Banna Gupta : हमारी सरकार की प्राथमिकता में शामिल है 27 प्रतिशत आरक्षण : बन्ना गुप्ता

रांची, 20 अक्टूबर । झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि 27 प्रतिशत आरक्षण हमारी सरकार की प्राथमिकता में शामिल है, जिसे जल्द ही पूरा किया जाएगा। वैश्य देने वाला समाज है। हमारा स्वर्णिम इतिहास रहा है। बन्ना गुप्ता बुधवार को हरमू के स्वागतम बैंक्वेट हॉल में झारखंड वैश्य मोर्चा के तीसरे स्थापना दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि झारखंड में वैश्य समाज एक बड़ी आबादी है, जिसे कोई दरकिनार नहीं कर सकता है। गुप्ता ने कहा कि जहां समाज की बात होगी, हमें दल की दिवार तोड़ कर समाज के लिए आगे आना होगा। वैश्य मोर्चा ने समाज के लिए लड़ कर लोगों को जगाने और जोड़ने का काम किया है। अब हमें उप जातियों के बंधन से ऊपर उठकर एक होने की जरुरत है। समाज को भी संगठन चलाने वालों के साथ खड़ा होना होगा। भ्रूण हत्या को रोक कर मातृ शक्ति की रक्षा के लिए अभियान चलाया जाए।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए रांची के सांसद संजय सेठ ने कहा कि संगठन में बड़ी ताकत होती है। यही वजह है कि वैश्य मोर्चा ने बजरा ग्राम के मूल रैयतों की जमीन लूट के खिलाफ संघर्ष किया। सेठ ने कहा कि जब भी वैश्य समाज को उनकी जरूरत होगी, वह साथ खड़े रहेंगे। अति विशिष्ट अतिथि एवं अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के राष्ट्रीय महासचिव सह पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल ने कहा कि पूरे देश में वैश्य समाज अपने मान सम्मान और हक अधिकार के लिए लड़ रहा है। झारखंड के वैश्यों की लड़ाई को वे पूरे देश में ले जायेंगे। हटिया विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि वह खुद वैश्य का बेटा हैं और वैश्य होने पर उन्हें गर्व है। वैश्य मोर्चा ने 27 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे को राज्य का मुद्दा बना दिया है।

अब सरकार को इसे लागू करना ही होगा। हजारीबाग के विधायक मनीष जायसवाल ने कहा कि पहले केवल शादी मिलन समारोह और पिकनिक जैसे कार्यक्रम होते थे, लेकिन वैश्य मोर्चा ने वैश्य समाज को सड़कों पर उतर कर लड़ना सीखा दिया है। समाज हमसे जो अपेक्षा करेगी, हम लोग उसे पूरा करने का प्रयास करेंगे। गोड्डा विधायक अमित मंडल ने कहा कि वह पहले समाज के महत्व को नहीं समझ पाये थे। लेकिन अब महसूस होने लगा है कि जिसके साथ उसका अपना समाज नहीं है, वह राजनीति में सफल नहीं हो सकता है। वैश्य मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष महेश्वर साहू ने कहा कि दलित-पीड़ित वैश्यों की आवाज है वैश्य मोर्चा। इस संगठन का गठन किसी दल या जाति के खिलाफ नहीं किया गया है, लेकिन जहां भी हक- अधिकार और सम्मान की बात होगी, वैश्य मोर्चा अपने समाज के साथ खड़ा रहेगा।

मोर्चा सामाजिक क्षेत्र में भी अपना दायित्व निभाता रहा है। वैश्य समाज के छात्र-युवा अपना कैरियर अन्य क्षेत्रों के साथ साथ सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भी तलाश करें तो वे अपने समाज और देश का ज्यादा सेवा कर सकते हैं।

(हि.स.)

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