Bihar News Update : बिहार में गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर, 12 जिलों में रेड अलर्ट

पटना। बिहार में मानसून की पहली बारिश ने बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है। दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से जगह-जगह जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है,तो वहीं गांगा , गंडक, बूढ़ी गंडक समेत कई नदियांसमेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी हैं। पहली बार गंडक नदी जून में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मानसून की शुरुआत में ही चार लाख क्यूसेक से अधिक पानी हो गया। वहीं मौसम विभाग ने राजधानी पटना समेत 12 जिलों में बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। बेतिया, मोतिहारी, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, सुपौल, पटना, अररिया, किशनगंज, और दरभंगा जिले में एनडीआरएफ टीम की तैनाती कर दी गई है।

वहीं बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक गुरुवार दर्दनाक हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार कार के बाया नदी में गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई , वहीं तीन लोग पानी में डूब गए। हालांकि स्थानीय लोगों की मदद से डूब रहे तीन लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।

पटना में भी गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। एनडीआरएफ की एक टीम पटना जिले में तैनात की गई है। दूसरी तरफ मौसम विभाग ने बारिश को लेकर पटना, गया, नालंदा, गोपालगंज, सीवान सहित 12 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तेज हवा, बिजली गिरने के साथ 40 एमएम तक वर्षा होने का अनुमान जताया है। विभाग ने अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद सहित 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने बारिश को लेकर 18 जून तक चेतावनी जारी की है।

16 जून को गंडक नदी पश्चिम चंपारण के त्रिवेणी में और गोपालगंज के डुमरियाघाट में खतरे के निशान से ऊपर थी तो बूढ़ी गंडक चनपटिया में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। गंगा, बागमती, पुनपुन, खिरोई, घाघरा और कोसी के जलस्तर में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गंडक का जलस्राव 4.12 लाख क्यूसेक पहुंच गया। जल संसाधन विभाग ने बताया कि गंडक में मानसून की शुरुआत में इतना पानी कभी नहीं रहा।

-Agency

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