बिहार : डेंगू मरीजों के घरों के आसपास किया जा रहा है फोकल फॉगिंग: सिविल सर्जन

  • डेंगू बुखार होने की आशंका पर रहें सतर्क, तुरंत डॉक्टर से करें संपर्क
  • गंभीर मरीजों को ही अस्पताल में भर्ती करने की है जरूरत

मोतिहारी,14 अक्टूबर ।डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्धारा काफी सतर्कता बरती जा रही है।विभाग इस बीमारी के बारे मे लोगो को न केवल जागरूक कर रहा है,बल्कि डेंगू पीड़ित मरीजों के गांवों-टोलों में विभाग की प्रशिक्षित टीम फॉगिंग भी कर रहा है ताकि डेंगू मच्छर का प्रकोप खत्म किया जा सके। उक्त जानकारी देते हुए डिभिडीसीओ डॉ शरत चन्द्र शर्मा ने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों के सक्रिय डेंगू मरीजों के घरों के आसपास के 50 घर या 500 मीटर के रेडियस में फोकल फॉगिंग की जा रही है।

सिविल सर्जन डॉ अंजनी कुमार ने बताया कि डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। लोगो को डेंगू से कैसे बचें इसकी जानकारी दी जा रही है।उन्होंने बताया कि दिन में मच्छर काटने से यह बीमारी होती है, उन्होंने कहा कि डेंगू के कुछ लक्षण हैं। जैसे आंखों के पीछे दर्द होना, हड्डियों के जोड़ों पर भयानक दर्द होना और मच्छर के काटने पर लाल चकते होना। डेंगू के गंभीर मरीज का प्लेटलेट्स काफी कम हो जाता है, इसलिए उसे भर्ती करना पड़ता है। इसके अलावा सिर में दर्द होना, तेज बुखार होना जैसे लक्षण सभी को मालूम हैं। अगर इस तरह का अहसास हो तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।

उन्होंने बताया कि डेंगू बुखार का उपचार सामान्य विधि से होता है इसके लिए पारासिटामोल सुरक्षित दवा है। डेंगू के मरीजों में ब्लड प्लेटलेट्स की संख्या 10,000 से कम होने पर अथवा रक्तस्राव के लक्षण दिखने पर विशेष परिस्थिति में ब्लड प्लेटलेट्स चढ़ाने की आवश्यकता पड़ती है। उन्होंने बताया कि मरीज को डेंगू होने पर अधिक से अधिक पानी, ओआरएस घोल, नींबू पानी, नारियल पानी पीना चाहिए। नींबू का रस शरीर में मौजूद विषैले तत्व को दूर करते हैं। इसके अलावा चिकन सूप या अधिक से अधिक प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल करना चाहिए।

-कैसे करे डेंगू से बचाव

डिभीडीसीओ डॉ शरत चन्द्र शर्मा ने कहा कि स्वच्छता इसका रामबाण इलाज है। घरों व आसपास सफाई रहेगी, कूलर, गमलों आदि में पानी जमा नहीं रहेगा, तो डेंगू मच्छर की पैदाइश कम होगी। उन्होंने बताया कि डेंगू से बचने के लिए शरीर को पूरी तरह से ढकने वाला कपड़ा पहनें। शरीर का जो हिस्सा ढका नहीं है, उस पर मच्छर भगाने वाला क्रीम लगाएं। मच्छरदानी का प्रयोग करें। ऐसा करते रहने से डेंगू से बचे रहेंगे।

(हि.स.)

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