Flood : बाढ़ को लेकर मोदी और शाह ने की शिवराज से चर्चा, 5800 को बचाया गया, 12 की मौत

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भोपाल, 04 अगस्त : मध्यप्रदेश के ग्वालियर चंबल अंचल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सेना की मदद से राहत एवं बचाव कार्य दिनरात जारी हैं और अब तक 5800 से अधिक लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। हालाकि लगभग एक दर्जन ग्रामीणों की मृत्यु की सूचनाएं मिली हैं।

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फोन पर चर्चा कर ताजा हालातों की जानकारी ली। श्री मोदी ने मंगलवार को भी दो बार श्री चौहान से चर्चा कर आश्वासन दिया था कि केंद्र बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए हरसंभव मदद मुहैया कराएगी। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी आज श्री चौहान से फोन पर चर्चा की। श्री चौहान ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी दी।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार श्री चौहान ने श्री मोदी को बताया कि राज्य में शिवपुरी, श्योपुर, दतिया, ग्वालियर, गुना, भिंड और मुरैना जिलों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दिनरात राहत एवं बचाव कार्य जारी है और आज सुबह से लगभग 5800 नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इन जिलों के 1225 गांव प्रभावित हुए हैं। एक अनुमान के अनुसार लगभग 1400 लोग अब भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के लिए सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की मदद ली जा रही है।

श्री चौहान ने कहा कि एसडीआरएफ की 29 टीम बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में बचाव कार्य में जुटी हैं। एनडीआरएफ की तीन टीम ग्वालियर और दो टीम शिवपुरी जिले में बचाव कार्य में जुटी हैं। सेना के ‘चार कॉलम’ शिवपुरी, दतिया, ग्वालियर और श्योपुर में बचाव कार्य में लगे हैं। वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद पिछले तीन दिनाें से ली जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान में कोटा बैराज से पानी छोड़ने के कारण मध्यप्रदेश के उत्तरी अंचल में चंबल नदी का जलस्तर बढ़ा है। इस वजह से चंबल संभाग के मुरैना जिले के कुछ गांवों के प्रभावित होने की आशंका के चलते प्रशासन ने आवश्यक ऐहतियाती कदम उठाए हैं। श्री चौहान ने कहा कि श्योपुर जिले में मोबाइल फोन टॉवर और संचार व्यवस्थाएं कुछ स्थानों पर बंद हैं। इन्हें वापस शुरू करने के प्रयास जारी हैं। ग्वालियर और गुना रेलवे ट्रैक बंद है।

सूत्रों का कहना है कि श्री मोदी ने श्री चौहान को केंद्र की ओर से सभी आवश्यक मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया है। इसी तरह का आश्वासन श्री शाह ने भी श्री चौहान को दिया है।

श्री चौहान और वरिष्ठ अधिकारी भोपाल में राज्य मंत्रालय में स्थित अत्याधुनिक संचार साधनों से युक्त राज्य सिचुएशन रूम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं। यहीं से प्रभावित क्षेत्रों के लिए आवश्यक दिशानिर्देश भी दिए जा रहे हैं। मौसम साफ होने की स्थिति में श्री चौहान आज दिन में वायुयान से ग्वालियर जाएंगे और वहां से हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा करेंगे। दूसरी ओर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा भी बाढ़ प्रभावित दतिया जिले में पहुंच गए हैं और बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं।

यूनीवार्ता को मिली खबरों के अनुसार शिवपुरी, श्योपुर, दतिया, ग्वालियर, भिंड, मुरैना और गुना आदि जिलों में पिछले तीन चार दिनों से बाढ़ की स्थिति बनी हुयी है। क्षेत्र में अब भी 1400 से अधिक नागरिक बाढ़ के पानी में फसे हैं। उन्हें बचाने के लिए सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस की मदद से राहत एवं बचाव कार्य रात भर चले। सुबह से वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से बचाव कार्य फिर प्रारंभ किए गए। हेलीकॉप्टर की मदद से पिछले दो दिनों से दर्जनों ग्रामीणों को बाढ़ वाले क्षेत्र से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

श्री चौहान ने बुधवार को भोपाल में मीडिया से चर्चा में कहा कि बाढ़ के कारण प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को काफी नुकसान पहुंचने की खबरे हैं। शिवपुरी जिले में सात नागरिकों और पांच अन्य के शेष बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मृत्यु की सूचनाएं हैं। दो युवक मोटरसाइकल से बाढ़ प्रभावित एक नदी का नजारा देखने गए थे, लेकिन दुर्भाग्यवश वे दोनों ही पानी में बह गए। एक का शव मिल गया और दूसरे की तलाश की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे सभी संयम से कार्य करें और सरकार श्रेष्ठ राहत एवं बचाव के पूरे प्रयास कर रही है।

प्रशांत, वार्ता

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