Assam Election Update : असम में भाजपा गठबंधन की सरकार तय : जेपी नड्डा

गुवाहाटी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने शुक्रवार को असम के पटाचारकुची, बोको और गुवाहाटी के चांदमारी में चुनावी जनसभाओं को संबोधित करते हुए भाजपा गठबंधन की जीत का दावा किया। नड्डा ने कहा, असम में दो चरणों के हुए मतदान के फीडबैक के आधार पर यह स्पष्ट है कि भाजपा-नीत गठबंधन भारी बहुमत से जीतेगा और फिर सरकार बनाएगा।

नड्डा ने कहा, असम में एक ओर विकास एवं असम की संस्कृति के संरक्षण के प्रति समर्पित भाजपा, एजीपी और यूपीपीएल का गठबंधन है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस-एआईयूडीएफ की जोड़ी है जिसका इरादा असम की जनता की सेवा और विकास नहीं, बस किसी भी तरह सत्ता हथियाना है। ऐसे में मानसिक दिवालिएपन की शिकार कांग्रेस देश में अवसरवादी राजनीति की पर्याय बन चुकी है। केरल में कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टियों के खिलाफ चुनाव लड़ रही है तो असम और पश्चिम बंगाल में वह कम्युनिस्टों के गले लग रही है।

कांग्रेस अब साम्प्रदायिक पार्टी बन गई है। केरल में कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के साथ समझौता किया तो बंगाल में उसने फुरफुरा शरीफ के मौलाना के साथ गठबंधन किया है। असम में कांग्रेस यहां की पहचान ‘गामोछा’ का अपमान करने वाले बदरुद्दीन अजमल के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। वर्ष 2006 में कांग्रेस नेता तरुण गोगोई ने कहा था- हू इज बदरुद्दीन अजमल और 2021 में उन्हीं तरुण गोगोई का बेटा; बदरुद्दीन अजमल को गले लगाते हुए कहता है – ही इज बदरुद्दीन अजमल। आखिर ये रिश्ता क्या कहलाता है?

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, कुछ नेता पॉलिटिकल टूरिस्ट होते हैं जो चुनाव के समय ही दिखते हैं- ये कभी मंदिर जाते हैं तो कभी चंडी पाठ करते हैं, कभी जनेऊ धारण करते हैं तो कभी अपना गोत्र बताने लगते हैं। आखिर ऐसे नेताओं को चुनाव के समय ही ऐसी बातें क्यों याद आती है? उन्होंने कहा, जो असम के गमोछा का अपमान करे, जो धर्म के आधार पर राजनीति करे, जो अवैध घुसपैठ को बढ़ावा दे, ऐसे बदरुद्दीन अजमल असम की पहचान कभी नहीं हो सकते। लेकिन, राहुल गांधी-प्रियंका वाड्रा अजमल को असम की पहचान बताते हैं, यह असम की जनता का अपमान है। कांग्रेस नेता असम आते हैं और चाय बागान के बैकग्राउंड के साथ सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट करते हैं लेकिन चाय बागान की फोटो कभी ताइवान का निकलता है तो कभी श्रीलंका का।

नड्डा ने कहा, सच्चाई यह है कि राहुल-प्रियंका सहित कांग्रेस के तमाम नेताओं को असम के विकास से कोई लेना-देना नहीं है, वे तो बस असम की जनता का वोट हड़पना चाहते हैं। उन्होंने कहा, अभी हाल ही में कांग्रेस की एक नेत्री आईं और चाय बागान में जाकर मार्च के महीने में पत्ती तोड़ने की एक्टिंग कर फोटो खिंचाने लगीं जबकि, पत्तियां तोड़ने का समय तो अप्रैल में आता है। अब अप्रैल आ गया है, पत्तियां भी टूटेंगी और जनता भाजपा के पक्ष में मतदान भी करेगी। उन्होंने कहा, यह भाजपा है जिसने कभी भी किसी को विकास के लिए धर्म, जाति या क्षेत्र के नाम पर बंटने नहीं दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमने सबको साथ लेते हुए सबका विकास किया है और सबका विश्वास भी अर्जित किया है।

भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने कहा, हम असम को विकसित प्रदेश बनाने के लिए 10 संकल्प लेकर आये हैं। अगले पांच वर्षों में हम असम को बाढ़-मुक्त प्रदेश बनायेंगे। आठवीं कक्षा से ऊपर की छात्राओं को मुफ्त साइकिल दी जायेगी। अरुणोदय योजना के तहत असम की 30 लाख बहनों को तीन हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी। हमने असम की अस्मिता को भी बचाया और बोडो क्षेत्र की आकांक्षाओं को भी पूरा करने का प्रयास किया है। भूमिहीन लोगों को जमीन का पट्टा देने का हमने संकल्प लिया है। हमारी सरकार दो लाख सरकारी नौकरियों और प्राइवेट सेटर में 08 लाख रोजगार का सृजन करेगी। एक लाख सरकारी नौकरियां तो अप्रैल 2022 से पहले ही उपलब्ध करा दी जायेंगी। बोडो शांति समझौते के तहत यहां 1500 करोड़ रुपये का पैकेज दिए गए। पिछले पांच वर्षों में लगभग 2000 उग्रवादियों ने हथियार डाले हैं और 4000 से अधिक असॉल्ट राइफल सरेंडर हुए हैं। हथियार छोड़ कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो रहे लोगों के पुनर्वास के लिए भी कई कार्यक्रम चलाये गए हैं।

नड्डा ने कहा, डॉ. मनमोहन सिंह 10 वर्षों तक प्रधानमंत्री रहे और वे असम का ही प्रतिनिधित्व करते थे, लेकिन वे असम को गैस की रॉयल्टी भी नहीं दिला सके। जबकि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गैस रॉयल्टी के रूप में 8000 करोड़ रुपये देकर असम को उसका अधिकार दिया।

(हि.स.)

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