Gumla (Jharkhand): कलम-किताब लेकर स्कूल आने वाले बच्चों से कराई जा रही मजदूरी

गुमला, 21 नवंबर । प्राथमिक शिक्षा के लिए सरकार हर साल करोड़ों रुपये खर्च करती है ताकि सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी पढ़-लिख कर बेहतर भविष्य बना सकें, लेकिन कुछ शिक्षक ही सरकार की मंशा पर कुठाराघात करने पर उतारू हैं। मामला चैनपुर प्रखंड के आरसी मध्य विद्यालय मालम नवाटोली का है। जहां शिक्षा ग्रहण करने किताब-कॉपी, कलम लेकर पहुंचे बच्चों से यहां के शिक्षकों के द्वारा कुदाल, ईंट , बालू, मिट्टी ढुलवा कर पेशेवर मजदूरों की तरह मजदूरी करवाई जा रही है। यहां पर नये विद्यालय भवन का निर्माण हो रहा है। साथ ही जल मीनार का निर्माण का कार्य चल रहा है लेकिन काम के लिए मजदूरों को ना बुलाकर यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं से मजदूरी कराई जा रही है।

छात्र-छात्राओं के माता-पिता का कहना है कि वे अपने बच्चों को स्कूल पढ़ने के लिए भेजते हैं, ताकि उनका भविष्य उज्जवल हो सके, जबकि स्कूल में उनसे मजदूरी कराई जा रही है। कलम थामने की उम्र में बच्चों के हाथों में स्कूल प्रबंधक ने कुदाल थमा दी है। मजदूरी नहीं देनी पड़े, इसके लिए विद्यालय के शिक्षकों ने इन बच्चों को पढ़ाई कराने के बजाय ईंट, बालू तथा मिट्टी ढोने के काम पर लगा दिया है। उन्होंने कहा कि बच्चे पढ़ लिखकर काबिल बनें, इसके लिए हम कठोर परिश्रम करते हैं और बच्चों को स्कूल भेजते हैं। हमारे बच्चे स्कूल जाकर शिक्षा पाने की जगह मजदूरी का काम कर रहे हैं। यह काफी दुर्भाग्य की बात है।

स्कूल में मजदूरी कर रहे बच्चों से मीडिया कर्मियों ने पूछा कि आप स्कूल पढ़ने आते हैं तो यहां मजदूरी का काम क्यों कर रहे हैं। उन बच्चों ने बताया कि सिस्टर ग्लोरिया के कहने पर हम यहां मजदूरी का काम कर रहे हैं। बच्चों ने बताया कि सुबह विद्यालय आने के कुछ देर बाद से ही हमें मजदूरी का काम कराया जा रहा है। आए दिन शिक्षकों के द्वारा हमसे इस तरह का काम कराया जाता है।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक फादर रोबिन कुजूर से मीडिया कर्मियों ने मिलना चाहा तो पता चला वह किसी मीटिंग में गए हुए थे। फोन के माध्यम से उन्हें सूचना हुई जिसके बाद वह विद्यालय पहुंचे। हालांकि प्रधानाध्यापक ने भी मीडिया कर्मियों के सवाल पर कोई ठोस जवाब नहीं दिए। उन्होंने कैमरे पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

विद्यालय के सहायक शिक्षक सुबोध लकड़ा ने कहा कि बच्चों से टिफिन के टाइम में काम कराया जाता है।

इस संबंध में चैनपुर बीईओ अलमा सलोमी जोजो से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने मीटिंग में हैं बाद में बात करते हैं, कहते हुए फोन काट दिया। स्कूल प्रबंधन के इस कृत्य से अभिभावक काफी आक्रोशित हैं।

हिन्दुस्थान समाचार

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