शासकीय कार्यों के प्रति सकारात्मक भाव से अपने कर्त्तव्य के प्रति रहें समर्पित: शिवराज

भोपाल, 26 सितंबर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि विकास कार्य गुणवत्तापूर्ण हों, कार्य समय सीमा में हों, जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों को मिले और शासकीय कार्यों तथा गतिविधियों के प्रति जन-सामान्य में सकारात्मक भाव रहे, इस संकल्प के साथ हम अपने कर्त्तव्य के प्रति समर्पित रहें।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार श्री चौहान ने सुबह 7 बजे निवास कार्यालय से अनूपपुर जिले की समीक्षा बैठक में उपस्थित सभी जन-प्रतिनिधियों और अधिकारियों को नवरात्रि की शुभकामना दी। जिले की प्रभारी एवं जनजातीय कार्य मंत्री मीना सिंह, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री बिसाहूलाल सिंह, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव तथा शहडोल कमिश्नर राजीव शर्मा वर्चुअली शामिल हुए। कलेक्टर सोनिया मीना जिला अधिकारियों सहित अनूपपुर से वर्चुअली शामिल हुयीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम बेहतर कार्य करते हुए प्रदेश को विकास के पथ पर अग्रसर करें और प्रदेशवासियों को जन-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से बेहतर और सुखी जीवन प्रदान करने के लिए निरंतर सक्रिय रहें। इसी विचार के साथ प्रात:कालीन बैठकों में जिलों की विकास गतिविधियों, योजनाओं के क्रियान्वयन और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की जाती है। नवरात्रि के पावन पर्व के आरंभ पर देवी मां से प्रदेश और देश पर कृपा बनाए रखने तथा सबका मंगल करने की कामना और प्रार्थना है।

श्री चौहान ने कहा कि सदा से ही बेहतर कार्य करने वालों को प्रोत्साहित और सम्मानित करने का भाव रहा है और इसे क्रियान्वित भी किया जाता रहा है। परंतु विलंब, मनमानी और अनियमितता के प्रकरणों में दंड और विधिक कार्यवाही करना पड़ती है, जिसका मुझे भी दुख होता है। हमारा प्रयास यह हो कि विकास और जन-कल्याण के कार्य सकारात्मक वातावरण में ही हों।

उन्होंने अनूपपुर जिले में शिशु मृत्यु दर में सुधार और टी.बी. के प्रबंधन में जिले द्वारा राज्य में प्रथम स्थान पर प्राप्त करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह संपूर्ण टीम के परिश्रम और प्रभावी समन्वय से ही संभव हुआ है। श्री चौहान ने कहा कि अमरकंटक में मां नर्मदा जी के उद्गम स्थल के संरक्षण के लिए अतिक्रमण को रोकना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान, अमृत सरोवर, एक जिला-एक उत्पाद, विद्युत व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, सड़कों की स्थिति, आँगनवाड़ी में पोषण आहार वितरण, पथ विक्रेता योजना, मुख्यमंत्री राशन आपके द्वार योजना आदि की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने सी एम हेल्पलाइन में प्राप्त विभिन्न शिकायतों और उनके निराकरण पर भी चर्चा की।

श्री चौहान ने कहा कि जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में ग्रामवासियों को विश्वास में लेकर योजना का क्रियान्वयन किया जाए। जिन गाँवों में पानी के स्त्रोत नहीं है, वहाँ भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए चैक डेम, स्टॉप डेम और तालाब विकसित करने की योजना बनाकर, क्रियान्वयन किया जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना में तकनीकी कारणों से कोई गरीब वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास उमाकांत उमराव को सुबह फोन पर इस समस्या के कारणों को चिन्हित करने के निर्देश दिए। श्री चौहान ने कहा कि आवश्यक हुआ तो इन बिन्दुओं पर केन्द्र सरकार स्तर पर चर्चा की जाएगी। अमृत सरोवरों का निर्माण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप हो। प्रभारी मंत्री और जन-प्रतिनिधि नियमित रूप से निर्माणाधीन अमृत सरोवरों का निरीक्षण करें।

मुख्यमंत्री ने फरवरी-मार्च माह में 10 आँगनवाड़ी केन्द्रों में पोषण आहार नहीं पहुँचने के कारणों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कलेक्टर को पोषण आहार वितरण की निरंतर क्रास चेकिंग के निर्देश दिए। श्री चौहान ने कहा कि ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना की गतिविधियों को गंभीरता से लिया जाए। योजना केवल कागजी न रहे। जिले के उत्पादों के माध्यम से जिले में उद्यमिता विकसित करने और जिले की पहचान स्थापित करने के सशक्त प्रयास हों। श्री चौहान ने कहा कि जिन नगरीय निकायों में नगर पालिका अधिकारी पदस्थ नहीं हैं, वहाँ तत्काल अधिकारियों की पदस्थापना की जाए।

श्री चौहान ने अनूपपुर से राजेन्द्र ग्राम को जाने वाली मुख्य सड़क के भू-स्खलन से क्षतिग्रस्त हो जाने की समस्या का तकनीकी परीक्षण कर स्थाई समाधान निकालने के निर्देश प्रमुख सचिव लोक निर्माण नीरज मंडलोई को दूरभाष पर दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अनूपपुर स्थित रेलवे फाटक पर ब्रिज निर्माण की प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहाकि दो माह बाद पुन: जिले की गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी।

बैठक में जानकारी दी गई कि जल जीवन मिशन में 577 ग्रामों में कार्य किया जाना है, जिनमें से 77 योजनाओं में पानी आना शुरू हो गया है। मंत्री बिसाहूलाल सिंह द्वारा कार्य के प्रति असंतोष व्यक्त करने पर मुख्यमंत्री ने 15 दिन में पुन: इन गाँवों की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में 35 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्र में 92 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है। जनवरी तक शेष बचे आवास पूर्ण कर लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवास पूर्ण होने पर जन-प्रतिनिधियों के साथ गृह प्रवेश के कार्यक्रम किए जाएँ। इससे आनंद का वातावरण निर्मित करने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और आवास निर्माण से संबंधित सभी पक्षों पर नैतिक दबाव बनाने में सहायता मिलेगी।

(वार्ता) 

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