सूडान और इसराइल में सम्बन्ध सामान्य होने से ‘नए अवसरों’ के सृजन की आशा

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सूडान द्वारा इसराइल के साथ सम्बन्ध सामान्य करने की घोषणा को अपने संज्ञान में लेते हुए उम्मीद जताई है कि पारस्परिक सहयोग से अन्तरराष्ट्रीय शान्ति व समृद्धि को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. शनिवार को यूएन प्रमुख की ओर से यह बयान अमेरिका की मध्यस्थता से दोनों देशों में हुई सहमति की घोषणा के बाद जारी किया गया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को सूडान व इसराइल के प्रधानमन्त्रियों के साथ त्रिपक्षीय बातचीत के बाद इस समझौते की औपचारिक घोषणा की थी. 
घोषणा के मुताबिक आने वाले दिनों में सूडान और इसराइल के प्रतिनिधिमण्डलों की बैठक होगी जिसमें समझौते को अन्तिम रूप दिया जायेगा. 
रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका इस समझौते के तहत सूडान का नाम आतंकवाद के प्रायोजक देशों की सूची से हटा देगा, जिससे देश को सहायता प्रदान किये जाने और वहाँ आर्थिक निवेश का मार्ग स्पष्ट हो जायेगा.

I join the #UNSG @antonioguterres in expressing my hope that the #Israel #Sudan normalisation agreement will further cooperation, enhance economic and trade relations, and bring about new opportunities to advance #peace and economic prosperity in the #HornofAfrica and #MiddleEast— Nickolay E. MLADENOV (@nmladenov) October 24, 2020

लम्बे समय तक सूडान की बागडोर सम्भालने वाले पूर्व राष्ट्रपति ओमर अल-बशीर को पिछले साल सत्ता से हटा दिया गया था जिसके बाद देश लोकतांत्रिकरण की प्रक्रिया से गुज़र रहा है. 
सूडान से पहले संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन ने भी अमेरिकी मध्यस्थता के बाद कुछ हफ़्तों पहले इसराइल के साथ सम्बन्ध सामान्य किये जाने की घोषणा की थी.
पिछले दो दशकों से भी ज़्यादा समय में यह पहली बार है जब मध्य पूर्व के देशों द्वारा इसराइल को पूर्ण मान्यता दी गई है. सूडान ने इसराइल के ख़िलाफ़ वर्ष 1948 और 1967 में युद्ध में लड़ाई लड़ी है.
न्यूज़ रिपोर्टों के मुताबिक सूडान 1998 में अल क़ायदा द्वारा केनया और तन्ज़ानिया में किये गये आतंकी हमलों के पीड़ितों को लाखों डॉलर का मुआवज़ा देने के लिये सहमत हो गया है. उस समय आतंकी नैटवर्क का मुख्यालय सूडान में स्थित था.   
महासचिव गुटेरेश ने अपने वक्तव्य में उम्मीद ज़ाहिर की है कि इस समझौते से सहयोग को आगे बढ़ाने, आर्थिक व व्यापारिक रिश्तों को मज़बूती प्रदान करने और हॉर्न ऑफ़ अफ़्रीका और मध्य पूर्व क्षेत्रों में शान्ति व आर्थिक समृद्धि को आगे बढ़ाने के लिये नये अवसरों को बल मिलेगा. 
यूएन प्रमुख ने आश्वासन दिया है कि सूडान और वृहत क्षेत्र में सूडान गणराज्य द्वारा सामाजिक-आर्थिक पुनर्बहाली, स्थिरता और समृद्धि के लिये किये जा रहे प्रयासों को समर्थन प्रदान करने के लिये संयुक्त राष्ट्र पूर्ण रूप से संकल्पित है. 
मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष समन्वयक निकोलाय म्लादेनॉफ़ ने भी ट्विटर पर अपने सन्देश में उम्मीद जताई कि आपसी सहमति और रिश्तों के सामान्य होने से सहयोग को बढ़ावा मिलेगा. 
साथ ही इससे हॉर्न ऑफ़ अफ़्रीका और पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र के लिये नए अवसरों को सृजित करने में मदद मिलने का भरोसा जताया गया है.     , संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सूडान द्वारा इसराइल के साथ सम्बन्ध सामान्य करने की घोषणा को अपने संज्ञान में लेते हुए उम्मीद जताई है कि पारस्परिक सहयोग से अन्तरराष्ट्रीय शान्ति व समृद्धि को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. शनिवार को यूएन प्रमुख की ओर से यह बयान अमेरिका की मध्यस्थता से दोनों देशों में हुई सहमति की घोषणा के बाद जारी किया गया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को सूडान व इसराइल के प्रधानमन्त्रियों के साथ त्रिपक्षीय बातचीत के बाद इस समझौते की औपचारिक घोषणा की थी.

घोषणा के मुताबिक आने वाले दिनों में सूडान और इसराइल के प्रतिनिधिमण्डलों की बैठक होगी जिसमें समझौते को अन्तिम रूप दिया जायेगा.

रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका इस समझौते के तहत सूडान का नाम आतंकवाद के प्रायोजक देशों की सूची से हटा देगा, जिससे देश को सहायता प्रदान किये जाने और वहाँ आर्थिक निवेश का मार्ग स्पष्ट हो जायेगा.

लम्बे समय तक सूडान की बागडोर सम्भालने वाले पूर्व राष्ट्रपति ओमर अल-बशीर को पिछले साल सत्ता से हटा दिया गया था जिसके बाद देश लोकतांत्रिकरण की प्रक्रिया से गुज़र रहा है.

सूडान से पहले संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन ने भी अमेरिकी मध्यस्थता के बाद कुछ हफ़्तों पहले इसराइल के साथ सम्बन्ध सामान्य किये जाने की घोषणा की थी.

पिछले दो दशकों से भी ज़्यादा समय में यह पहली बार है जब मध्य पूर्व के देशों द्वारा इसराइल को पूर्ण मान्यता दी गई है. सूडान ने इसराइल के ख़िलाफ़ वर्ष 1948 और 1967 में युद्ध में लड़ाई लड़ी है.

न्यूज़ रिपोर्टों के मुताबिक सूडान 1998 में अल क़ायदा द्वारा केनया और तन्ज़ानिया में किये गये आतंकी हमलों के पीड़ितों को लाखों डॉलर का मुआवज़ा देने के लिये सहमत हो गया है. उस समय आतंकी नैटवर्क का मुख्यालय सूडान में स्थित था.

महासचिव गुटेरेश ने अपने वक्तव्य में उम्मीद ज़ाहिर की है कि इस समझौते से सहयोग को आगे बढ़ाने, आर्थिक व व्यापारिक रिश्तों को मज़बूती प्रदान करने और हॉर्न ऑफ़ अफ़्रीका और मध्य पूर्व क्षेत्रों में शान्ति व आर्थिक समृद्धि को आगे बढ़ाने के लिये नये अवसरों को बल मिलेगा.

यूएन प्रमुख ने आश्वासन दिया है कि सूडान और वृहत क्षेत्र में सूडान गणराज्य द्वारा सामाजिक-आर्थिक पुनर्बहाली, स्थिरता और समृद्धि के लिये किये जा रहे प्रयासों को समर्थन प्रदान करने के लिये संयुक्त राष्ट्र पूर्ण रूप से संकल्पित है.

मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया के लिये संयुक्त राष्ट्र के विशेष समन्वयक निकोलाय म्लादेनॉफ़ ने भी ट्विटर पर अपने सन्देश में उम्मीद जताई कि आपसी सहमति और रिश्तों के सामान्य होने से सहयोग को बढ़ावा मिलेगा.

साथ ही इससे हॉर्न ऑफ़ अफ़्रीका और पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र के लिये नए अवसरों को सृजित करने में मदद मिलने का भरोसा जताया गया है.

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