बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना का विकसित भारत बनाने में योगदान
नयी दिल्ली 22 जनवरी : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (बीबीबीपी)’ योजना की 10वीं वर्षगांठ समारोह का उद्घाटन किया और कहा कि यह भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में व्यापक रुप से योगदान देगी।
श्री नड्डा ने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना का उद्देश्य बाल लिंगानुपात में कमी लाना, कन्या भ्रूण हत्या को रोकना और लड़कियों की शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि योजना की सफलता समग्र सरकारी दृष्टिकोण से महिलाओं को मुख्यधारा में लाने की नीति में बदलाव पर निर्भर करती है। देश अब महिला विकास से आगे बढ़कर महिला-नेतृत्व वाले विकास की ओर बढ़ चुका है।
इस अवसर पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर भी मौजूद थीं।
योजना की 10 वीं वर्षगांठ पर कार्यक्रम पूरे देश में आयोजित किए जाएंगे और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस आठ मार्च तक चलेंगे।
श्री नड्डा ने कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण और लड़कियों के समग्र विकास के लिए समग्र दृष्टिकोण के साथ काम कर रही है। बीबीबीपी योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच तालमेल सुनिश्चित किया गया है क्योंकि इस योजना की सफलता का दायरा और जिम्मेदारी केवल महिला एवं बाल विकास मंत्रालय तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय के प्रयास भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों के कारण मातृ मृत्यु दर 100,000 जन्मों पर 130 मृत्यु से घटकर 97 मृत्यु पर आ गई है। शिशु मृत्यु दर वर्ष 2014 से 1000 जन्मों पर 39 मृत्यु से घटकर 1000 जन्मों पर 28 मृत्यु पर आ गई है तथा भारत में पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में 75 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण और उनके समग्र विकास के लिए शुरू की गई सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे सुकन्या समृद्धि योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छता अभियान, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया और नमो ड्रोन दीदी का भी उल्लेख किया।
श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि बीबीबीपी केवल एक योजना नहीं है, बल्कि बालिकाओं के बारे में लोगों की मानसिकता और व्यवहार में बदलाव लाने और लड़कियों के खिलाफ भेदभाव को चुनौती देने का एक प्रयास है।
उन्होंने कहा कि यह योजना अमृत काल में विकसित भारत बनाने में योगदान देगी। उन्होंने मिशन वात्सल्य, पोषण अभियान और मिशन शक्ति पोर्टल जैसी डब्ल्यूसीडी की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की उपलब्धियों और महत्व पर बल दिया।
कार्यक्रम में बीबीबीपी की सर्वोत्तम प्रक्रियाओं के एक संग्रह, मिशन वात्सल्य पोर्टल, मिशन शक्ति पोर्टल और मिशन शक्ति का मोबाइल ऐप का लोकार्पण भी किया गया।
कार्यक्रम में सशस्त्र बलों, अर्धसैनिक बलों, दिल्ली पुलिस की महिला अधिकारियों और केंद्रीय मंत्रालयों की उप सचिव और उससे ऊपर के स्तर की महिला अधिकारियों ने भाग लिया। इसके अलावा, छात्राओं (माई भारत स्वयंसेवक), आंगनवाड़ी पर्यवेक्षकों और कार्यकर्ताओं और राज्यों और जिलों के प्रतिनिधियों को भी इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था।