CAQM : दिल्ली में वायु प्रदूषण नियंत्रित करने की परियोजना लागू होगी

Insight Online News

नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर : दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) की ओर दिल्ली में अलग-अलग स्रोतों से होने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में मिली सफलता के बाद अब इसे बुधवार से उत्तरी दिल्ली नगर निगम, पूर्वी दिल्ली नगर निगम और नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) में भी ऐसे प्रयास शुरू किये जायेंगे।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने एक गैर सरकारी संगठन एयर पोल्यूशन एक्शन ग्रुप (ए-पीएजी) के समर्थन से दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) की सक्रिय मदद से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के क्षेत्रों में अलग-अलग स्रोतों से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने के लिए दिसंबर, 2020 में दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के अधीनस्थ क्षेत्र में एक पायलट परियोजना शुरू की थी।

दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की इस पायलट परियोजना की प्रगति की समीक्षा सीएक्यूएम द्वारा 22 सितंबर को की गई थी। पायलट परियोजना से मिली सीख के आधार पर आने वाले सदी के मौसम में अलग-अलग स्रोतों से होने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए परियोजना का अब उत्तरी दिल्ली नगर निगम, पूर्वी दिल्ली नगर निगम और नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद के क्षेत्रों में दोहराया जा रहा है। परियोजना में व्यापक अलग-अलग स्रोतों से उत्पन्न होने वाले वायु प्रदूषण से संबंधित मुद्दों की आसान पहचान, आवंटन और समाधान की परिकल्पना की गई है।

सीएक्यूएम द्वारा 21 अक्टूबर को दिल्ली सरकार के अधिकारियों और नगर निगमों/नई दिल्ली नगर परिषद के आयुक्तों/अध्यक्षों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में निर्णय लिया गया है कि यह परियोजना उत्तरी दिल्ली नगर निगम, पूर्वी दिल्ली नगर निगम और एनडीएमसी में 27 अक्टूबर से शुरू हो जाएगी। परियोजना दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), नोडल अधिकारियों के बीच बेहतर अंतर-एजेंसी समन्वय और अन्य संबंधित एजेंसियों के समर्थन के साथ शुरू की जाएगी। इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी तैयार की गई है।

पायलट परियोजना दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) के 104 वार्डों में लगभग 17,290 मुद्दों की पहचान करने में सफल रही, जिनमें से 10,900 (63 प्रतिशत) मुद्दे एसडीएमसी से संबंधित हैं और बाकी 6,400 (37 फीसदी) मुद्दे अन्य एजेंसियों को सौंपे गए हैं। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत, एसडीएमसी ने अपने अधिकार क्षेत्र से संबंधित 95 प्रतिशत मुद्दों को सफलतापूर्वक हल कर लिया है। इस पायलट परियोजना के तहत प्रदूषण के जिन प्रमुख स्रोतों पर ध्यान दिया गया, उनमें शामिल कचरे को डंप करने की जगह, ओवरफ्लो वाले ढलाव, कचरा जलान, निर्माण और विध्वंस स्थल, सार्वजनिक भूमि पर फेंका जाने वाला मलबा, कच्ची सड़कों से उठने वाली धूल, बंजर भूमि, औद्योगिक उत्सर्जन, वाहन प्रदूषण आदि शामिल हैं।

एसडीएमसी ने वायु प्रदूषण के अलग-अलग स्रोतों की कुशल एवं प्रभावी निगरानी के लिए एक उन्नत ‘स्मार्ट सिटी 311 ऐप’ में अपग्रेड किया। इस उन्नत ऐप की शुरुआत के साथ, एक टैप के साथ मुद्दों को लेकर आसानी से शिकायत की जा सकती है।

आजाद.श्रवण, वार्ता

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *