Online News Channel

News

हजारों किसानों की चेतावनी : मांगें माने सरकार, वरना तख्ता पलट देंगे

हजारों किसानों की चेतावनी : मांगें माने सरकार, वरना तख्ता पलट देंगे
December 01
07:21 2018

देशभर के किसान अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने एक बार फिर हजारों मील का सफर तय कर राष्ट्रीय राजधानी में आकर मोर्चा संभाले हुए हैं। चार बार आकर गच्चा खा चुके किसान अब धैर्य खोने लगे हैं। वे दो टूक कहने लगे हैं- “अगर अब भी सरकार नहीं जागी तो 2019 के चुनाव में हम अपनी ताकत का अहसास करा देंगे।”

किसानों का यह ‘मुक्ति मोर्चा’ पिछले कुछ किसान आंदोलनों से थोड़ा अलग है। यही वजह है कि राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, सीताराम येचुरी से लेकर मेधा पाटकर, जिग्नेश मेवाणी तक कई विपक्ष के जानेमाने चेहरे यहां किसानों को समर्थन देने पहुंचे।

किसान नेता और सामाजिक कार्यकर्ता आशीष सागर ने आईएएनएस को फोन पर बताया, “2019 के चुनाव से पहले किसानों का यह आंदोलन बहुत अहम है और अगर सरकार इसे पिछले कुछ किसान आंदोलनों की तरह हल्के में लेने की सोच रही है तो यह उसकी सबसे बड़ी भूल होगी, क्योंकि इस बार सीधा सरकार का तख्तापलट होगा।”

हजारों किसानों की चेतावनी : मांगें माने सरकार, वरना तख्ता पलट देंगे

आमतौर पर इस तरह के आंदोलनों के प्रायोजित होने की अफवाहों पर आशीष टका सा जवाब देकर कहते हैं, “हमेशा किसान आंदोलनों को ही प्रायोजित कहा जाता है, मगर किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं हैं, किसानों में तख्तापलट करने से लेकर सरकार की ईंट से ईंट बजाने तक की हिम्मत होती है। मैं बुंदेलखंड से हूं, इस वक्त खेती का जो मौसम है, जिस तरह बुवाई छोड़कर दिल्ली में डेरा जमाए हैं, उससे समझा जा सकता है कि किसानों की हालत कितनी दयनीय है और अब वह अपना हक मांगने से पीछे नहीं हटने वाले।”

बुंदेलखंड के भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष शिवनारायण सिंह कहते हैं, “राहुल गांधी से लेकर अरविंद केजरीवाल, सीताराम येचुरी, योगेंद्र यादव, मेधा पाटकर, जिग्नेश मेवाणी यहां मौजूद हैं, ये संकेत है कि केंद्र सरकार हर बार की तरह किसानों को हल्के में नहीं ले।”

आशीष किसानों की आवाज हुक्मरान और जनता तक पहुंचाने में मीडिया की कोताही पर बरसते हुए कहते हैं, “किसानों के मुद्दों को मीडिया कितनी तवज्जो देता है, यह अखबारों से पता चलता है। कल ही के एक राष्ट्रीय दैनिक अखबार में किसान मुक्ति मोर्चा की खबर को कोने में एक कॉलम में जगह दी गई थी, जबकि दीपिका, रणवीर की शादी को इससे ज्यादा कवरेज मिलती है।”

हजारों किसानों की चेतावनी : मांगें माने सरकार, वरना तख्ता पलट देंगे

वह कहते हैं, “अगर ये सरकार किसानों की नहीं सुनेगी तो बेशक हाथ-पैर जोड़कर अगली बार भी सत्ता पा ले, लेकिन बहुमत तो शायद ही मिल पाए। सरकार हर बार किसान बीमा योजना की दुहाई देकर हमें बहलाने की कोशिश करती है, लेकिन इसका फायदा किसानों के बजाय बीमा कंपनियों को मिल रहा है। किसान मामलों के जानकार और वरिष्ठ पत्रकार पी.साईंनाथ ने मुझसे कहा था कि यह बहुत बड़ा घोटाला है।”

देश में अब किसान आंदोलन इतने सफल क्यों नहीं होते? इसका कारण बताते हुए आशीष कहते हैं, “किसान अब पूरी तरह से वोटबैंक बन गया है। सभी पार्टियां एक ही थाली के चट्टे-बट्ट हैं, किसी को किसानों की चिंता नहीं है, सब अपनी रोटियां सेंकने में लगे हैं। ये जब सरकार में नहीं होंगे तो दूसरे पर आरोप लगाएंगे और जब खुद सरकार में होंगे तो चुप्पी साधकर बैठ जाएंगे।”

किसानों की मांग है कि कर्जमाफी के साथ एक कठोर नीति भी बननी चाहिए। किसानों के कर्ज और उपज की लागत को लेकर पेश दो प्राइवेट मेंबर्स बिल संसद में पारित हों।

–आईएएनएस

किसानों ने निकाली ऐतिहासिक रैली, मोदी सरकार को दिया अल्टीमेटम

Akash
Swastik Tiles
Reshika Boutique
Paul Opticals
New Anjan Engineering Works
The Raymond Shop
Metro Glass
Puma
Krsna Restaurant
VanHuesen
W Store
Ad Impact
Chotanagpur Handloom
Bhatia Sports
Home Essentials
Abhushan
Raymond

About Author

admin_news

admin_news

Related Articles

0 Comments

No Comments Yet!

There are no comments at the moment, do you want to add one?

Write a comment

Write a Comment

Poll

Will India Win Cricket World Cup in 2019 ?

LATEST ARTICLES

    Azam Khan threatens to quit if all sections have not voted for him

Azam Khan threatens to quit if all sections have not voted for him

0 comment Read Full Article

Subscribe to Our Newsletter