समावेशी व टिकाऊ भविष्य के लिये खेलकूद की ताक़त पर ध्यान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने खेलकूद में व्यस्त व शामिल सर्वजन से आग्रह किया है कि वो जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाने, भेदभाव और पूर्वाग्रह का मुक़ाबला करने, और वैश्विक खेलकूद घटनाओं द्वारा सकारात्मक विरासत छोड़ा जाना सुनिश्चित करने में मदद करें.

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने, विकास और शान्ति के लिये अन्तरराष्ट्रीय खेल दिवस पर अपने सन्देश में, लोगों को साथ लाने, स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने, और समावेशी व टिकाऊ विकास के लिये योगदान में, खेलकूद की ताक़त को भी रेखांकित किया है.

We must level the playing field so that everyone, everywhere, can have access to a #COVID19 vaccine.#OnlyTogether will we play & cheer again. #SportDay pic.twitter.com/IgkqVpzcAx— António Guterres (@antonioguterres) April 6, 2021

एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, ”खेलकूद में शामिल लोगों के कन्धों पर ज़िम्मेदारियाँ भी हैं: पर्यावरण पर खेलकूद के कार्बन पदचिन्ह कम करने की ज़िम्मेदारी; अन्तरराष्ट्रीय श्रम मानकों का पालन करने की ज़िम्मेदारी; सभी तरह के भेदभाव और पूर्वाग्रहों का मुक़ाबला करने की ज़िम्मेदारी; भ्रष्टाचार को रद्द करने की ज़िम्मेदारी…”
“और ये सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी कि दुनिया को जोड़ने वाले फ़ीफ़ा विश्व कप और ओलिम्पिक व पैरालिम्पिक खेलों की एक सकारात्मक विरासत छोड़ी जाए.”
एक सुरक्षित व टिकाऊ पुनर्बहाली में मदद
यूएन प्रमुख ने यह भी कहा कि कोविड-19 महामारी ने, खेल सैक्टर के लिये अलबत्ता नई चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं, मगर ये भी सही है कि खेलकूदों के ज़रिये, एक सुरक्षित व टिकाऊ पुनर्बहाली में योगदान किया जा सकता है.
एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, “खेलकूद सैक्टर में काम करने वालों, खेल प्रेमियों और एथलीटों ने खेल के मैदानों से दूर रहने, आमदनी बन्द होने और सपने टल जाने का दर्द महसूस किया है.”
उन्होंने कहा, “मगर, बहुत सी प्रतिस्पर्धाओं व लीगों ने, संकट के बावजूद, समुदाय व आनन्द की ख़ातिर, अवसर उत्पन्न करने के नए रास्ते तलाश किये हैं…” 
“अब जबकि वैक्सीन ने उम्मीदें जगानी शुरू कर दी हैं और खेल प्रेमी व दर्शक भी फिर से खेल स्थलों का रुख़ करने लगे हैं, तो खेलकूद की दुनिया के कन्धों पर भी, एक सुरक्षित व टिकाऊ पुनर्बहाली के रास्ते में, महत्वपूर्ण योगदान करने की ज़िम्मेदारी है.
महासचिव ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र भी, जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाने और शान्ति, मानवाधिकार व टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के प्रयासों में, दुनिया भर में खेल हस्तियों और संगठनों के साथ मिलकर काम करना जारी रखने के लिये उत्सुक है.
“हम फिर से खेलेंगे और आनन्द उठाएंगे, जब सभी लोग महामारी से सुरक्षित हो जाएँगे.”
अन्तरराष्ट्रीय दिवस
विकास व शान्ति के लिये अन्तरराष्ट्रीय खेलकूद दिवस, हर वर्ष 6 अप्रैल को मनाया जाता है.
यूएन महासभा ने, इस दिवस की स्थापना, अगस्त 2013 में की थी जिसका मक़सद – शान्तिपूर्ण समाजों और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में, खेलकूद की महत्ता को रेखांकित करना है. 
इस वर्ष कोरोनावायरस महामारी के कारण, ये अन्तरराष्ट्रीय दिवस, मुख्य रूप से ऑनलाइन माध्यमों से ही मनाया जा रहा है जिसमें सोशल मीडिया कार्यक्रम भी शामिल हैं.
इन कार्यक्रमों की मुख्य थीम महामारी से उबरने के इर्दगिर्द ही केन्द्रित हैं, और एक ज़्यादा सहनशील व समतामूलक समाज की ख़ातिर पुनर्बहाली की ज़रूरत को भी रेखांकित किया गया है., संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने खेलकूद में व्यस्त व शामिल सर्वजन से आग्रह किया है कि वो जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाने, भेदभाव और पूर्वाग्रह का मुक़ाबला करने, और वैश्विक खेलकूद घटनाओं द्वारा सकारात्मक विरासत छोड़ा जाना सुनिश्चित करने में मदद करें.

