Bihar Assembly Elections 2020 : नीतीश के नेतृत्व में एनडीए सरकार का बनना तय !

Insight Desk

बिहार में अक्टूबर-नवंबर 2020 में होने वाले विधानसभा चुनाव की गर्माहट और सुगबुगाहट जोर-शोर से शुरू हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने वर्चुअल रैली के माध्यम से प्रचार तेज कर दिये हैं।

विपक्षी दलों सेे संभावित गठबंधन में शामिल होने वाले राजद, कांग्रेस, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी एवं अन्य के बीच अभी तक सीटों के बंटवारे पर कोई वार्ता तक शुरू नहीं हुई है। वहीं सत्ताधारी जदयू, भाजपा, लोजपा एवं हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा गठबंधन में वार्ता के दौर शुरू हो गये हैं और निर्णायक स्थिति में हैं।

2015 के विधानसभा चुनाव में एक ओर जदयू, राजद, कांग्रेस गठबंधन को 178 सीटें मिली थी वहीं भाजपा, लोजपा और अन्य को 58 सीटों से संतोष करना पड़ा था। 2015 चुनाव के प्रतिशत मतों को देखा जाये तो भाजपा को 24.4 प्रतिशत मत प्राप्त हुये थे और उनको सिर्फ 53 सीटें मिली थी, जबकि वो 157 सीटों पर चुनाव लड़े थे। 157 सीटों पर चुनाव लड़ने के कारण उनके खाते में 24.4 प्रतिशत मतों की प्राप्ति कही जा सकती है।

वहीं जदयू और राजद 101-101 सीटों पर चुनाव लड़े थे जहां जदयू को मत प्रतिशत 16.8 के साथ 71 और राजद को मत प्रतिशत 18.4 के साथ 80 सीटें प्राप्त हुई थी। 2010 के चुनाव में जदयू, भाजपा गठबंधन एक तरफ और राजद गठबंधन दूसरी तरफ और उस चुनाव में भाजपा ने 102 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उन्हें 16.46 प्रतिशत मतों के साथ 91 सीटें प्राप्त हुई थी। वहीं जदयू ने 141 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उन्हें 22.61 प्रतिशत मतों के साथ 115 सीटें प्राप्त हुई थी जबकि राजद ने 168 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसे 18.84 प्रतिशत मतों के साथ 22 सीटें प्राप्त हुई थी।

तर्क यह है कि सीटों के बढ़ते-घटते क्रम के अनुसार 2010 और 2015 के मत प्रतिशतों में लगभग-लगभग तालमेल दिखता नजर आता है। यदि सीटों और प्रतिशतों को गौर किया जाये तो राजद, भाजपा और जदयू के परम्परागत मतदाताओं के अलावे गठबंधन के अनुसार उतार-चढ़ाव होते रहे हैं।
2010 और 2015 के मत प्रतिशत का सही-सही सीटों के हिसाब से मूल्यांकण किया जाये तो राजद का मत प्रतिशत 18.4 के लगभग स्थिर नजर आता है तथा कांग्रेस का भी मत प्रतिशत लगभग 8.00 प्रतिशत में स्थिर नजर आता है। मूल्यांकण के अनुसार भाजपा का मत प्रतिशत 20 और 21 के लगभग स्थिर नजर आता है और जदयू का मत प्रतिशत 18 से 19 के लगभग स्थिर नजर आता है।

2020 के चुनाव में यूपीए में शामिल राजद, कांग्रेस और अन्य दलों में यदि परम्परागत मतों के साथ गठबंधन में शामिल इन दो बड़े दलों के मत प्रतिशत की गणना की जाये तो इनको 26.4 प्रतिशत मतों के प्राप्त होने की संभावना दिखती है। उसी तरह 2020 के चुनाव में एनडीए में शामिल जदयू, भाजपा और अन्य दलों में परम्परागत मतों के साथ गठबंधन में शामिल इन दो बड़े दलों के मत प्रतिशत की गणना की जाये तो इनको 38 प्रतिशत मतों के प्राप्त होने की संभावना नजर आती है।

2010 के चुनाव में जो दल एनडीए गठबंधन में थे और उन्हीं दलों ने 2020 के चुनाव के लिए गठबंधन बनाया है। जहां 2010 में इस गठबंधन को 243 में 205 सीटें प्राप्त हुई थी अर्थात यूपीए का सूपड़ा साफ हो गया था। स्थिति और मतदाताओं का रूझान 2010 की तरह ही हुआ तो एनडीए पुनः नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनाने में सफल होगी। रूझान के साथ-साथ मत प्रतिशत पर इनसाईट ऑनलाइन न्यूज द्वारा मूल्यांकण किये आंकड़े भी बताते हैं कि बिहार में नीतीश के नेतृत्व में एनडीए की सरकार का गठन निश्चित है।

बिहार विधानसभा के 2020 के होने वाले चुनाव में समीकरण में जो बड़ा उलटफेर हुआ है उनका मूल्यांण इनसाईट ऑनलाइन न्यूज द्वारा आंकड़ों के अनुसार किया गया है। बनते-बिगड़ते समीकरण के बीच कोरोना, बाढ़ इत्यादि से ग्रसित बिहार की जनता क्या सत्ताधारी दल को बदलने की दिशा में कोई ठोस मुहिम चलायेगी, और 15 वर्षों से नीतीश कुमार के नेतृत्व में विभिन्न गठबंधन दलों के सहयोग से चल रही सरकार को बेदखल करना चाहेगी। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आयेंगे हवा का रूख साफ नजर आने लगेगा।

-Insight Online News

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