Bihar News Update : बिहार के मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों को लिखी चिट्ठी, दीदियों ने बताया प्रेरणादायक

बेगूसराय, 20 मार्च । बिहार दिवस को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जीविका दीदियों के नाम चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी को पाकर जीविका दीदियों में खुशी है तथा हर ओर चर्चा हो रही है। इन लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री हम लोगों द्वारा समाज को नई दिशा दिलवाने का काम कर रहे हैं और अब उन्होंने बिहार दिवस की शुभकामना देने के लिए जो चिट्ठी लिखी है यह हम सब की हौसला अफजाई करता है।

जीविका दीदी के कार्य में लगी ममता देवी, ललिता देवी, सोनी देवी आदि ने शनिवार को बताया कि बिहार दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा लिखी गई चिट्ठी हम लोगों को एक नई प्रेरणा देगा, काम को और गति देने का एक नया सूत्र साबित होगा।

चिट्ठी में मुख्यमंत्री ने कहा है कि मेरा हमेशा से मानना रहा है कि महिलाएं जो हमारी आधी आबादी हैं, उनकी जब तक सभी क्षेत्रों में हिस्सेदारी नहीं होगी, तब तक बिहार और देश की प्रगति नहीं हो सकती। इसी बात को ध्यान में रखकर हमलोगों ने पिछले डेढ़ दशकों में महिलाओं की स्थिति को बेहतर करने के लिए अनेक काम किये। 2006 में जीविका की शुरुआत की थी, उसी दिन तय किया था कि बिहार में दस लाख जीविका समूहों का गठन हो।

आज बिहार में दस लाख से अधिक जीविका समूहों से करीब एक करोड़ 20 लाख से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हुई हैं। गौरव की बात है कि बिहार की जीविका दीदियों के काम से प्रभावित होकर 2011 में केंद्र सरकार ने भी आजीविका मिशन की शुरुआत की।

सरकारी योजनाओं में जीविका की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कई नए पहल किये गये हैं। जीविका समूहों को जिला एवं अनुमण्डल अस्पतालों में मरीजों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने एवं सरकारी स्कूलों में छात्र/छात्राओं के लिए पोशाक तैयार कराने की जिम्मेदारी भी दी जा रही है।

जल-जीवन-हरियाली के तहत बनाये गये पोखर एवं तालाबों को मछलीपालन के लिए जीविका समूहों को निःशुल्क दिया जा रहा है। बिहार में पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उन्हें इन संस्थाओं में 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया जा रहा है। सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण है।

अब सात निश्चय-2 के तहत अविवाहित छात्राओं के इंटर पास करने पर 25 हजार तथा स्नातक करने पर छात्राओं को 50 हजार देने, महिलाओं में उद्यमिता विकास के लिए अनुदान देने तथा हर कार्यालय में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है। बिहार में 76.7 प्रतिशत महिलाओं का अपना बैंक खाता है। बिहार में प्रजनन दर तभी नियंत्रित होगा जब लड़कियां कम से कम इंटर तक पढ़ेंगी।

लड़कियां इंटर तक की पढ़ाई कर सकें, इसके लिए हर पंचायत में उच्च माध्यमिक विद्यालय की स्थापना की जा रही है। आप सबका यह दायित्व है कि शराबबंदी को लागू रखने के लिए पूरी तरह से सजग एवं सचेत रहें। राज्य की हर महिला बिहार की गौरव हैं, बिहार के विकास में सभी को लगातार काम करने की जरूरत है। आपके सहयोग से हम सब मिलकर बिहार को सम्पन्न और विकसित राज्य बनायेंगे।

(हि.स.)

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