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पीएमजीएसवाई-III के तहत मणिपुर, मिजोरम, हिप्र और उत्तराखंड में बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने का ऐलान

नई दिल्ली, 5 अप्रैल । केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पीएमजीएसवाई-III के अंतर्गत मणिपुर, मिजोरम, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। ये परियोजनाएं सम्बन्धित राज्यों में ग्रामीण संपर्क को मजबूत करने और आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए मील का पत्थर साबित होंगी।

यह जानकारी देते हुए आज यहां एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मणिपुर राज्य के लिए 225.15 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से 280.97 किलोमीटर लम्बी 41 सड़कें स्वीकृत की गई हैं। इस पहल को जारी रखते हुए पीएमजीएसवाई-III के अंतर्गत राज्य में 404.72 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से 502.24 किलोमीटर लम्बी 56 सड़कें पहले ही स्वीकृत की जा चुकी हैं।

मिजोरम राज्य के लिए 67.69 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से 373.46 मीटर लंबे 07 लंबी अवधि के पुल (एलएसबी) मंजूर किए गए हैं। इस पहल को जारी रखते हुए, पीएमजीएसवाई-III के अंतर्गत राज्य में 562.70 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से 487.50 किलोमीटर लंबी 17 सड़कें पहले ही मंजूर की जा चुकी हैं।

हिमाचल प्रदेश राज्य के लिए 970.772 मीटर लंबाई वाले 21 लंबी अवधि के पुल (एलएसबी) मंजूर किए गए हैं, जिन पर 140.90 करोड़ रुपये का अनुमानित निवेश होगा। इस पहल को जारी रखते हुए पीएमजीएसवाई-III के अंतर्गत राज्य में 3,345.82 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से 3,123.117 किलोमीटर लंबी 299 सड़कें और 43 एलएसबी पहले ही मंजूर किए जा चुके हैं।

उत्तराखंड राज्य के लिए 246 मीटर लंबे 09 लंबी अवधि के पुल (एलएसबी) स्वीकृत किए गए हैं, जिन पर 40.77 करोड़ रुपये का अनुमानित निवेश होगा। इस पहल को जारी रखते हुए, पीएमजीएसवाई-III के अंतर्गत राज्य में 2,287.95 किलोमीटर लंबी 212 सड़कें और 1,865.34 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से 09 एलएसबी पहले ही स्वीकृत किए जा चुके हैं।

इस पहल से इन राज्यों की स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और बाजार जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुंच में सुधार होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में जुड़ाव बढ़ेगा, दूरदराज के गांवों और शहरी केंद्रों के बीच की दूरी कम होगी। क्षेत्र में आर्थिक विकास, व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार के अवसर उत्‍पन्‍न होंगे तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, जो सरकार के विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप होगा।

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