Bihar News Update : बिहार में बकाया रोड टैक्स एकमुश्त जमा करने वालों को नहीं लगेगा जुर्माना

पटना । बिहार सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्तमान में निर्धारित अधिकतम पारिवारिक वार्षिक आय की सीमा 1 ़ 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 2. 50 लाख रुपये कर दी गई। शुक्रवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इसके अलावे राज्य में अब लॉकडाउन एवं प्रतिबंधों के कारण रोड टैक्स जमा नहीं करने वाले वाहन मालिकों को अब एकमुश्त रोड टैक्स या हरित कर जमा करने पर जुर्माना नहीं देना होगा।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को मंत्रिपरिषद की हुई बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग द्वारा बताया गया कि उद्योग विभाग सेंट्रल इंस्टीच्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स एंड इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी (सीपेट), हाजीपुर का व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना, भागलपुर को-ऑपरेटिव स्पीनिंग मिल के परिसर में करने की स्वीकृति दी गई।

इसके लिए अनुमानित लागत 4010. 77 लाख रुपये की स्वीकृति एवं चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में 10 करोड़ रुपये का सहायक अनुदान देने के प्रस्ताव की स्वीकृति प्रदान की गई।

इसके अलावे बैठक में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के तहत वित्तीय वर्ष 2020-21 से अन्य पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्तमान में निर्धारित अधिकतम पारिवारिक वार्षिक आय अधिकतम सीमा 1 ़ 50 लाख रुपये को बढ़ाकर 2. 50 लाख रुपये वार्षिक पुनर्निर्धारित किये जाने की भी स्वीकृति दी गई।

पथ निर्माण विभाग के तहत पटना में गंगा नदी के किनारे ‘जे पी गंगा पथ’ (दीघा से दीदारगंज) के निर्माण कार्य के लिए 2000 करोड़ रुपये का ऋण हुडको (हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड) से प्राप्त करने तथा प्राप्त होने वाले ऋण के ब्याज सहित वापसी के लिए राज्य सरकार की गारंटी के प्रसताव को भी मंजूरी दी गई।

इधर, कोविड-19 के कारण लागू लॉकडाउन एवं प्रतिबंधों के कारण कर नहीं जमा करने वाहन मालिकों बकाया पथकर या हरित कर एक मुश्त जमा करने पर अर्थदंड नहीं देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।

-Agency

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