Gurjar Aandolan Update : 10वें दिन भी पटरी पर आंदोलकारी, 223 के खिलाफ मुकदमे दर्ज

जयपुर/करौली, 10 नवम्बर। एमबीसी आरक्षण समेत विभिन्न मांगों को लेकर करौली जिले के बयाना स्थित पीलूपुरा से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई रेल ट्रैक पर कब्जा कर बैठे गुर्जर आंदोलनकारियों से सुलह की सारी कोशिशें नाकाम हो चुकी हैं।
बैकलॉग में नियुक्ति की मुख्य मांग को लेकर गुर्जर आंदोलन पर अड़े हुए हैं। सोमवार को सरकार के साथ हुई दूसरे दौर की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद गुर्जर आंदोलनकारियों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है। इस बीच पुलिस की ओर से पीलूपुरा ट्रेक पर रेलमार्ग बाधित कर बैठे 223 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने से माहौल गर्मा गया है। गुर्जर आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि उनकी मांगे नहीं मानी गई तो उनकी दिवाली रेल पटरियों पर ही मनेगी।

आंदोलन खत्म करवाने के लिए सोमवार को खेल मंत्री अशोक चांदना ने कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के साथ उनके घर पर वार्ता की, लेकिन गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति बैकलॉग में नियुक्ति पत्र और लिखित आश्वासन की मांग पर अड़ी रही। वार्ता बेनतीजा होते ही इतने दिनों से कार्रवाई से बच रही पुलिस एक्शन मोड में आ गई। देर शाम पुलिस ने पीलूपुरा ट्रेक पर रेल मार्ग बाधित कर बैठे 223 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया।

वार्ता के बाद गुर्जर नेता विजय बैंसला ने कहा कि सरकार के मंत्री अशोक चांदना के साथ हुई वार्ता विफल रही। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रक्रियाधीन भर्ती और बैकलॉग पर कोई सकारात्मक जबाव नहीं दिया। अभी भी हम रेलवे ट्रैक पर हैं और आंदोलन जारी रहेगा। वार्ता खत्म होने के बाद खेल मंत्री अशोक चांदना ने कहा कि संघर्ष समिति ने अपनी 6 मांगें सरकार के समक्ष रखी थी, जबकि मुख्यमंत्री ने 14 मांगों को पूरा किया है। चांदना ने कहा कि बैकलॉग भर्ती प्रक्रिया का मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि न्यायिक आदेश की राज्य सरकार पालना करेगी। चांदना ने साफ कर दिया कि गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति और राज्य सरकार के बीच अब अगली वार्ता जयपुर में ही होगी।

(हि.स.)

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