Farmers conference Jharkhand Congress : मोदी सरकार ने जमींदारी प्रथा को पुनः बहाल करने का काम किया है , रामेश्वर

रांची, 10 अक्टूबर : अखिल भारतीय कांग्रेस के निर्देशानुसार कृषि कानून के विरोध में प्रदेश कांग्रेस की ओर से शनिवार को किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। किसान सम्मेलन प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रामेश्वर उरांव के डिप्टी पाड़ा स्थित आवास में किया गया। जिसमें विभिन्न जिलों के किसान शामिल हुए। उरांव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उनकी सरकार ने तीन काले कानूनों को संसद से पारित कर देश के 62 करोड़ अन्नदाताओं व खेत खलिहानों पर सीधा हमला कर अपने पूंजीपति मित्रों का हित साधने तथा देश मे वर्षों पूर्व कांग्रेस पार्टी द्वारा समाप्त किये गए जमींदारी प्रथा को पुनः बहाल करने का काम किया है। जमाखोरों मुनाफाखोरों को बढ़ावा देने का काम किया है। मोदी सरकार के दोनों कार्यकाल में देश के अर्थव्यवस्था की रीढ कृषि गहरे संकट में चला गया है। समय पर न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलने से किसानों पर कर्ज का बोझ बढ़ता चला गया। नोटबन्दी जैसे कदम ने नकद आधारित कृषि अर्थव्यवस्था को झकझोर कर रख दिया हैं । मोदी सरकार ने तीन काले कानूनों माध्यम से किसान , खेत मजदूर छोटे दुकानदार , मंडी मजदूर एवं कर्मचारियों की आजीविका पर एक क्रूर हमला किया है। मोदी सरकार का यह प्रयास देश की हरित क्रांति पर हमला है।
किसानों से एमएसपी छीन जाएगी। उन्हें कांट्रेक्ट फार्मिंग के जरिए पूंजीपतियों का गुलाम बनने पर मजबूर किया जाएगा। न दाम मिलेगा, न सम्मान।

किसान अपने ही खेत पर मजदूर बन जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा देश के ऊपर जबरन थोपा गया यह तीन काला कृषि कानून ईस्ट इंडिया कम्पनी राज की याद दिलाता है।

एक सजग राजनैतिक विपक्ष होने के नाते हम ये अन्याय नहीं होने देंगे। बहुमत के नशे में अन्नदाता किसान की बात सुनना तो दूर, भाजपा एवं उनके एनडीए के साथियों के द्वारा संसद में उनके नुमाईंदो की आवाज को दबाया जा रहा है और सड़कों पर किसान मजदूरों को लाठियों से पिटवाया जा रहा है। कांग्रेस विधायकदल के नेता आलमगीर आलम ने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग देश के किसानों को अपनी ही जमीन पर मजदूर बनाए जानेवाला कदम है। तीन कृषि कानून देश के संसदीय इतिहास में काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि मोदी सरकार जमींदारी प्रथा को पुनः लागू करना चाहती है। गरीब किसान विरोधी मोदी खुद मोदी की बात क्यों नही मानते। क्यों किसानों को खून के आँसू रुला रहे हैं। कोरोना संकट व भाजपा के गलत नीतियों के कारण दम तोड़ती अर्थव्यवस्था को सहारा देनेवाले व देश को सही मायने में आत्मनिर्भर बनानेवाले कृषि क्षेत्र को गलत नीतियों व काले कानूनों के कारण लगातार बर्बाद हुआ है।

कृषि एवं सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ही ऐसी पार्टी है जो किसानों के दर्द समझती है । देश के कई राज्यों में कांग्रेस द्वारा सत्ता संभालते ही किसानों को राहत देने के लिए तत्काल कर्ज माफी की गई। झारखण्ड में भी हमलोगों ने इस कार्य को आरम्भ कर दिया है। इस अवसर पर कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आलोक दुबे, राजेश गुप्ता, लाल किशोर नाथ शाहदेव आदि उपस्थित थे।

एजेंसी

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