Education Policy News : वर्तमान की बढ़ती जरूरतों के लिए प्रासंगिक है नई शिक्षा नीति : राष्ट्रपति

नई दिल्ली, 11 मार्च । राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने नई शिक्षा नीति को वर्तमान की बढ़ती जरूरतों के लिए प्रासंगिक करार देते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 अनुसंधान और कौशल पर आधारित एक आधुनिक शिक्षा प्रणाली को लागू करने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज में परिवर्तन का मुख्य स्रोत है और युवा सामाजिक परिवर्तन के सबसे शक्तिशाली घटक हैं।

राष्ट्रपति कोविंद गुरुवार को चेन्नई स्थित अन्ना विश्वविद्यालय के 41वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अन्ना विश्वविद्यालय में आना उनके लिए सम्मान की बात है क्योंकि पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ ए.पी.जे. अब्दुल कलाम भी इस विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र थे।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के बारे में राष्ट्रपति ने कहा कि ज्ञान वह आधार है जिस पर प्रत्येक व्यक्ति का चरित्र निर्मित होता है। उन्होंने दोहराया कि शिक्षा परिवर्तन के लिए उत्प्रेरक है और युवा सामाजिक परिवर्तन के सबसे शक्तिशाली घटक हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षित युवा को सही दिशा दिए जाने से इतिहास के पाठ्यक्रम में क्रांतिकारी परिवर्तन आ सकते हैं। यही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि नीति नैतिक मूल्यों को बढ़ाने और भारतीय संस्कृति की समझ को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह हमारी राष्ट्रीय आकांक्षाओं के अनुरूप, हमारे देश को विकास की महान ऊंचाइयों पर ले जाने वाले शोधकर्ताओं और पेशेवरों की एक ब्रिगेड तैयार करेगी।

राष्ट्रपति ने महिलाओं की शिक्षा में बढ़ती भागीदारी पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मुझे बताया गया है कि स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर के एक लाख से अधिक उम्मीदवार आज डिग्री प्राप्त कर रहे हैं। इनमें से लगभग 45 प्रतिशत महिलाएं हैं। आज स्वर्ण पदक और प्रथम श्रेणी की डिग्री प्राप्त करने वाले कुल छात्रों में से 60 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं।

उन्होंने कहा कि इसरो के साथ मिलकर एक उपग्रह को डिजाइन, विकसित और संचालित करने वाला पहला भारतीय विश्वविद्यालय होने को गौरव अन्ना विश्वविद्यालय को प्राप्त है। एएनयूएसटी नामक यह उपग्रह न केवल एक उपलब्धि है, बल्कि दुनिया भर के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है।

(हि.स.)

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