राजनैतिक साहस और नेतृत्व की आवश्यकता होती है. साथ ही अन्तरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से सही समय पर सही समर्थन भी ज़रूरी है.

“हमें शान्ति के लिये जोखिमों को लेना होगा…और अवसरों का फ़ायदा उठाने के लिये जगह चाहिये.”

महासचिव गुटेरेश ने कहा कि हमारा दायित्व है कि संस्थाओं में संयोजन के अभाव को दूर किया जाये और यूएन की पूर्ण क्षमताओं को आपस में जोड़ा जाए. 

“शान्तिनिर्माण कोष का लक्ष्य यही हासिल करना है.”

एंतोनियो गुटेरेश ने कोष की अहमियत को रेखांकित करते हुए बताया कि इसके ज़रिये जोखिमपूर्ण और अल्पनिवेश वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाती है; यूएन प्रणाली में साझा कार्रवाई को प्रोत्साहन मिलता है; राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर अतिरिक्त धनराशि का इन्तज़ाम होता है. 

साथ ही विभिन्न साझीदारों के साथ मिलकर काम किया जाता है. 

उन्होंने कहा कि सदस्य देशों और साझीदारों के योगदान की मदद से एक तेज़ छलाँग लगाई जा सकेगी और सतत शान्ति में सफलतापूर्वक निवेश किया जा सकेगा. 

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