किस और सेक्स पर कोरोना वायरस काल का प्रभाव ?

Insightonlinenews Team

दुनिया भर में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। कोरोना वायरस बड़ी आसानी से लोगों को अपना शिकार बना रहा है। कोरोना वायरस को लेकर कई तरह के बचाव करने की सलाह दी जा रही है। उनमें से एक है सोशल डिस्टेंसिंग। हालांकि सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर भी लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं, खासकर कोरोना काल में हो रही शादियों के जोड़ों को यह सवाल चिंतित करता है कि किस और सेक्स, कोरोना वायरस काल में कितना उचित और कितना अनुचित है उनके लिए?

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन का कहना है कि कोरोना वायरस सेक्सुअल ट्रांसमिटेड डिसीज नहीं है। लंदन के डॉक्टर एलेक्स जॉर्ज का कहना है, अगर आप किसी के साथ पहले से ही रिलेशनशिप में हैं और शख्स के साथ एक तरह के ही माहौल में रह रहे हैं तो उस माहौल में किसी तरह का बदलाव नहीं होना चाहिए और उनके लिए किस और सेक्स अनुचित नहीं है, यदि दोनों से किसी एक में भी कोरोना लक्षण दिखाई दे देते हैं तो तत्काल दूरी बनाकर घर में ही आइसोलेशन में चले जाना चाहिए। अर्थात सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना।

नए शादी -शुदा जोड़ें जो ज्यादातर पहले से रिलेशनशिप में नहीं रहते हैं और उनके लिए आवश्यक है कि किसी भी प्रकार के शारीरिक संपर्क बनाने के पहले कोरोना वायरस टेस्ट करना। टेस्ट के नतीजे यदि सामान्य आते हैं तो उस आधार पर ही उनके लिए किस और सेक्स करना उचित है।

जीवन साथी के आलावा अगर आप किसी अन्य को किस करते हैं तो डॉक्टर एलेक्स का कहना है कि अगर आपने किसी को किस किया है या आप किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आए हैं जिसमें अब कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो अपने आप को तुरंत आइसोलेट कर लें और अपने लक्षणों को भी बारीकी से देखें। अगर आपमें कोरोना के कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं तो सतर्क हो जाइए। अगर आपके लक्षण गंभीर हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और अपना टेस्ट कराएं।

किस

जब हम किसी को किस करते हैं तो एक किस के दौरान करीब 8 करोड़ बैक्टीरिया का आदान प्रदान होता है। इनमें से सभी बैक्टीरिया नुकसान पहुंचाने वाले नहीं हों, ऐसा भी नहीं है।

इसके बावजूद कोई भी व्यक्ति शायद ही अपनी पहली किस भूल पाता हो। इतना ही नहीं रोमांटिक जीवन में चुंबन की अपनी अहम भूमिका भी है।

पश्चिमी समाज में एक दूसरे को किस करने का चलन कुछ ज्यादा है। पश्चिमी दुनिया के लोग ये भी मानते हैं कि किसिंग करना दुनिया भर का सामान्य व्यवहार है।

प्रोफेसर विलियम जानकोवायक के मुताबिक किस करना पश्चिमी समुदाय की देन है जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जाता रहा है।

इस विचार को सत्य के करीब मानने के लिए कुछ ऐतिहासिक कारण भी मौजूद हैं। ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड के प्रोफेसर राफेल वलोडारस्की कहते हां कि किस करना हाल-फिलहाल का चलन है।

किस जैसी किसी क्रिया का सबसे पुराना उदाहरण हिंदुओं की वैदिक संस्कृति में मिलता है जो करीब 3500 साल पुराना है।

2013 में वलोडारस्की ने किस करने की प्रवृति पर विस्तार से अध्ययन किया। उन्होंने सैकड़ों लोगों से ये पूछा कि एक दूसरे को किस करते वक्त उनके लिए सबसे खास बात क्या थी। इसमें पता चला कि शरीर की सुगंध से लोग एक दूसरे के प्रति आकर्षित होते हैं और सेक्स की तीव्र इच्छा जागृत होती है।

कोरोना वायरस काल में सेक्स करते समय कॉन्डम यूज करना सुरक्षित और बेहद जरुरी है इस क्रिया के समय एक-दूसरे के वर्जिन अथवा पेनिस को छूना असुरक्षित है तथा कोरोना को दावत देना होगा ये जानकार डॉक्टर बताते हैं।

डॉ. एलेक्सः अगर आप किसी के जननांग छूते हैं तो यह मुमकिन है कि आप उस वक्त किस भी कर रहे हों। और हम जानते हैं कि यह वायरस सलाइवा से फैलता है। यह जोखिम भरा है। ऐसे में जिस पार्टनर के साथ आप रह नहीं रहे हैं उनके साथ कॉन्टैक्स मत रखिए। अर्थात किस करने से और जननांग छूने से परहेज जरुरी है।

डॉ. एलिक्स फॉक्स का निष्कर्ष है कि इस महामारी में अच्छी सेक्स लाइफ सोच से परे है तथा कई परहेज के बंधनों से बांधती है और किस और सेक्स से दूरी बनाये रखने की मजबूरी दर्शाती है।
सुरक्षित नियमों का पालन करने पर किस और सेक्स का स्वाभाविक आनंद प्राप्त किया जा सकता है।

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