सेण्ट विन्सेण्ट में, ज्वालामुखी विस्फोट से भारी बर्बादी, यूएन ने जताई एकजुटता

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सेण्ट विन्सेण्ट नामक कैरीबियाई द्वीप पर ‘ला सूफ़्रियेर’ ज्वालामुखी में सिलसिलेवार शक्तिशाली विस्फोट होने के बाद उपजे गम्भीर हालात पर चिन्ता जताई है. महासचिव गुटेरेश ने भरोसा दिलाया है कि संयुक्त राष्ट्र, इस घड़ी में देश की जनता व सरकार के साथ एकजुट है.

महासचिव के प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने सोमवार को उनकी ओर से एक बयान जारी किया.
“यह संकट एक ऐसे, बेहद मुश्किल समय में आया है, जब दुनिया कोविड-19 महामारी के असर से जूझ रही है और चक्रवाती तूफ़ानों का मौसम नज़दीक है.”
“महासचिव ने स्थानीय स्तर पर जारी जवाबी कार्रवाई की सराहना की है और संयुक्त राष्ट्र का पूर्ण समर्थन दोहराया है.”
सेण्ट विन्सेण्ट एण्ड द ग्रेनेडीन्स, दक्षिणी कैरीबियाई क्षेत्र में स्थित है और 30 से ज़्यादा द्वीपों और प्रवाल द्वीप (मूंगा चट्टानों की सतह पर रेतीले द्वीप) से बना है. इनमें से नौ द्वीपों पर आबादी बसती है.
इनमें सेण्ट विन्सेण्ट सबसे बड़ा द्वीप है, जहाँ चार हज़ार फ़ीट (1,220 मीटर) ऊँचा, ‘ला सूफ़्रियेर’ ज्वालामुखी स्थित है.

On the road to red zone yesterday. 12,600 evacues have now been registered and require support with basic needs for food, water, clothing and shelter supplies. UN will launch a funding appeal tomorrow wt PM Ralph Gonsalvez to support Saint Vincent & affected islands. Stay tuned pic.twitter.com/y6XCnUut5A— Didier Trebucq (@dtrebucq) April 19, 2021

यह ज्वालामुखी 1979 से शान्त रहा है, मगर 9 अप्रैल को पूरी तरह फटने से पहले, दिसम्बर 2020 से ही उसमें से गड़गड़ाहट के साथ धुँआ निकलना शुरू हो गया था.
यूएन महासचिव के प्रवक्ता के मुताबिक़, मानवीय राहत मामलों में संयोजन के लिये संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (OCHA) की ओर से मंगलवार को 10 लाख डॉलर की सहायता राशि की घोषणा की जाएगी.
यह राशि केन्द्रीय आपात कार्रवाई कोष’ (Central Emergency Response Fund/CERF) के तहत राहत कार्रवाई को मज़बूत बनाने के लिये जारी की जाएगी.
“संयुक्त राष्ट्र…अतिरिक्त सहायता प्रदान करने के लिये तैयार है.”
विशाल प्रयासों की ज़रूरत
इससे पहले, बारबेडॉस और पूर्वी कैरीबियाई क्षेत्र के लिये यूएन के रैजीडेण्ट कोऑर्डिनेटर डिडियेर ट्रेबक ने अन्य यूएन एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ, प्रभावित इलाक़े का जायज़ा लेने के लिये नाव से दौरा किया.
यूएन के वरिष्ठ अधिकारी ने 10 घण्टे की नौका यात्रा के दौरान, राहत कार्रवाई व पुनर्बहाली प्रयासों की समीक्षा की.
स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ यूएन टीम ने ऐसे अनेक शिविरों का दौरा किया, जहाँ 11 दिन पहले हुए विस्फोट के बाद प्रभावितों के रहने की व्यवस्था की गई है.
बताया गया है कि इलाक़े में पसरी वीरानी और नए विस्फोटों के जोखिम के बीच, 15 हज़ार लोगों को तत्काल सहायता की आवश्यकता है.
यूएन रैजीडेण्ट कोऑर्डिनेटर ने बताया कि गाँव, राख से बुरी तरह ढक गए हैं और सड़क मार्ग धूल भरे रास्तों मे तब्दील हो गया है.
उन्होंने मौजूदा हालात के मद्देनज़र आगाह किया है कि साफ़-सफ़ाई, पारिस्थितिकीय पुनर्बहाली और मानवीय सम्पदा को उबारने के लिये विशाल स्तर पर प्रयासों की आवश्यकता होगी.

अमेरिकी क्षेत्र में सक्रिय स्वास्थ्य संगठन (Pan American Health Organization/PAHO) के अनुसार:

20 हज़ार से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है
लगभग 1 हज़ार 450 परिवार विस्थापित हुए हैं
मवेशियों और सम्पत्तियों की स्थिति के बारे में जानकारी के लिये लोग फिर से रेड ज़ोन में प्रवेश कर रहे हैं
विस्फोटों, गैस, राख और थरथराहट से मानवीय राहत कार्यों में बाधाएँ पेश आ रही हैं
बुनियादी ढाँचों, सुविधाओं और सेवाओं में व्यापक पैमाने पर व्यवधान आया है
सुरक्षित स्थानों पर प्रभावितों के लिये सीमित स्तर पर, अस्थाई रूप से ही रहने की व्यवस्था है

 

CEDMAइस मानचित्र में प्रभावित इलाक़ों में 16 अप्रैल तक के हालात को दर्शाया गया है., संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सेण्ट विन्सेण्ट नामक कैरीबियाई द्वीप पर ‘ला सूफ़्रियेर’ ज्वालामुखी में सिलसिलेवार शक्तिशाली विस्फोट होने के बाद उपजे गम्भीर हालात पर चिन्ता जताई है. महासचिव गुटेरेश ने भरोसा दिलाया है कि संयुक्त राष्ट्र, इस घड़ी में देश की जनता व सरकार के साथ एकजुट है.

