एक बार फिर आमने-सामने मुख्यमंत्री केजरीवाल और एलजी, एक्साइज पॉलिसी की होगी सीबीआई जांच

नई दिल्ली : दिल्ली में मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल के बीच अनबन का पुराना नाता है। एक बार फिर ये दोनों आमने सामने खड़े हैं। शुक्रवार को दिल्ली के उपराज्यपाल ने केजरीवाल सरकार के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। एलजी विनय कुमार सक्सेना ने दिल्ली सरकार की एक्साइज पॉलिसी के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं।

केजरीवाल सरकार पर नई आबकारी नीति के तहत शराब की दुकानों के टेंडर में गड़बड़ी का आरोप है। आरोप है कि नई आबकारी नीति में नियमों की अनदेखी करते हुए शराब की दुकानों के टेंडर दिए गए।

एलजी ने दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी की रिपोर्ट के बाद सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। इसी महीने की शुरुआत में तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार केजरीवाल सरकार पर जीएनसीटीडी एक्ट 1991, व्यापार लेनदेन नियम 1993, दिल्ली आबकारी नीति 2009 और दिल्ली आबकारी नियम 2010 के उल्लंघन का आरोप है।

एलजी के आदेश पर आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हमने पहले ही कहा था कि 2016 की स्थिति वापस आ जाएगी, हमें रोकने के लिए सीबीआई द्वारा पूछताछ, आयकर, ईडी का सहारा लिया जाएगा। वे हमारे काम में बाधा डालने के लिए सभी तरह की कोशिश कर रहे हैं। वे हमारे स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के बाद डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के पीछे पड़े हुए हैं।

इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सिंगापुर यात्रा को उपराज्यपाल ने खारिज कर दिया था। एलजी ने कहा था कि सम्मेलन में जिन विषयों पर चर्चा की जाएगी, उनमें शहरी शासन के विभिन्न पहलू शामिल हैं, जिन्हें दिल्ली सरकार के अलावा एनडीएमसी, एमसीडी और डीडीए सहित विभिन्न नागरिक निकायों द्वारा नियंत्रित किया जाता है। एलजी ने अपने नोट में कहा, ‘सम्मेलन से संबंधित मुद्दों पर जीएनसीटीडी का विशेष अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री के लिए इस तरह के सम्मेलन में भाग लेना उचित नहीं है।

-Agency

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