चीन से जासूसी मामले में कोर्ट ने पत्रकार राजीव शर्मा को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा

नई दिल्ली, 21 सितम्बर । दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने चीन से जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा को सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। राजीव शर्मा को 14 सितंबर को आफिशियल सिक्रेट्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था।

राजीव शर्मा ने पटियाला हाउस कोर्ट में जमानत याचिका भी दायर की है जिसमें कहा गया है कि उसे झूठे तरीके से फंसाया गया है और उसने कोई अपराध नहीं किया है। राजीव शर्मा को 14 सितंबर को दिल्ली के जनकपुरी से गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के मुताबिक राजीव शर्मा को आफिशियल सिक्रेट्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था। उनके पास से रक्षा संबंधी गोपनीय दस्तावेज बरामद किया गया था।

राजीव शर्मा की ओर से वरिष्ठ वकील अदीश सी अग्रवाल ने जमानत याचिका में कहा है कि राजीव शर्मा के पास से कोई पुख्ता साक्ष्य नहीं मिला है। याचिका में कहा गया ह कि राजीव शर्मा का समाज से गहरा नाता है। राजीव शर्मा की पत्नी वेंकटेश्वर कॉलेज में प्रोफेसर हैं। ऐसे में आरोपी के भागने की कोई संभावना नहीं है। याचिका में कहा गया है कि अब राजीव शर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की कोई जरुरत नहीं है।

याचिका में कहा गया है कि राजीव शर्मा 61 वर्ष के हैं और उन्हें साइनस की गंभीर बीमारी है। साइनस का दो बार आपरेशन भी हो चुका है। साइनस के इलाज के लिए उन्हें हमेशा एक नेबुलाइजर की जरुरत होती है। उन्हें रक्तचाप की बीमारी है जिसकी वजह से वे पिछले दस सालों से दवा ले रहे हैं। याचिका में कहा गया है कि राजीव शर्मा को कोरोना के संक्रमण का खतरा ज्यादा है।

याचिका में कहा गया है कि राजीव शर्मा के खिलाफ दर्ज एफआईआर की प्रति स्पेशल सेल उपलब्ध नहीं करवा रहा है। यहां तक कि दिल्ली पुलिस की वेबसाइट पर इस एफआईआर को आनलाइन अपलोड भी नहीं किया गया है। बता दें कि राजीव शर्मा की निशानदेही पर एक चीनी महिला और एक नेपाली मूल के व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों पर आरोप है कि वे राजीव शर्मा को फर्जी कंपनियों के जरिये पैसा मुहैया कराते थे।

(हि.स.)

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