आकांक्षात्मक जिलों की तरह विकास खंडों का भी हो विकास: आदित्यनाथ

  • -देश के आकांक्षात्मक 112 जिलों में बेहतर कार्य करने वाले शीर्ष-10 में यूपी के पांच जिले शामिल

लखनऊ, 18 मई । उत्तर प्रदेश में आकांक्षात्मक जिलों की तरह आकांक्षात्मक विकास खंडों का चयन कर उसे विकसित किये जाने पर कार्य शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आकांक्षात्मक जिलों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए विकास खंडों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को टीम-09 के अधिकारियों के साथ आकांक्षात्मक जिलों की प्रगति की समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि नीति आयोग द्वारा चिह्नित प्रदेश के आठ आकांक्षात्मक जिलों- बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र, चंदौली, फतेहपुर, चित्रकूट, बहराइच और श्रावस्ती में विकास के सभी मानकों पर सराहनीय कार्य किया जा रहा है। नीति आयोग के सतत रियल टाइम मॉनीटरिंग डैशबोर्ड (चैंपियन ऑफ चेंज) के अनुसार जारी रैंकिंग में इन जिलों ने अच्छा स्थान प्राप्त किया है। देश के कुल 112 आकांक्षात्मक जिलों में सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने वाले जिलों की नवीनतम सूची में हमारे पांच जिले शीर्ष-10 में शामिल हैं। बलरामपुर प्रथम स्थान पर है। यह स्थिति संतोषजनक है।

उन्होंने कहा कि आकांक्षात्मक जिलों के तय विकास मानकों के संबंध में स्थिति का सतत आकलन किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि डेटा सटीक हो, त्रुटिरहित हो और सही स्थिति को दर्शाता हो। डेटा की जांच के लिए स्वतंत्र एजेंसियों का सहयोग लेने पर भी विचार किया जाए।

आकांक्षात्मक जिलों की तर्ज पर ही 100 आकांक्षात्मक विकासखंडों के चयन कर इनके सामाजिक आर्थिक सुधार के लिए विशिष्ट प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास तथा आधारभूत संरचना के विविध मानकों पर इन आकांक्षात्मक विकासखंडों के समग्र विकास के प्रयास किए जाएं। विकास इंडिकेटर में बीसी सखी, ग्राम सचिवालय, अमृत सरोवर जैसे दूरगामी परिणामदायक प्रयासों को भी सम्मिलित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च 2022 को बेसलाइन मानते हुए चयनित इंडिकेटर पर ब्लॉकवार सूचना वर्तमान माह के अंत एक एकत्रित कर ली जाए। इसके उपरांत हर माह की 15 तारीख तक संबंधित जिले प्रगति विवरण फीड करें। इसकी पुष्टि संबंधित विभागों से भी कराई जाए। आकांक्षात्मक विकास खंडों की सतत मॉनीटरिंग और वास्तविक स्थिति के सटीक आंकलन के लिए आईआईटी कानपुर और आईआईएम लखनऊ के विद्यार्थियों का सहयोग लिया जाना चाहिए। राज्य सरकार के प्राविधिक एवं तकनीकी विश्वविद्यालयों, संस्थानों के छात्रों को भी इससे जोड़ा जाए।

आदित्यनाथ ने कहा कि आकांक्षात्मक विकास खंडों में तैनात होने वाले ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (बीडीओ) को अन्यत्र किसी और ब्लॉक का अतिरिक्त प्रभार न दिया जाए। इन क्षेत्रों में अपेक्षाकृत युवा, ऊर्जावान और विजनरी अधिकारियों की तैनाती की जानी चाहिए। संबंधित एसडीएम को इस विकास खंड का नोडल अधिकारी नामित किया जाए। यह नोडल अधिकारी विकास खंड में होने वाले विकास कार्यों, उपलब्ध कराए जा रहे डेटा की शुचिता और वास्तविकता के प्रति जवाबदेह होगा।

(हि.स.)

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