Arvind Kejriwal : केजरीवाल ने किया प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री बैठक का राजनीतिकरण, केंद्र नाराज

नई दिल्ली, 23 अप्रैल । केन्द्र सरकार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कोविड मुद्दे पर आयोजित प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री संवाद में अपने वक्तव्य को सीधे प्रसारित करने को लेकर नाराज है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी केजरीवाल के इस कदम पर नाराजगी व्यक्त की है।

केंद्र सरकार से जुड़े सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री ने आधिकारिक संवाद का इस्तेमाल राजनीति करने के लिए किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केजरीवाल के इस रवैये से नाराज बताए जा रहे हैं।

केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के बीच महत्वपूर्ण मुद्दों पर बैठकें होती रहती हैं जिसमें कई तरह के विषयों पर विचार-विमर्श होता है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री इस तरह की बैठकों में खुलकर अपनी बात रखते हैं। किंतु, कोई भी मुख्यमंत्री इस तरह की बैठक में होने वाली चर्चा को सार्वजनिक नहीं करता। अधिकारी की मानें तो, मुख्यमंत्री अरविंद केेजरीवाल ने विश्वास तोड़ा है और प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री संवाद का राजनीतिकरण किया है। उन्होंने कहा कि बैठक में अन्य मुख्यमंत्री जहां प्रधानमंत्री को अपने यहां किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दे रहे थे, वहीं मुख्यमंत्री केजरीवाल एक राजनीतिक वक्तव्य दे रहे थे, जिसको सार्वजनिक किया गया।

केंद्र के एक अन्य आला अधिकारी की मानें तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों की साथ हुई बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अपने वक्तव्य को सीधे प्रसारित करने पर नाराजगी व्यक्त की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें पता होना चाहिए कि इस तरह की आपसी चर्चा को सार्वजनिक नहीं किया जाता।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री के साथ बैठक में एक तरफ वैक्सीन की केन्द्र और राज्यों को अलग-अलग कीमतों का मुद्दा उठाया था। साथ ही उन्होंने ऑक्सीजन कमी का मुद्दा उठाया और कहा कि उन्हें नहीं पता की किससे बात की जाए जिससे समाधान मिले।

वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि केन्द्र सरकार वैक्सीन खरीदकर अपने पास नहीं रखती है। वह यह वैक्सीन आगे राज्यों को ही देती है ऐसे में अलग-अलग कीमतों पर सवाल उठाना सही नहीं है।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली को होने वाला प्रतिदिन ऑक्सीजन आवंटन 378 मीट्रिक टन से 480 मीट्रिक टन बढ़ाया गया है। आवंटित ऑक्सीजन की आपूर्ति की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। टैंकरों के ठहराव आदि में आने वाले मुद्दों को तुरंत हल किया जा रहा है। साथ ही दिल्ली में ऑक्सीजन और आईसीयू बिस्तरों की संख्या को लगातार बढ़ाया जा रहा है।

(हि.स.)

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