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बाबा हरदेव प्रेम एवं करूणा की सजीव मूरत थे : चंपा भाटिया

  • मानवता के मसीहा को निरंकारी भक्तों का शत् शत् नमन
  • समर्पण दिवस का आयोजन

रांची (झारखण्ड)। हृदय सम्राट बाबा हरदेव सिंह जी की पावन स्मृति में ‘समर्पण दिवस’ का आयोजन सोमवार, 13 मई को सांय 5 से रात्रि 7:00 बजे तक, संत निरंकारी सत्संग भवन बुद्ध विहार में समर्पण दिवस का आयोजन किया गया जिसमें समस्त निरंकारी परिवार एवं श्रद्धालुगण सम्मिलित होकर बाबा हरदेव सिंह जी के प्रति अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किया।

रांची जोन की संयोजक बहन चंपा भाटिया ने सद्गुरु बाबा हरदेव सिंह जी महाराज जो कि मानवता के मसीहा थे उनकी शिक्षा की ओर प्रकाश डाला श्रीमती चंपा भाटिया ने कहा बाबा हरदेव सिंह जी प्रेम एवं करूणा की सजीव मूरत थे। उन्होंने अपनी सादगी और दिव्य मुस्कुराहट से न केवल भक्तों को निहाल किया अपितु समस्त मानव जाति को कल्याण का मार्ग अपनाकर एक सार्थक एवं संतुष्ट जीवन जीने की कला सिखाई।

यही कारण रहा कि वह प्रत्येक वर्ग के लोगों के सदैव प्रिय बने रहे। बाबा जी ने एक पथप्रदर्शक बनकर हर भक्त का हाथ थामा ताकि वह एक सहज एवं सशक्त जीवन जी पाए। आध्यात्मिक जागरुकता के अतिरिक्त समाज कल्याण की गतिविधियों में बाबा जी ने अपना सकारात्मक योगदान दिया जिसमें रक्तदान, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य जाँच शिविर, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, इत्यादि जैसी परियोजनाएं अहम है।

बाबा हरदेव सिंह जी ने सतगुरु रूप में 36 वर्षो तक निरंकारी मिशन की बागड़ोर सम्भाली। उनके अथक प्रयासों का ही सकारात्मक परिणाम है कि मिशन विश्व के प्रत्येक महाद्वीप में 60 राष्ट्रों तक पहुंच चुका है जिसमें राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर संत समागम, युवा सम्मेलन एवं समाज की कल्याणकारी सेवाओं का आयोजन निरंतर हो रहा है। उनके अमूल्य योगदान के फलस्वरूप मिशन को विश्व स्तर पर ख्याति के साथ-साथ अनेक पुरस्कारों द्वारा भी सम्मानित किया गया। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा निरंकारी मिशन को सामाजिक एवं आर्थिक परिषद के सलाहकार रूप में मान्यता भी प्राप्त हुई।

संसार में अमन, शांति कायम करने के लिए युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह जी ने ‘‘एकत्व में सद्भाव,’’ ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम्,’’ और ‘‘एक को जानो, एक को मानो, एक हो जाओ’’ इत्यादि जैसे अनेक दिव्य संदेश दिये जिसमें निसंदेह लोक कल्याण की भावना निहित है। इसके अतिरिक्त आपने परस्पर प्रेम और मिलवर्तन के भावों को सुदृढ़ करने के लिए ‘‘दीवार रहित संसार’’ की सुंदर कल्पना को भी साकार रूप प्रदान किया।

वर्तमान में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज, युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह जी के इसी सत्य संदेश को जनमानस तक पहुंचाने हेतु प्रयासरत हैं; जिनसे निरंकारी मिशन का प्रत्येक भक्त प्रेरणा लेते हुए अपने जीवन को सार्थक बना रहा है।

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