वक्फ बिल में संशोधन मुस्लिमों के अधिकारों पर आक्रमण : शिल्पी
रांची, 04 अप्रैल । प्रदेश के कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने वक्फ बिल में हुए संशोधन को मुस्लिम समाज पर आक्रमण बताया और कहा कि अभी इस विधेयक के माध्यम से मुस्लिम समुदाय के अधिकारों को छीना गया है। आने वाले समय में अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों पर हमला होगा। यह बातें शुक्रवार को वह पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 14, 25 और 30 के अनुसार अल्पसंख्यकों को अपनी संपत्तियों के स्वामित्व का प्रबंधन, धर्म का प्रचार प्रसार करने के लिए मौलिक अधिकार दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कई ऐसे विधेयक सदन से पारित कराया है जिस पर चर्चा नहीं हुई है। भाजपा समाज,जनता और मीडिया को दिखाती कुछ है, लेकिन उनकी अंदरूनी कार्य योजना कुछ और होती है। कानून से नहीं बल्कि भाजपा के कानून से देश चलेगा।
मंत्री ने कहा कि भाजपा ने इस बिल के माध्यम से बताने का प्रयास किया है कि यह देश संविधान और कानून से नहीं बल्कि भाजपा के कानून से चलेगा। भाजपा इस संशोधन के माध्यम से मुस्लिम महिलाओं को अधिकार देने की बात करती है, लेकिन सच्चाई है कि मुस्लिम महिलाओं को भाजपा हमेशा नीचा दिखाने का काम करती है।
दोहरी बातें करती है भाजपा : बलमुचू
प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप बलमुचू ने कहा कि भाजपा दोहरी बातें करती है। सदन में केंद्रीय मंत्री इस बिल के संबंध में मुस्लिम सशक्तिकरण की बातें करते हैं और राज्य में भाजपा नेता कांग्रेस झामुमो पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हैं। भाजपा इस विधेयक को आदिवासियों के जमीनों का संरक्षक बताती है, जबकि झारखंड में आदिवासियों की जमीन पहले से ही सीएनटी एसपीटी एक्ट के माध्यम से संरक्षित है, अगर भाजपा ने इसका पालन ईमानदारी से अपने लंबे कार्यकाल में किया होता तो आदिवासियों की जमीनों की इतनी समस्याएं नहीं होती।
वहीं प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने रघुवर दास की बातों पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने अपने शासन में आदिवासी पहचान की रक्षा नहीं, बल्कि वे अतीत में खुद के किए आदिवासी विरोधी कार्यों को लोगों के दिमाग से हटाने की कोशिश कर रहे हैं।
इस मौके पर पार्टी के विधायक नमन विक्स्ल कोनगाड़ी, प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा, प्रवक्ता सोनाल शांति और शांतनु मिश्रा उपस्थित थे।