Catholic Church : स्टेन स्वामी गिरफ्तारी की विरोध, बनायी मानव शृंखला

  • रांची कैथोलिक चर्च के धर्म गुरु, धर्म बहनें और विश्वासी हुए शामिल, रिहा करने की कर रहे हैं मांग

रांची। सामाजिक एवं मानव अधिकार कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी की गिरफ्तारी के विरोध में रांची कै थोलिक चर्च के विश्वासियों ने मानव शृंखला बनाकर विरोध प्रकट किया। यह मानव शृंखला सर्जना चौक से लेकर डॉ कामिल बुल्के पथ, डंगराटोली चौक होते कांटाटोली चौक और सामलोंग तक बनायी गयी। विगत दिनों स्टेन स्वामी को एनआइए की टीम ने गिरफ्तार किया था। उसके बाद से उनकी रिहाई की मांग की जा रही है। उनपर भीमा कोरेगांव नरसंहार घटना और नक्सलवाद से संबंध होने आरोप लगा है, हालांकि स्टेन स्वामी इसे साजिश बताते हुए किसी तरह का संबंध होने से इंकार किया है।

मसीही समुदाय स्टेन स्वामी के रिहाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उम्रदराज व्यक्ति को जो हाशिए की आवाज को उठाते हैं, आदिवासियों और पिछड़ों के संवैधानिक हक अधिकार की बात करते हैं, उन्हें साजिश के तहत एनआइए की टीम ने गिरफ्तार कर मुंबई जेल में बंद किया है।

कोविड19 का ख्याल रखते हुए शांतिपूर्ण तरीकों से मानव शृंखला बनाकर मोमबत्तियां भी जलायी गयीं। इसमें काफी संख्या में धर्म बंधु शामिल होकर स्टेन स्वामी की गिरफ्तारी का प्रतिकार किया। सड़क के दोनों किनारों पर तकरीबन डेढ़ घंटों तक खड़े रहे।

इस दौरान सबके हाथ में बनैर और बैज भी था। बनैर में लिखा हुआ था- वी डिमांड जस्टिस, इसाई और मिशनरियों को देशद्रोह कहना बंद करो, भीमा कोरेगांव तो बहाना असली मकसद तो दमन को बढ़ाना है, फादर स्टेन स्वामी नक्सली नहीं समाज सेवी हैं, उन्हें जेल में बंद मत करो, रिहा करो रिहा करो आदि।

मानव शृंखला के बाद संत मरिया गिरजाघर में प्रार्थना की गयी, जिसमें कोविड-19 की गाइडलाइन का अनुपालन करते हुए 50 से भी कम लोग शामिल हुए। मौके पर फादर जोसेफ मरियानुस कुजूर ने कहा कि फादर स्टेन स्वामी निर्दोष हैं। उन्होंने अपने उपर लगे आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने यह भी कहा है कि उनके कंप्यूटर, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण के साथ छेड़छाड़ की गयी है। एक प्लान के तहत फंसाया गया है।

वे रिसर्च बेस्ड बुनियादी सवाल उठाते थे। पांचवीं अनुसूची लागू करने, पेसा के प्रावधानों के तहत ग्राम सभा को मजबूत करने, फॉरेस्ट एक्ट 2006, लैंड एमेंडमेंट, गैर मजरुआ जमीन, झारखंड के विभिन्न जेलों में बंद निर्दोष कैदियों पर रिसर्च करके सरकार से सवाल करते थे। उसी का परिणाम है कि वे जेल में बंद हैं। फादर मरियानुस कुजूर ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि न्याय मिलेगा।

बहुत जल्द वे रिहा होंगे। इसमें रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो, सहायक बिशप थियोदोर मसकरेंहास, एक्सआइएसएस के निदेशक फादर जोसेफ मरियानुस कुजूर, प्रोविंसियल सिस्टर सुचिता शालिनी खलखो, प्रोविंसियल फादर अजीत खेस्स, उमेश नजीर सहित विभिन्न धर्म समाज के पुरोहित, ब्रदर्स और धर्मबहनें शामिल हुई। झारखंड क्रिश्चियन यूथ एसोसिएशन के युवाओं के अलावे सीपीआईएम का पूरा समर्थन रहा। वहीं जेएमएम नेत्री डॉ महुआ माजी भी मानव शृंखला में शामिल हुई।

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