दुनिया में पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा, पर्यावरण की सुरक्षा हर किसी का कर्तव्य: गहलोत

जोधपुर, 30 अगस्त । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि दुनिया में पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है। जिससे आने वाला समय खतरे से कम नहीं है। तापमान बढऩे से लेकर कई आपदाएं आती है। पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण हम सब का कर्तव्य और दायित्व है। इसके लिए ना सिर्फ सरकारी स्तर पर कार्य हो बल्कि इसके संरक्षण के लिए सोसायटियों को भी कार्य करना होगा। आज पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन की सर्वोपरि जरूरत है। वे आज अपने प्रवास के दूसरे दिन ने 73वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव एवं पद्मश्री कैलाश सांखला स्मृति वन कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कैलाश सांखला स्मृति वन के व्यापक और बहुआयामी विकास से यह देश दुनिया में अपनी अनूठी पहचान कायम करेगा। इससे पर्यटकों का आकर्षण बढ़ेगा और और जोधपुर के लिए नवीन पर्यटन स्थल विकसित होगा।

सामुदायिक भागीदारी पर जोर:

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण का खतरा देश दुनिया में है। इसको लेकर दुनिया भर में चर्चाएं और विचार विमर्श होता रहा है। आज भी विश्वभर के देश इसको लेकर चिंता व्यक्त करते है। पर्यावरण सुरक्षा एवं संरक्षण में इसके विकास में सामुदायिक भागीदारी होना जरूरी है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने विभिन्न संगठनों संस्थाओं आदि के माध्यम से व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जाकर जन भागीदारी सुनिश्चित की गई है। उन्होंने इसके विकास में अधिक से अधिक जन भागीदारी पर जोर दिया और समय-समय पर नियमित सहभागिता निभाने के सुरक्षित संरक्षण, पल्लवन और विकास के लिए अपील की।

वन महोत्सव का शुभारंभ:

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पद्मश्री कैलाश सांखला स्मृति वन में मंगलवार को पौधारोपण कर 73वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव का शुभारंभ किया और स्मृति वन में व्यापक पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, व्यवसायियों और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ ही आमजन ने भी विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए।

प्रदर्शनी का अवलोकन :

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 73वें राज्य स्तरीय वन महोत्सव के अंतर्गत पद्मश्री कैलाश सांखला स्मृति वन में वन विभाग की ओर से लगाई गई वृहत प्रदर्शनी का अवलोकन किया ।इस प्रदर्शनी में विभिन्न बायोलॉजिकल पार्क, वन खंड, वन विभाग की गतिविधियां और उपलब्धियों के बारे में रंगीन छाया चित्रों के साथ जानकारी का समावेश किया गया है। उन्होंने वन विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों से वन विकास तथा प्रदर्शित जानकारी के बारे में चर्चा की। साथ ही वनोपज, वनोषाधियों, और हर्बल प्रोडक्ट्स तथा हस्तशिल्प उत्पादों के स्टाल्स का अवलोकन किया और इन्हें बनाने वाले स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधियों से चर्चा की और उत्पादों के बारे में जानकारी ली।

लवकुश वाटिका का शिलान्यास:

इस अवसर पर उन्होंने 2 करोड़ की लागत से बनने वाली लव कुश वाटिका तथा 5 करोड़ की लागत से बनने वाले बॉटनिकल गार्डन का शिलान्यास किया।

सुबह सर्किट हाउस में जनसुनवाई:

इस कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने सुबह सर्किट हाउस में जनसुनवाई कर लोगों की परिवेदनाएं जानी। उन्हें कार्य को लेकर आश्वस्त किया और साथ ही संबंधित विभाग अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए।

(हि.स.)

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