Bihar Politics: सुशील मोदी बोले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 50 लाख लोगों को मौत के मुंह से निकाला

पटना। राज्यसभा सदस्य सुशील मोदी ने कहा है कि विपक्ष कोरोना से मौत के आंकड़ों पर राजनीति कर अस्थिरता फैलाना चाहता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वदेशी टीके विकसित कराकर 50 लाख लोगों को मौत के मुंह से निकाल लिया। उन्होंने कहा कि मात्र 33 करोड़ की आबादी वाले विकसित देश अमेरिका में 7.33 लाख और 21.26 करोड़ की जनसंख्या वाले ब्राजील में छह लाख लोगों की मृत्यु हुई। भारत में सघन जांच, बेहतर इलाज और मिशन मोड में टीकाकरण हुआ। यही कारण है कि बड़ी जनसंख्या वाले इस देश में मात्र 4.5 लाख नागरिकों की अकाल मृत्यु हुई।
सुशील मोदी ने कहा कि सदी की पहली वैश्विक महामारी को हराने के लिए भारत ने जितनी जल्दी स्वदेशी वैक्सीन बनाई और सबसे तेज टीकाकरण कर सौ करोड़ डोज मुफ्त लगवाए, उसकी दुनिया तारीफ कर रही है, लेकिन कांग्रेस को यह उपलब्धि अच्छी नहीं लग रही है। 60 साल राज करने वाली कांग्रेस बताए कि उसके राज में पोलियो, मलेरिया जैसी बीमारियों के स्वदेशी टीके विकसित क्यों नहीं हो पाए?

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. संजय जायसवाल ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत में चल रहे विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान ने कई ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं जिसे देखकर हर देशवासी को गर्व हो रह है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नए भारत की मजबूत इच्छाशक्ति ने टीकाकरण में विकसित देशों को भी पीछे छोड़ दिया है। भारत ने दुनिया के कई देशों की आबादी से कई गुना टीकाकरण का रिकार्ड तो बनाया ही है साथ ही साथ टीकाकरण की रफ्तार के मामले में भी दुनिया में सबसे आगे निकल गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीकाकरण की तेज गति देखकर देखकर आज पूरी दुनिया हैरान है। आज भारत की सरकार, स्वास्थ्यकर्मी और जनता ने मिलकर जो सामर्थ्‍य दिखाया है, उसका लोहा आज पूरा विश्व मान रहा है।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव रंजन ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि सौ करोड़ टीकाकरण का ऐतिहासिक लक्ष्य हासिल करने पर जहां देश खुशियां माना रहा है वहीं कांग्रेस सदमे में है। कांग्रेस नेताओं के बयानों को देखें तो इनकी जलन साफ दिखाई पड़ती है। इन्हें देश की ख़ुशी बर्दाश्त ही नहीं हो रही है। उन्हें यह यकीन ही नहीं हो रहा है कि टीकाकरण को अटकाने, भटकाने और लटकाने के उनके लाख प्रयासों के बावजूद देश ने इस मुकाम को हासिल कैसे कर लिया।

एजेंसी

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