Bihar News Update : सेनारी नरसंहार में टीआई परेड नहीं करवाना तत्कालीन राजद-कांग्रेस सरकार की साजिश : भाजपा

पटना 22 मई: भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के बिहार प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व विधायक मनोज शर्मा ने सेनारी नरसंहार के सभी आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में पटना उच्च न्यायालय से बरी किए जाने पर इसे तत्कालीन राष्ट्रीय जनता दल (राजद)-कांग्रेस सरकार की साजिश का नतीजा बताया है।

श्री शर्मा ने शनिवार को कहा कि इस मामले में थाना में टेस्ट आईडेंटिफिकेशन परेड (टीआईपी) ही नहीं करवाई गयी, जिसका लाभ आरोपियों को अदालत में मिला। उन्होंने कहा कि तत्कालीन राजद – कांग्रेस सरकार के निर्देश पर पुलिस ने उस समय ही मामले को कमजोर बना दिया था।

पूर्व विधायक श्री शर्मा ने कहा कि 18 मार्च 1999 में सेनारी गांव को घेर कर निर्मम तरीके से 34 लोगों की हत्या कर दी गई थी, इसके एक दिन बाद 19 मार्च को प्राथमिकी दर्ज की गईं । उन्होंने कहा कि पहले दर्ज प्राथमिकी में 16 आरोपी बनाए गए थे इसके बाद इसमें 56 आरोपी और 82 गवाह के नाम दर्ज किए गए। इसके बाद तीन सप्लीमेंटरी चार्जशीट के जरिए कुल मिलाकर इस मामले में 77 आरोपी बनाए गए ।

श्री शर्मा ने कहा कि इनमें से 45 आरोपियों पर आरोप निर्धारित किया गया और 38 आरोपियों के खिलाफ ट्रायल प्रारंभ हुआ । उन्होंने कहा कि इस मामले में तत्कालीन सरकार के निर्देश पर पुलिस ने टीआईपी नहीं करवाई जिसका लाभ आरोपियों को मिला। बाद में टीआईपी कोर्ट में की गई। उन्होंने कहा कि यह सरकार की सोची समझी साजिश थी जिसके कारण अदालत को साक्ष्य के अभाव में सभी आरोपियों को बरी करना पड़ा। उन्होंने बिहार सरकार से इस फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर करने की मांग की ।

वार्ता

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