Bihar Legislature Winter Session : बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शुरू, तेजस्‍वी बोले- डबल इंजन सरकार का एक इंजन फेल

पटना। बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो गया है। सत्र के पहले दिन विधानसभा अध्‍यक्ष के संबोधन के बाद सरकार की ओर से दो विधेयक सदन में पेश किए गए। इनमें बिहार तकनीकी सेवा आयोग संशोधन विधेयक 2021 और द्वितीय अनुपूरक विनियोग विधेयक शामिल हैं। पहला विधेयक मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने जबकि दूसरा विधेयक उप मुख्‍यमंत्री तार किशोर प्रसाद ने पेश किया। इसके थोड़ी ही देर बाद एक शोक प्रस्‍ताव करते हुए सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्‍थगित कर दी गई। सदन में ही विस अध्‍यक्ष ने बताया कि दोपहर 3.30 बजे कार्य मंत्रता समिति की बैठक होगी। सत्र के पहले ही दिन कम्‍युनिस्‍ट विधायकों ने उर्वरकों की कमी, जहरीली शराब से मौत, रोजगार जैसे मसलों पर प्रदर्शन किया।

सदन में रणनीति बनाने के लिए कांग्रेस विधायक दल की एक बैठक अजीत शर्मा के आवास पर शाम चार बजे से होगी। इससे पहले विधानसभा के नए भवन सेंट्रल हाल में एनडीए विधायक दल की बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्‍यमंत्री तार किशोर प्रसाद, शिक्षा और संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी भी मौजूद रहे। बैठक में सरकार की ओर से सदन में अपनी बात रखने और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए रणनीति तैयार की। सत्र के पहले दिन मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने विधासनसभा अध्‍यक्ष विजय सिन्‍हा को गुलदस्‍ता देकर उनका स्‍वागत किया।

इधर, राजद भी सरकार को रोजगार और शराबबंदी के साथ ही कानून व्‍यवस्‍था के मसले पर घेरने को तैयार है। सदन के शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष सीधे मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार पर लगातार हमलावर हैं। अगर उनका यह अंदाज सदन में जारी रहता है तो जाहिर है कि सरकार में शामिल दलों जदयू और भाजपा के नेता भी चुप नहीं बैठेंगे। ऐसे में विधानसभा अध्‍यक्ष विजय सिन्‍हा और विधान परिषद में सभापति अवधेश नारायण सिंह पर सदन को शांतिपूर्ण ढंग से चलाने की चुनौती बड़ी होगी।

बिहार में शिक्षक नियोजन की प्रक्रिया लंबित रहने के खिलाफ अभ्‍यर्थी आज से आंदोलन की शुरुआत करने वाले हैं। इसके लिए पटना के गर्दनीबाग में शिक्षक अभ्‍यर्थियों का जुटना रविवार से ही शुरू हो गया था। नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव शिक्षक अभ्‍यर्थियों की नाराजगी को बड़ा मसला बनाकर सरकार को घेरना चाहते हैं। वे इस मसले पर बयान तो लगातार देते ही रहते हैं, रविवार की रात शिक्षक अभ्‍यर्थियों से मिले भी थे। उन्‍होंने शिक्षक अभ्‍यर्थियों को उनके आंदोलन में विपक्ष के समर्थन का भरोसा दिलाया। इससे पता चलता है कि तेजस्‍वी और उनकी पार्टी सदन में यह मसला जोरशोर से उठाने वाली है। हालांकि इस बार विधानसभा में एक बदलाव यह दिखेगा कि कांग्रेस अपनी आवाज स्‍वतंत्र ढंग से उठाने की कोशिश करेगी। पिछले सत्र में राजद और कांग्रेस एक साथ थे।

राजद की तैयारी शराबबंदी के मसले पर सरकार को घेरने की है। राजद नेताओं का कहना है कि राज्‍य में शराबबंदी पूरी तरह फेल हो चुकी है। शराब के धंधे में सरकार के ही लोग शामिल हैं। तेजस्‍वी यादव के साथ ही जगदानंद सिंह ने भी कहा कि बिहार में शराबबंदी नाम की चीज पूरी तरह छलावा है। लालू यादव ने पिछले दिनों कहा था कि अगर शराबबंदी लागू नहीं हो सकती है, इस फैसले को वापस ले लेना चाहिए।

तेजस्‍वी यादव ने सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार शराबबंदी के नाम पर आम लोगों को परेशान कर रही है। उन्‍होंने कहा कि बिहार की डबल इंजन सरकार में एक इंजन खराब है। राज्‍य में शराब खुलेआम बेची और सेवन की जा रही है। वहीं शराब पर रोक के नाम पर पुलिस महिलाओं के सम्‍मान का भी ख्‍याल नहीं कर रही है।

-Agency

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