Bihar News Update : बिहार के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी जल्द होगी पूरी : मंगल पाण्डेय

पटना, 05 मार्च । बिहार विधानसभा में बजट सत्र के दसवें दिन शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने कहा कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी जल्द ही दूर कर दी जायेगी। उन्होंने कहा कि बिहार में एलोपैथिक डॉक्टरों के साथ होम्योपैथी और आयुष डॉक्टरों की बहाली प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इनकी नियुक्ति कर सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी पूरी कर ली जाएगी।

प्रश्नोत्तर काल में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सवालों पर सरकार को जवाब देना था। अलग-अलग विधायकों ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सवाल सदन में रखे। विपक्षी दल राजद के दरभंगा ग्रामीण और रामगढ़ से विधायक ललित यादव एवं सुधाकर सिंह समेत कई सदस्यों ने राज्य के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और नर्सों के साथ अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की कमी का मामला उठाया।

इसके जवाब में विभागीय मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि राज्य तकनीकी सेवा आयोग के जरिए बहाली की प्रक्रिया चल रही है। इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 40,100 एलोपैथिक डॉक्टर, 33,922 आयुष डॉक्टर, 34,257 होम्योपैथ डॉक्टर, 5,203 दंत चिकित्सक और 31,434 नर्स राज्य के वभिन्न अस्पतालों में कार्यरत हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर करने के उद्देश्य से ग्यारह नए मेडिकल कॉलेज, 23 जीएनएम स्कूल और 24 नर्सिंग स्कूल खोले जायेंगे। उन्होंने सदन को बताया कि गत वर्ष राज्य के 202 स्वास्थ्य केंद्रों में 6,293 नर्सों को नियुक्त किया गया। साथ ही कहा कि राज्य के स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की कमी को दूर करने के उद्देश्य से तकनीकी सेवा आयोग ने 2,632 समान्य चिकित्सा पदाधिकारी और 3,706 विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी की नियुक्ति की जायेगी। उन्होंने कहा कि राज्य के 1,772 प्रयोगशाला के लिए पदों पर नियुक्ति के लिए बिहार कर्मचारी चयन आयोग चयन की कार्रवाई की जा रही है।

सदन में विपक्षी सदस्यों ने सरकार पर आरोप लगाया कि वर्ष 2015 में सरकारी अस्पताल भवनों के निर्माण का फैसला किया गया था लेकिन विभाग डॉक्टरों की बहाली नहीं कर पाया। आखिर किसकी लापरवाही से डॉक्टरों की नियुक्ति में देरी हुई, यह सरकार को बताना चाहिए।

मंगल पांडे ने कहा कि बिहार लोक सेवा आयोग से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने में वर्षों लग जाते थे, लेकिन अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर तकनीकी सेवा आयोग से बहाली कराई जा रही है। अगले तीन से चार महीनों में इस प्रक्रिया को पूरा कर नए डॉक्टरों की नियुक्ति कर दी जाएगी।

(हि.स.)

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