महासचिव के प्रवक्ता स्तेफ़ान दुजैरिक ने सोमवार को उनकी ओर से एक बयान जारी किया.

“यह संकट एक ऐसे, बेहद मुश्किल समय में आया है, जब दुनिया कोविड-19 महामारी के असर से जूझ रही है और चक्रवाती तूफ़ानों का मौसम नज़दीक है.”

“महासचिव ने स्थानीय स्तर पर जारी जवाबी कार्रवाई की सराहना की है और संयुक्त राष्ट्र का पूर्ण समर्थन दोहराया है.”

सेण्ट विन्सेण्ट एण्ड द ग्रेनेडीन्स, दक्षिणी कैरीबियाई क्षेत्र में स्थित है और 30 से ज़्यादा द्वीपों और प्रवाल द्वीप (मूंगा चट्टानों की सतह पर रेतीले द्वीप) से बना है. इनमें से नौ द्वीपों पर आबादी बसती है.

इनमें सेण्ट विन्सेण्ट सबसे बड़ा द्वीप है, जहाँ चार हज़ार फ़ीट (1,220 मीटर) ऊँचा, ‘ला सूफ़्रियेर’ ज्वालामुखी स्थित है.

यह ज्वालामुखी 1979 से शान्त रहा है, मगर 9 अप्रैल को पूरी तरह फटने से पहले, दिसम्बर 2020 से ही उसमें से गड़गड़ाहट के साथ धुँआ निकलना शुरू हो गया था.

यूएन महासचिव के प्रवक्ता के मुताबिक़, मानवीय राहत मामलों में संयोजन के लिये संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (OCHA) की ओर से मंगलवार को 10 लाख डॉलर की सहायता राशि की घोषणा की जाएगी.

यह राशि केन्द्रीय आपात कार्रवाई कोष’ (Central Emergency Response Fund/CERF) के तहत राहत कार्रवाई को मज़बूत बनाने के लिये जारी की जाएगी.

“संयुक्त राष्ट्र…अतिरिक्त सहायता प्रदान करने के लिये तैयार है.”

विशाल प्रयासों की ज़रूरत

इससे पहले, बारबेडॉस और पूर्वी कैरीबियाई क्षेत्र के लिये यूएन के रैजीडेण्ट कोऑर्डिनेटर डिडियेर ट्रेबक ने अन्य यूएन एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ, प्रभावित इलाक़े का जायज़ा लेने के लिये नाव से दौरा किया.

यूएन के वरिष्ठ अधिकारी ने 10 घण्टे की नौका यात्रा के दौरान, राहत कार्रवाई व पुनर्बहाली प्रयासों की समीक्षा की.

स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ यूएन टीम ने ऐसे अनेक शिविरों का दौरा किया, जहाँ 11 दिन पहले हुए विस्फोट के बाद प्रभावितों के रहने की व्यवस्था की गई है.

बताया गया है कि इलाक़े में पसरी वीरानी और नए विस्फोटों के जोखिम के बीच, 15 हज़ार लोगों को तत्काल सहायता की आवश्यकता है.

यूएन रैजीडेण्ट कोऑर्डिनेटर ने बताया कि गाँव, राख से बुरी तरह ढक गए हैं और सड़क मार्ग धूल भरे रास्तों मे तब्दील हो गया है.

उन्होंने मौजूदा हालात के मद्देनज़र आगाह किया है कि साफ़-सफ़ाई, पारिस्थितिकीय पुनर्बहाली और मानवीय सम्पदा को उबारने के लिये विशाल स्तर पर प्रयासों की आवश्यकता होगी.

अमेरिकी क्षेत्र में सक्रिय स्वास्थ्य संगठन (Pan American Health Organization/PAHO) के अनुसार:

  • 20 हज़ार से ज़्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है
  • लगभग 1 हज़ार 450 परिवार विस्थापित हुए हैं
  • मवेशियों और सम्पत्तियों की स्थिति के बारे में जानकारी के लिये लोग फिर से रेड ज़ोन में प्रवेश कर रहे हैं
  • विस्फोटों, गैस, राख और थरथराहट से मानवीय राहत कार्यों में बाधाएँ पेश आ रही हैं
  • बुनियादी ढाँचों, सुविधाओं और सेवाओं में व्यापक पैमाने पर व्यवधान आया है
  • सुरक्षित स्थानों पर प्रभावितों के लिये सीमित स्तर पर, अस्थाई रूप से ही रहने की व्यवस्था है

 


CEDMA
इस मानचित्र में प्रभावित इलाक़ों में 16 अप्रैल तक के हालात को दर्शाया गया है.

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