GST Council 46th Meeting: आम जनता को राहत, 1 जनवरी से नहीं लागू होगी कपड़ों पर जीएसटी की बढ़ी हुई दर : जीएसटी काउंसिल का फैसला

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में जीएसटी परिषद की 46वीं बैठक खत्म हो चुकी है और दोपहर 3 बजे इस बैठक के परिणामों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इससे पहले बैठक के बाद लिए गए फैसलों के बारे में बताते हुए हिमाचल प्रदेश के उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने अहम जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि जीएसटी परिषद ने कपड़ों पर जीएसटी की दर में वृद्धि 5% से 12% तक करने को स्थगित करने का निर्णय लिया है। परिषद फरवरी 2022 में अपनी अगली बैठक में इस मामले की समीक्षा करेगी।

काउंसिल की बैठक में एक ओर जहां कपड़ों पर जीएसटी दरों में बढ़ोतरी को फरवरी 2022 तक के लिए टाल दिया गया है। गौरतलब है कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों द्वारा इस कदम का विरोध किए जाने के बाद जीएसटी परिषद ने अपने फैसले पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में और राज्य के समकक्षों की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की 46 वीं बैठक ने अपनी अगली बैठक में इस मुद्दे पर और विचार करने का निर्णय लिया।

वर्तमान में मानव निर्मित फाइबर (एमएमएफ) पर जीएसटी की दर 18 प्रतिशत, एमएमएफ यार्न पर 12 प्रतिशत है, जबकि कपड़े पर 5 प्रतिशत की दर से लागू होती है। परिषद ने बीते 17 सितंबर को संपन्न हुई अपनी पिछली बैठक में फुटवियर और कपड़ा क्षेत्रों में जीएसटी दर के ढांचे में बदलाव का फैसला किया था।

जीएसटी काउंसिल की बैठक में निर्णय लिया गया कि 1 जनवरी, 2022 से सभी फुटवियर पर 12 फीसदी जीएसटी लगेगा, चाहे इन जूते-चप्पलों की कीमत कुछ भी क्यों न हो। यानी जूता चाहे 100 रुपये का हो या फिर 1000 रुपये का सभी पर 12 फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा। इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि रेडीमेड कपड़ों सहित कपास को छोड़कर कपड़ा उत्पादों पर 12 प्रतिशत समान जीएसटी दर लागू होगी। 

ऐसा माना जा रहा था कि आज की बैठक में स्लैब घटाए जा सकते हैं। जीएसटी काउंसिल ने बैठक में 12 फीसदी और 18 फीसदी के स्लैब को मिलाए जाने पर चर्चा तो की, लेकिन इस पर फैसला नहीं लिया जा सका। रिपोर्ट के मुताबिक, अब जूते-चप्पल पर टैक्स कम करने और दो स्लैब को आपस में मिलाने के बारे में काउंसिल की अगली बैठक में विचार किया जाएगा।

-Agenct

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *