सूडान के शान्तिपूर्ण और टिकाऊ भविष्य में निवेश करने की पुकार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को पेरिस में हुए एक प्रमुख निवेश सम्मेलन में कहा है कि सूडान के लिये अन्तरराष्ट्रीय सहायता जारी रहना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि देश, ऐतिहासिक राजनैतिक और आर्थिक परिवर्तन के दौर से गुज़र रहा है.

यूएन प्रमुख ने एक वीडियो सन्देश में कहा, “हमारी ये ज़िम्मेदारी है कि हम सूडान में लोकतांत्रिक बदलाव की प्रक्रिया को मज़बूत करने में उसकी मदद करें. इसकी अर्थव्यवस्था का पुनर्निर्माण करें. और इसके सम्पूर्ण विविधतापूर्ण समाज के लिये टिकाऊ शान्ति और विकास सम्भव बनाएँ.”
इस सम्मेलन का आयोजन फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्राँ ने, निजी निवेशकों को सूडान में संसाधन निवेश करने के लिये प्रोत्साहित करने के इरादे से किया, क्योंकि सूडान, लगभग तीन दशकों के अलगाव से उबरने और बिखर चुकी अपनी अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के प्रयास कर रहा है.
राजनैतिक बदलाव और क़र्ज़ राहत
सूडान में लोकतंत्र के लिये बदलाव का ये दौर कुछ वर्ष पहले शुरू हुआ था जब महीनों तक जन प्रदर्शन होने के बाद, पूर्व राष्ट्रपति उमर अल बशीर को अप्रैल 2019 में सत्ता से हटना पड़ा था.
उमर अल बशीर, 1989 में एक सैन्य विद्रोह के बाद सत्ता में आए थे और वो तभी से सत्ताधीन थे.
सूडान पर लगभग 50 अरब डॉलर का बाहरी क़र्ज़ भी है जिसे चुकाने में वो मदद की अपील कर रहा है. इसमें अन्तरारष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक और अफ़्रीकी विकास बैंक का लगभग 5 अरब 60 करोड़ डॉलर का क़र्ज भी शामिल है.
फ्रांस ने सोमवार को ऐलान किया कि वो अन्तरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की देनदारियाँ चुकाने के लिये, सूडान को डेढ़ अरब डॉलर की अनुदान राशि देगा.
इससे पहले ब्रिटेन और अमेरिका भी, अन्य विकास बैंकों के क़र्ज़ भुगतान में सूडान की मदद कर चुके हैं.
अन्तरराष्ट्रीय समुदाय में वापसी
यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि पेरिस सम्मेलन, सूडान को अन्तरराष्ट्रीय समुदाय में फिर से वापिस लाने के मौजूदा प्रयासों का एक हिस्सा है. 
महासचिव ने उन देशों की सराहना की जिन्होंने, अन्तरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के क़र्ज़ भुगतान में, सूडान की मदद की है.
उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि अन्तरराष्ट्रीय नियमों के तहत, क़र्ज़ राहत हासिल करने के लिये, उदार दान सहायता की ज़रूरत होगी.
उन्होंने कहा, “सूडान को उसके मित्रों और साझीदारों से लगातार सहायता मिलना, बहुत अहम है.”
“अगर वित्तीय सहायता और संसाधन निवेश आगे नहीं बढ़ेंगे तो बेहद कमज़ोर मौजूदा आर्थिक स्थिति, सूडान में परिवर्तन के दौर को प्रभावित कर सकती है, जिसके, देश के साथ-साथ, क्षेत्र और उससे भी परे, शान्ति व स्थिरता के लिये नकारात्मक परिणाम होंगे.”
एंतोनियो गुटेरेश ने ज़ोर देकर कहा कि सूडान को पुनर्निर्माण के लिये टिकाऊ संकल्प और निवेश की ज़रूरत है, जिसमें निजी क्षेत्र से निवेश भी शामिल है. 
ये विशेष रूप में ऐसे हालात में अहम है जबकि देश के आर्थिक पुनरुत्थान के लिये एक बुनियाद मुहैया करने की ख़ातिर, अन्तरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से वित्तीय सहायता के लिये पात्रता हासिल करने की कोशिश कर रहा है.
यूएन प्रमुख ने कहा, “सूडान एक ऐतिहासिक राजनैतिक और आर्थिक परिवर्तन के दौर से गुज़र रहा है. मैं दानदाताओं और व्यवसायों से सूडान के शान्तिपूर्ण और टिकाऊ भविष्य में एक साहसिक निवेश करने का आहवान करता हूँ.”, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को पेरिस में हुए एक प्रमुख निवेश सम्मेलन में कहा है कि सूडान के लिये अन्तरराष्ट्रीय सहायता जारी रहना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि देश, ऐतिहासिक राजनैतिक और आर्थिक परिवर्तन के दौर से गुज़र रहा है.

यूएन प्रमुख ने एक वीडियो सन्देश में कहा, “हमारी ये ज़िम्मेदारी है कि हम सूडान में लोकतांत्रिक बदलाव की प्रक्रिया को मज़बूत करने में उसकी मदद करें. इसकी अर्थव्यवस्था का पुनर्निर्माण करें. और इसके सम्पूर्ण विविधतापूर्ण समाज के लिये टिकाऊ शान्ति और विकास सम्भव बनाएँ.”

इस सम्मेलन का आयोजन फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्राँ ने, निजी निवेशकों को सूडान में संसाधन निवेश करने के लिये प्रोत्साहित करने के इरादे से किया, क्योंकि सूडान, लगभग तीन दशकों के अलगाव से उबरने और बिखर चुकी अपनी अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के प्रयास कर रहा है.

राजनैतिक बदलाव और क़र्ज़ राहत

सूडान में लोकतंत्र के लिये बदलाव का ये दौर कुछ वर्ष पहले शुरू हुआ था जब महीनों तक जन प्रदर्शन होने के बाद, पूर्व राष्ट्रपति उमर अल बशीर को अप्रैल 2019 में सत्ता से हटना पड़ा था.

उमर अल बशीर, 1989 में एक सैन्य विद्रोह के बाद सत्ता में आए थे और वो तभी से सत्ताधीन थे.

सूडान पर लगभग 50 अरब डॉलर का बाहरी क़र्ज़ भी है जिसे चुकाने में वो मदद की अपील कर रहा है. इसमें अन्तरारष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक और अफ़्रीकी विकास बैंक का लगभग 5 अरब 60 करोड़ डॉलर का क़र्ज भी शामिल है.

फ्रांस ने सोमवार को ऐलान किया कि वो अन्तरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की देनदारियाँ चुकाने के लिये, सूडान को डेढ़ अरब डॉलर की अनुदान राशि देगा.

इससे पहले ब्रिटेन और अमेरिका भी, अन्य विकास बैंकों के क़र्ज़ भुगतान में सूडान की मदद कर चुके हैं.

अन्तरराष्ट्रीय समुदाय में वापसी

यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने कहा कि पेरिस सम्मेलन, सूडान को अन्तरराष्ट्रीय समुदाय में फिर से वापिस लाने के मौजूदा प्रयासों का एक हिस्सा है. 

महासचिव ने उन देशों की सराहना की जिन्होंने, अन्तरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के क़र्ज़ भुगतान में, सूडान की मदद की है.

उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि अन्तरराष्ट्रीय नियमों के तहत, क़र्ज़ राहत हासिल करने के लिये, उदार दान सहायता की ज़रूरत होगी.

उन्होंने कहा, “सूडान को उसके मित्रों और साझीदारों से लगातार सहायता मिलना, बहुत अहम है.”

“अगर वित्तीय सहायता और संसाधन निवेश आगे नहीं बढ़ेंगे तो बेहद कमज़ोर मौजूदा आर्थिक स्थिति, सूडान में परिवर्तन के दौर को प्रभावित कर सकती है, जिसके, देश के साथ-साथ, क्षेत्र और उससे भी परे, शान्ति व स्थिरता के लिये नकारात्मक परिणाम होंगे.”

एंतोनियो गुटेरेश ने ज़ोर देकर कहा कि सूडान को पुनर्निर्माण के लिये टिकाऊ संकल्प और निवेश की ज़रूरत है, जिसमें निजी क्षेत्र से निवेश भी शामिल है. 

ये विशेष रूप में ऐसे हालात में अहम है जबकि देश के आर्थिक पुनरुत्थान के लिये एक बुनियाद मुहैया करने की ख़ातिर, अन्तरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से वित्तीय सहायता के लिये पात्रता हासिल करने की कोशिश कर रहा है.

यूएन प्रमुख ने कहा, “सूडान एक ऐतिहासिक राजनैतिक और आर्थिक परिवर्तन के दौर से गुज़र रहा है. मैं दानदाताओं और व्यवसायों से सूडान के शान्तिपूर्ण और टिकाऊ भविष्य में एक साहसिक निवेश करने का आहवान करता हूँ.”

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