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने, विकास और शान्ति के लिये अन्तरराष्ट्रीय खेल दिवस पर अपने सन्देश में, लोगों को साथ लाने, स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने, और समावेशी व टिकाऊ विकास के लिये योगदान में, खेलकूद की ताक़त को भी रेखांकित किया है.

एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, ”खेलकूद में शामिल लोगों के कन्धों पर ज़िम्मेदारियाँ भी हैं: पर्यावरण पर खेलकूद के कार्बन पदचिन्ह कम करने की ज़िम्मेदारी; अन्तरराष्ट्रीय श्रम मानकों का पालन करने की ज़िम्मेदारी; सभी तरह के भेदभाव और पूर्वाग्रहों का मुक़ाबला करने की ज़िम्मेदारी; भ्रष्टाचार को रद्द करने की ज़िम्मेदारी…”

“और ये सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी कि दुनिया को जोड़ने वाले फ़ीफ़ा विश्व कप और ओलिम्पिक व पैरालिम्पिक खेलों की एक सकारात्मक विरासत छोड़ी जाए.”

एक सुरक्षित व टिकाऊ पुनर्बहाली में मदद

यूएन प्रमुख ने यह भी कहा कि कोविड-19 महामारी ने, खेल सैक्टर के लिये अलबत्ता नई चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं, मगर ये भी सही है कि खेलकूदों के ज़रिये, एक सुरक्षित व टिकाऊ पुनर्बहाली में योगदान किया जा सकता है.

एंतोनियो गुटेरेश ने कहा, “खेलकूद सैक्टर में काम करने वालों, खेल प्रेमियों और एथलीटों ने खेल के मैदानों से दूर रहने, आमदनी बन्द होने और सपने टल जाने का दर्द महसूस किया है.”

उन्होंने कहा, “मगर, बहुत सी प्रतिस्पर्धाओं व लीगों ने, संकट के बावजूद, समुदाय व आनन्द की ख़ातिर, अवसर उत्पन्न करने के नए रास्ते तलाश किये हैं…” 

“अब जबकि वैक्सीन ने उम्मीदें जगानी शुरू कर दी हैं और खेल प्रेमी व दर्शक भी फिर से खेल स्थलों का रुख़ करने लगे हैं, तो खेलकूद की दुनिया के कन्धों पर भी, एक सुरक्षित व टिकाऊ पुनर्बहाली के रास्ते में, महत्वपूर्ण योगदान करने की ज़िम्मेदारी है.

महासचिव ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र भी, जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाने और शान्ति, मानवाधिकार व टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के प्रयासों में, दुनिया भर में खेल हस्तियों और संगठनों के साथ मिलकर काम करना जारी रखने के लिये उत्सुक है.

“हम फिर से खेलेंगे और आनन्द उठाएंगे, जब सभी लोग महामारी से सुरक्षित हो जाएँगे.”

अन्तरराष्ट्रीय दिवस

विकास व शान्ति के लिये अन्तरराष्ट्रीय खेलकूद दिवस, हर वर्ष 6 अप्रैल को मनाया जाता है.

यूएन महासभा ने, इस दिवस की स्थापना, अगस्त 2013 में की थी जिसका मक़सद – शान्तिपूर्ण समाजों और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में, खेलकूद की महत्ता को रेखांकित करना है. 

इस वर्ष कोरोनावायरस महामारी के कारण, ये अन्तरराष्ट्रीय दिवस, मुख्य रूप से ऑनलाइन माध्यमों से ही मनाया जा रहा है जिसमें सोशल मीडिया कार्यक्रम भी शामिल हैं.

इन कार्यक्रमों की मुख्य थीम महामारी से उबरने के इर्दगिर्द ही केन्द्रित हैं, और एक ज़्यादा सहनशील व समतामूलक समाज की ख़ातिर पुनर्बहाली की ज़रूरत को भी रेखांकित किया गया है.

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