India-China: चीनियों से भी ऊंची चोटी पर जा बैठे भारतीय जांबाज

  • अब ​पैंगोंग के उत्तरी किनारे चीन की हर गतिविधि पर रखी जा सकेगी सीधी नजर
  • ​दक्षिणी हिस्से में ​भारत और चीन के सैनिक महज 300 मीटर की दूरी पर
  • भारतीय फॉरवर्ड पोस्ट्स के ठीक आगे सैन्य चौकियां बना रहा है चीन

नई दिल्ली, 09 सितम्बर । पूर्वी लद्दाख में ​​पैंगोंग झील के दक्षिणी इलाके में तनाव के बीच ड्रैगन को चकमा देकर भारतीय सैनिकों ने उत्तरी छोर पर वह रणनीतिक ऊंचाई हासिल कर ली जहां से चीन की हर पोस्ट और उसकी हरकतों की पल-पल जानकारी रखी जा सकती है। मई में चीनियों ने भारत को धोखा देकर फिंगर-4 पर कब्जा किया था और वहां से हटने को तैयार नहीं हैं। पिछले हफ्ते भारत अपने सैनिकों की तैनाती में बदलाव करके रिजलाइन तक पहुंचा था लेकिन अब फिंगर एरिया में भारतीय सैनिकों की तैनाती इतनी ऊंचाई वाली पहाड़ी पर कर दी गई है जो फिंगर-4 से भी ऊंची है।

तनाव के बीच ही चुशूल में आज फिर दोनों देशों के ब्रिगेड कमांडर मिले और यह मीटिंग करीब चार घंटे चली। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम बातचीत का रास्ता बंद नहीं करना चाहते लेकिन हालात के मुताबिक कुछ भी कदम उठाने में सक्षम हैं। एलएसी पर मौजूद तनाव में जरा भी कमी नहीं आई है। फिंगर-4 में जहां चीनी सैनिक डटे हैं, अब भारतीय सैनिक उससे भी ऊंचाई पर तैनात हैं जहां से फिंगर-4 का पूरा इलाका साफ-साफ दिखाई देता है। यानी अब यहां से चीन की हर पोस्ट और उसकी हरकतों की पल-पल जानकारी रखी जा सकती है। अभी तक सबसे अधिक ऊंचाई पर बैठे चीनियों को रणनीतिक लाभ मिलता था जिसकी वजह से उन्हें भारत की हर गतिविधि के बारे में जानकारी रहती थी लेकिन अब ऐसा नहीं हो पायेगा।

लद्दाख में पैंगोंग झील के ​​दक्षिणी हिस्से में भारत के एक्शन से चीन भड़का हुआ है। चीनी सेना किसी भी तरह इन उन चोटियों पर कब्जा करने की फिराक में है जिन पर भारत ने हाल ही में सैनिकों की तैनाती करके इस इलाके में अपना दबदबा कायम किया है। यहां भारत की ओर से कुछ रेगिस्तानी शैली के टेंट लगाये गए हैं। इस बीच भारत ने पहाड़ी चोटी टेबल टॉप के पास कई टेंट स्थापित किए हैं लेकिन यह निश्चित रूप से स्थायी बुनियादी ढांचा नहीं है। पैंगोंग झील के दक्षिण किनारे कम से कम तीन चोटियों के पास ​​भारत और चीन के सैनिक महज 300 मीटर की दूरी पर हैं। चीनी सेना भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा हासिल की गई रणनीतिक चोटियों पर कब्जा करने और भारतीय सैनिकों को पीछे हटाने के लिए की रणनीति के तहत काम कर रही है लेकिन इसमें कामयाबी न मिलने पर वह भड़की हुुई है।

चीनी सेना ने 07 अगस्त को भारत के फॉरवर्ड पोजीशन पर कब्जे की कोशिश की थी जिसे सतर्क भारतीय जवानों ने विफल कर दिया था। भारतीय सैनिकों ने अपने कब्जे वाली चोटियों के आसपास सुरक्षा के नजरिये से वायर ऑब्सटिकल लगा रखे हैं ताकि चीनी सैनिक उनके करीब न आ सकें। इसके बावजूद 7 अगस्त को भाले, बरछी, चीनी हथियार गुआंडाओ से लैस होकर आये चीनियों ने यह वायर निकालने की कोशिश की थी। भारतीय सेना के तेवर देख चीनी सैनिकों ने हवा में फायरिंग करके भारतीय सैनिकों पर दबाव बनाने की कोशिश की लेकिन सख्त चेतावनी के बाद वह पीछे हटने को मजबूर हुए। इतना ही नहीं उकसावे के लिए चीनी सेना के जवानों ने गोलियां भी चलाईं। अब मंदारिन भाषा जानने वाले भारतीय सैनिक नियमित रूप से पीएलए सैनिकों को मेगाफोंस के माध्यम से चेतावनी दे रहे हैं कि वे भारतीय पदों के करीब आने के लिए किसी भी प्रयास को बंद कर दें और कांटेदार तारों से दूर रहें।

चीन ने जिस तरह उत्तरी तट पर भारत और चीनी नियंत्रित क्षेत्र को अलग करने वाली रिजलाइन पर सैन्य पोस्ट बना रखी है। ठीक उसी तरह भारत ने अब जब दक्षिणी किनारे पर कब्जा किया है जो चीन को हजम नहीं हो रहा है, जिससे तनाव बढ़ गया है। पता चलता है कि अभी इस दक्षिणी क्षेत्र में बहुत कम स्थायी निर्माण दिखाई देते हैं। अब ताजा सेटेलाइट इमेज से चीन की नई हरकतों का खुलासा हुआ है। ओपन सोर्स इंटेलिजेंस @detresfa_ द्वारा जारी की गई एक नई तस्वीर में खुलासा हुआ है कि चीनी सेना भारतीय सेना की पोस्ट के सामने ठीक एलएसी पर दो पोस्ट बनाकर बड़ी संख्या में अपनी सेना की तैनाती कर रही है। वह सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इन इलाकों में भारतीय फॉरवर्ड पोस्ट्स के ठीक आगे अपनी सैन्य चौकियों को भी स्थापित कर रहा है। बड़ी बात यह है कि इन इलाकों में बड़ी संख्या में चीनी फौज के जमावड़े के कारण वह नए इलाके में भारत के खिलाफ मोर्चाबंदी नहीं कर पा रहा है।

इसी तरह के हालात स्पैंग्गुर त्सो और दक्षिण पैंगोंग त्सो के पास उपग्रह इमेजरी पर दिखाई देते हैं क्योंकि चीन भारत के किसी भी नए अग्रिम हिस्से में घुसपैठ करने की फिराक में फॉरवर्ड क्षेत्रों में तैनात है। इसी क्षेत्र की महत्वपूर्ण ऊंचाइयों ब्लैक टॉप, रेजांग ला, रेचिन ला, गुरुंग हिल, मगर हिल आदि पर भारतीय सैनिक मोर्चे संभाले हैं। यहीं ठीक एलएसी पर चीन ने दो नई पोस्ट बना ली हैं जो वास्तव में भारत के बिल्कुल करीब हैंं। भारतीय सेना ने चुशुल के मुख्य आक्रमण मार्ग पर सभी प्रमुख ऊंचाइयों को हासिल करके चीन के सामने ‘गेमचेंजर’ का रोल अदा किया है।

(हि.स.)

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