Delhi Pollution News : प्रदूषण को लेकर केजरीवाल सरकार एक्यूएमसी के समक्ष दायर करेगी याचिका

नई दिल्ली, 13 नवम्बर । दिल्ली में प्रदूषण को लेकर चिंता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम बीते कई साल से देख रहे हैं कि अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर के महीने में प्रदेश में प्रदूषण बढ़ जाता है, जिसका एक बड़ा कारण पराली का जलाया जाना है। उन्होंने कहा कि अब हम पूसा इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट लेकर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (एक्यूएमसी) के समक्ष याचिका दायर करने वाले हैं ताकि पराली गलाने के लिए इस केमिकल का इस्तेमाल हो।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि देश में कृषि के अग्रणी संस्थानों में से एक पूसा इंस्टीट्यूट ने पराली को जलाए बिना गलाकर खाद में बदलने का तरीका ढूंढ लिया है। उनकी इस नई खोज को दिल्ली सरकार ने आगे बढ़ाया है। हमने 13 अक्टूबर से दिल्ली की कृषि योग्य भूमि पर पूसा इंस्टीट्यूट द्वारा बनाए गए केमिकल का छिड़काव कराया। अब उसके नतीजे आ गए हैं। लगभग 20 दिन बाद दिल्ली के 24 गांवों से रिपोर्ट आई है कि जहां पराली पर केमिकल का छिड़काव किया गया था, वहां वह गलकर खाद में बदल गई है। यह परिणाम बेहद उत्साहजनक हैं और अब केंद्र से लेकर राज्य सरकारों तक को फैसला करना है कि पिछले सालों की तरह आगे भी पराली जलती रहेगी या फिर इस केमिकल का छिड़काव किया जाएगा।

केजरीवाल ने कहा कि यह बेहद ही सस्ता केमिकल है। 30 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से यह इस्तेमाल होता है। केजरीवाल ये रिपोर्ट लेकर एक्यूएमसी के समक्ष याचिका दायर करने वाले हैं ताकि पराली गलाने के लिए इस केमिकल का इस्तेमाल हो।

(हि.स.)

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