Assam Assembly Election : अटकलों को विराम देते हुए प्रफुल्ल ने चुनाव न लड़ने का किया ऐलान

गुवाहाटी, 09 मार्च । असम विधानसभा चुनाव में इसबार कई नये समीकरण और रणनीतियां दिखायी दे रही हैं। भाजपा गठबंधन में शामिल असम गण परिषद् ने पहली बार पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष व दो बार के मुख्यमंत्री रहे प्रफुल्ल कुमार महंत का टिकट काट दिया। जिससे नाराज महंत कांग्रेस गठबंधन में शामिल होने की सोच रहे थे। लेकिन, अचानक उन्होंने सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए इसबार चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर दी है।

पूर्व मुख्यमंत्री महंत 2021 में असम विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे। उल्लेखनीय है कि अगप ने पूर्व मुख्यमंत्री महंत की बढ़मपुर की सीट को भाजपा के लिए छोड़ दिया है। इसके साथ ही अगप के अंदर राजनीतिक गतिविधियां काफी तेज हो गयी हैं। टिकट बंटवारे के बाद प्रफुल्ल कुमार महंत अपने परिवार के साथ दिल्ली से गुवाहाटी पहुंच गये।

गुवाहाटी पहुंचने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री महंत अपनी पार्टी असम गण परिषद (प्रगतिशील) को पुनः सक्रिय करते हुए कांग्रेस के महागठबंधन में शामिल होकर बढ़पुर से चुनाव लड़ने के लिए तैयारी शुरू कर दी थी।

इस बीच बीती रात पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार की ओर से यह साफ किया गया कि पूर्व मुख्यमंत्री चुनाव नहीं लड़ेंगे। महंत के अनुसार अपने द्वारा स्थापित अगप का वर्तमान नेतृत्व जातीय हितों को दरकिनार करते हुए व्यक्तिगत हितों को अधिक तरजीह दे रहा है, ऐसे में इसबार के चुनाव में वे नहीं उतरेंगे। इसकी घोषणा महंत की पत्नी जयश्री गोस्वामी ने बीती रात मीडिया से बात करते की।

जयश्री महंत ने वर्तमान अगप नेतृत्व की अतुल बोरा, केशव महंत और फणीभूषण चौधरी की जमकर आलोचना की। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1985-90 और 1996-2001 तक दो कार्यकाल महंत असम के मुख्यमंत्री के रूप में बढ़मपुर से जीत हासिल करते हुए राज्य का नेतृत्व किया था। वे 1985 से लगातार विधानसभा का चुनाव जीतते आते रहे हैं। ऐसे में इसबार चुनाव नहीं लड़ने के उनके फैसले के पीछे सभवतः कुछ बड़ा कारण हो सकता है।

(हि.स.)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *