Bengal Update : राजनीतिक सत्ता के इतर कुछ भी नहीं समझती हैं ममता : दिलीप घोष

कोलकाता, 26 अगस्त। भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने गुरुवार को एक बार फिर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर उपचुनाव को लेकर जल्दी पर तंज कसा है। सुबह के समय मॉर्निंग वॉक के दौरान मीडिया से मुखातिब दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी राजनीतिक सत्ता के अलावा और कुछ नहीं समझती हैं। उनके लिए बाकी सारी बातें गौण हैं। जल्द उपचुनाव की मांग पर एक बार फिर तृणमूल कांग्रेस के पांच सांसदों का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात करने जा सकता है।

इस पर तंज कसते हुए दिलीप घोष ने कहा कि वे बार-बार चुनाव आयोग के दफ्तर जा रहे हैं चाय पीने के लिए। एक तरफ ममता बनर्जी लोकल ट्रेन नहीं चलाती हैं। नगर पालिकाओं में चुनाव नहीं होने दे रही हैं और दूसरी तरफ मुख्यमंत्री बने रहने के लिए उपचुनाव कराने की जल्दी मचा रही हैं। यह सिर्फ इसलिए है ताकि उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी ना चली जाए। सच्चाई यह है कि वह अपनी राजनीतिक क्षमता के अलावा और कुछ नहीं समझती हैं।

घोष ने कहा कि दो सालों से नगर पालिका चुनाव नहीं करा कर राज्य सरकार लोगों के राजनीतिक अधिकार को दमन कर बैठी है। स्कूल नहीं खुल रहे हैं। सांस्कृतिक अथवा पारिवारिक कार्यक्रमों में 50 से अधिक लोगों के शामिल होने की अनुमति नहीं है लेकिन उपचुनाव जहां लाखों लोग घरों से निकालेंगे और वोट करेंगे, उसके लिए ममता बेचैन हैं।

महिलाओं के उत्पीड़न पर भी पूछा सवाल

एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महत्वकांक्षी लक्ष्मी भंडार योजना के तहत आदिवासियों और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को बड़ी संख्या में शामिल करने और उनके खिलाफ अत्याचार रोकने के निर्देश दिए हैं। इस पर तंज कसते हुए दिलीप घोष ने कहा कि बंगाल की लक्ष्मी (महिलाओं) को सड़कों पर घसीट कर मारा-पीटा जा रहा है, दुष्कर्म हो रहे हैं, उन्हें जानवरों की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। ममता बनर्जी को इसकी कोई चिंता नहीं है और फर्जी तरीके से लक्ष्मी भंडार योजना को लागू करने की बात करती हैं।

(हि.स.)

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