Christian Celebrate Holy Week : पुण्य सप्ताह, प्रभु के दुःखभोग, मृत्यु और पुनुरुथान का समारोह

फा. सुशील टोप्पो

पुण्य सप्ताह ख्रीस्तीयों के पूजन वर्ष में सबसे महत्वपूर्ण समय होता है l इस अवधि को (Great Week) या महान सप्ताह से भी जाना जाता है l इस पवित्र सप्ताह में ख्रीस्त विश्वासी येसु ख्रीस्त के दुःखभोग, उनके मानव प्रेम, मृत्यु और पुनुरुथान पर मनन -चिन्तन करता है और येसु ख्रीस्त के जीवन को और गहराई से समझने का प्रयास करता है l अत: यह पुण्य सप्ताह, ख्रीस्तीयों का सबसे बड़ा पर्व ईस्टर या पास्का पर्व की तैयारी का विशेष समय है l

इस सप्ताह में पांच दिन विशेष होते है :- खजूर रविवार या दुःखभोग रविवार , पुण्य गुरुवार, बृहस्पतिवार, पुण्य शुक्रवार, पास्का जागरण और पास्का रविवार l

  • खजूर रविवार या दुःखभोग रविवार

खजूर रविवार की धर्मविधियों में विश्वासीगण येसु ख्रीस्त के विजयमान येरुसालेम प्रवेश की स्मृति एवं दुःखभोग और मृत्यु, दोनों की याद मनाते है l अपनी मृत्यु के पूर्व येसु ने एक विजयी रजा के समान येरूसालेम में प्रवेश किया था l आज के दिन माता कलीसिया प्रभु येसु के द्वारा पास्का –रहस्य की पूर्णता हेतु उनके येरुसलेम प्रवेश की स्मृति मनती है l सभी मिस्सा-बलिदानों में प्रभु के इस प्रवेश की स्मृति (जुलूस के माध्यम से या मुख्य मिस्सा के पहले समारोही प्रवेश या अन्य मिस्सा से पहले साधारण प्रवेश के माध्यम से) मनाई जाती है l

  • पुण्य बृहस्पतिवार

पुण्य बृहस्पतिवार को ख्रीस्त विश्वासीगण प्रुभु येसु के अंतिम ब्यारी की तीन महान घटनाओं को याद करते है: पहला – येसु ने अपने शिष्यों के पैर धोकर प्रेम, नम्रता और सेवा का उदाहरण दिया; दूसरा- मानव-मात्र का प्रेमी होकर उन्होंने खारिस्त के रूप में अपना शरीर और रक्त देकर अपने प्रेम की अनूठी निशानी दी l तीसरा – येसु ने अपने चेलों को आज्ञा देकर पवित्र पुरोहिताई की स्थापना की l

  • पुण्य शुक्रवार या गुड फ्राइडे

प्रभु के दुःखभोग का शुक्रवार को माता कलीसिया, पवित्र क्रूस पर येसु मसीह के दुःखभोग एवं मरण का यादगार मनाती है l आज के दिन मिस्सा नहीं होता है केवल प्रभु के दुखभोग का समारोह सम्पन्न किया जाता है lइसमें मुख्यतः तीन भाग होते है – शब्द समारोह, क्रूस की उपासना और परम प्रसाद या कोमुनिओं विधि l

  • पुण्य शनिवार या पास्का जागरण

पुण्य शनिवार या पास्का जागरण की धर्मविधि रात में संपन्न होती है l इस रात्रि का जागरण सभी समारोहों में महान एवं भब्य माना जाता है l इस रात्रि की धर्म – विधि पास्का मोमबती प्रज्वलन विधि से शुरू होती है l तथा पास्का उदघोष के बाद विश्वाशी प्रभु ईश्वर द्वारा आदिकाल से अपनी प्रजा के लिए किए गए चमत्कारोंपर मनन –चिंतन करती, उसके वचनों तथा प्रतिज्ञाओ को याद करती है l इसमें पिता परमेश्वर के मुक्ति योजना और प्रभु येसु ख्रीस्त के पुनुरुथान को याद करते है और पास्का महोत्सव मनाया जाता है l पास्का रविवार काथलिक कलीसिया के विश्वासियो के लिए आनंद और उल्लास का महापर्व है, येसु ख्रीस्त के पुनरुथान का पर्व l ईस्टर या पास्का प्रभु के साथ नये जीवन का प्रतीक है जो औरो को प्रेम कर सके, माफ कर सके, दूसरो के दर्द को समझ सके और मानव को मानव समझ सके l

  • पास्का रविवार

पास्का रविवार को पुनरुथान रविवार से भी जाना जाता है क्योंकि आज के दिन प्रभु येसु मृतकों में से उठे l पूरा चालीसा पास्का पर्ब की तैयारी के लिए होता है l इस पुनरुथान की महान घटना को याद को याद करती है l और अपने रिश्तेदारों को “प्रभु सचमुच मृतकों में से जी उठे अल्लेलुया” कहकर पास्का पर्व की शुभकामनाए, खुशियां और प्यार बाटते है l

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