Assam Election News: असमिया गमछा पहनकर गर्व होता है: पीएम मोदी

चाबुआ/डिब्रूगढ़/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि असम में या पूर्वोत्तर के राज्यों में जाता हूं तो मुझे यहां की संस्कृति से जुड़ने पर गर्व होता है। मुझे असमिया गमछा पहनाया गया, इससे मुझे गर्व होता है। कांग्रेस इसका भी मजाक उड़ाती है। शनिवार को असम के चाबुआ में एक चुनावी सभा को संबोधित कर वे अपनी बात रख रहे थे।

एआईयूडीएफ का नाम लिए बिना उहोंने कहा, कांग्रेस ने उस पार्टी के साथ गठबंधन किया है, जो असम की संस्कृति के लिए बहुत बड़ा खतरा है। जबकि, असम का गौरव बढ़ाते हुए असम के हर क्षेत्र, हर वर्ग का विकास करना भाजपा की प्राथमिकता है। असम की संस्कृति, यहां के गौरव पर आंच न आए, यह हमारी प्रतिबद्धता है। असम के नौजवानों को नये अवसर देने, असम में उद्योग को बढ़ाने के लिए नये अवसर देने, महिलाओं, किसानों की आय बढ़ाने के लिए हमारी सरकार निरंतर काम कर रही है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि असम को नयी बुलंदियों तक ले जाने के लिए निरंतर आगे बढ़ना है। यह काम डबल इंजन की सरकार ही कर सकती है। चुनावी सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार को जीताने का अह्वान किया।

चुनावी सभा में उमड़ी भीड़ को देखकर प्रधानमंत्री मोदी समेत राजग के सभी नेता गदगद नजर आए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आप यह विश्वास, यह प्यार और आशीर्वाद हमारे पांच वर्ष के काम को अपनी कसौटी पर कसकर दे रहे हैं। हम लोगों का यह सौभाग्य है। पिछले पांच सालों में राजग सरकार ने असम के विकास के लिए एक मजबूत नींव रखी है। इस नींव पर असम के तेज विकास की सशक्त इमारत खड़ी करने का समय है।

चुनावी सभा में लोगों का उत्साह देखने लायक था। सभा में उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने असमिया भाषा में होली की शुभकामनाएं दी। साथ ही आहोम राजाओं का जिक्र करते हुए उनके कार्यों की सराहना की। असम के स्वतंत्रता सेनानियों का भी जिक्र किया और मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल जैसे जनसेवक असम व देश को देने के लिए राज्य की जनता का आभार जताया।

एक चाय वाला आपके दर्द को नहीं समझेगा, तो कौन समझेगा!

नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यहां की एनडीए सरकार ने चाय कर्मियों को मूल सुविधाएं देने के साथ ही उनके बेहतर भविष्य के लिए दिनरात काम कर रही है। एक तरफ जहां बैंक खातों में मदद पहुंचायी जा रही है, दूसरी तरफ पढ़ाई, कमाई, दवाई के लिए उत्तम प्रबंध किये जा रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई को जारी रखने के लिए हजारों रुपये का ग्रांट दिया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चाय बागानों के पास 125 से अधिक स्कूल खोले गये हैं। अस्पतालों की सुविधाएं विकसित की जा रही है। गर्भवती महिलाओं व उनके बच्चों के लिए हजारों रुपये उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी तरह पक्के घर हो, शौचालय हो, पेयजल, जमीन का पट्टा आदि काम डबल इंजन की सरकार तेजी से कर रही है।

जनसभा में प्रधानमंत्री ने कहा, इस बार के केंद्रीय बजट में एक हजार करोड़ रुपये की बहुत बड़ी राशि सिर्फ चाय बागान में काम करने वालों के लिए रखी गयी है। यह हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। चाय बागान में काम करने वाले साथियों की दैनिक मजदूरी बढ़ाने के लिए एनडीए सरकार प्रतिबद्ध है।

आगे उन्होंने कहा, ये वहीं लोग हैं (कांग्रेस) जिन्होंने चाय बागान में काम करने वाले लोगों के लिए कुछ नहीं किया। ये पहले भी झूठ बोलते थे। आज भी झूठ बोल रहे हैं। एक चाय वाला (अपनी ओर इशारा करते हुए कहा) आपके दर्द को नहीं समझेगा, तो कौन समझेगा। मैं, विश्वास दिलाता हूं कि चाय बागान में काम करने वाले साथियों का जीवन स्तर सुधारने के लिए काम और तेज किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि असम के लोगों को भाजपा-एनडीए में भरोसा है। भाजपा गरीब और मजदूर वर्ग के साथ है। सरकार ने चाय बागान के मजदूरों के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। राज्य में सड़क और पुलों के विकास का बड़ा काम हुआ है। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि असम में फिर से भाजपा-एनडीए की डबल इंजन की सरकार बनेगी और असम को विकास की नयी ऊंचाई पर ले जाएगी।

कांग्रेस असम के तौर-तरीके भूल गई है: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस साजिश करने वालों के साथ है। वह असम के तौर-तरीकों को भूल चुकी है। आगे उन्होंने कहा कि असम और देश की जनता कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी। वह साजिश करने वालों के साथ खड़ी है। कांग्रेस से इस स्तर की उम्मीद नहीं थी। उन्हें असम के लोगों के सम्मान की कोई चिंता नहीं है। टूलकिट में चाय और असम को बदनाम करने की कोशिश की गई।

उन्होंने कहा कि चाबुआ के नाम में चाय है। यहां रोपा गया चाय का पौधा आज दुनिया में कहां-कहां अपनी सुगंध फैला रहा है, यह हम सभी जानते हैं। लेकिन, आज एक पीड़ा मुझे सता रही है, उसे कहे बिना नहीं रह सकता। मैं आपके उस दर्द को महसूस करता हूं। मुझे यह देख कर तकलीफ हुई कि देश की सबसे पुरानी पार्टी, जिसने 50-55 वर्षों तक देश पर शासन किया। वह चाय की पहचान को मिटाने वालों का समर्थन कर रही है। ऐसी कांग्रेस पार्टी को कभी माफ नहीं किया जा सकता। ऐसी कांग्रेस को सजा देनी चाहिए।

उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, क्या दुनिया से चाय को मिटाने देना चाहिए। चाय को मिटाने के लिए षड्यंत्र करने वालों को सबक सिखाना होगा। असम की चाय, यहां के मान-सम्मान से कांग्रेस का खिलवाड़ करना असम व देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, कि दो-तीन दिन पहले श्रीलंका की एक फोटो दिखाते हुए उसे असम का बताया गया था। जबकि, कुछ दिन पहले ताइवान की फोटो दिखाकर उसे असम का बताया गया था। गलती एक बार होती है, बार-बार दोहराया जाना आदत बन जाती है। यह असम का अपमान नहीं तो क्या है!

(हि.स)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *